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Navratri 2024: मैहर में नवरात्र में मीट की दुकानों को बंद करने का फरमान जारी, अंडे बेचने पर भी प्रतिबंध
Sun, 29 Sep 2024 10:59 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 29 Sep 2024 10:59 PM IST
सार
नॉनवेज लवर्स के लिए यह अहम खबर है। अगले नौ दिन तक मैहर में नॉनवेज उपलब्ध नहीं हो पाएगा, क्योंकि शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर से शुरू हो रही है।
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मैहर का मां शारदा मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के मैहर नगरी क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि के त्योहार को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने क्षेत्र में 9 दिनों तक यानी 12 अक्टूबर तक के लिए मीट बेचने पर रोक लगा दी है। मैहर एसडीएम की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। गुरुवार (3 अक्टूबर 2024) से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है। इसी को देखते हुए एसडीम ने ये फैसला लिया है। इसका पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
मैहर एसडीएम विकास सिंह ने बताया कि धार्मिक नगरी में मां शारदा देवी के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रृद्धालु मैहर आते हैं। नवरात्रि मेला के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत सम्पूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर की मध्य रात्रि तक मांस-मछली और अण्डे के क्रय-विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डनीय होगा।
मैहर में इन 9 दिन हिंदू धर्म के अनुसार मां शारदा के विभिन्न रूपों की आराधना की जाएगी। उसके बाद कन्या पूजन कर नवरात्र के आयोजन का समापन होगा। इन दिनों अधिकतर लोग 9 दिन तक व्रत रखकर मां शारदा की आराधना करते हैं। सनातन धर्म के मुताबिक इन दिनों केवल सात्विक भोजन ही किया जाता है। इसके अलावा व्रत रखने वाले लोग यदि नॉनवेज देख लें तो माना जाता है कि उनका व्रत भी भंग हो जाता है। इसलिए इसे ध्यान में रखते हुए मैहर नगरी क्षेत्र में मीट की सभी दुकानों को बंद रखे जाने का फरमान जारी किया गया है।
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शक्तिपीठ है मैहर
मैहर में त्रिकुट पर्वत पर स्थित मां शारदा के मंदिर को मैहर देवी का शक्तिपीठ कहा जाता है। यहां शारदीय नवरात्रि के मौके पर हर साल 9 दिनों तक मेला लगता है। वहीं लाखों श्रद्धालु मां के दरबार मे माथा टेकने पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां मांगी हर मुराद पूरी होती हैं। साथ ही जिन महिलाओं को संतान की प्राप्ति नहीं होती है वो अपनी मनोकामना को लेकर मां के पास आती हैं। मां शारदा उनकी मनोकामना पूरी करती है। इसलिए भक्ति की मंदिर से आस्था जुड़ी हुई है।
देश में एकलौता मंदिर
मान्यता के अनुसार यहां मां सती का हार गिरा था। इसलिए इसे शक्तिपीठों में गिना जाता है। त्रिकुट पर्वत में 1,063 सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही मां के दर्शन किए जा सकते हैं। हालांकि अब यहां रोपवे की सुविधा भी शुरू हो गई है, जिससे श्रद्धालु माता के दर्शन आसानी से कर पाते हैं। मध्य प्रदेश का मैहर मंदिर पूरे भारत में माता शारदा का एकमात्र मंदिर है।
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मैहर एसडीएम विकास सिंह ने बताया कि धार्मिक नगरी में मां शारदा देवी के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रृद्धालु मैहर आते हैं। नवरात्रि मेला के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत सम्पूर्ण नगर पालिका क्षेत्र में 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर की मध्य रात्रि तक मांस-मछली और अण्डे के क्रय-विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डनीय होगा।
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मैहर में इन 9 दिन हिंदू धर्म के अनुसार मां शारदा के विभिन्न रूपों की आराधना की जाएगी। उसके बाद कन्या पूजन कर नवरात्र के आयोजन का समापन होगा। इन दिनों अधिकतर लोग 9 दिन तक व्रत रखकर मां शारदा की आराधना करते हैं। सनातन धर्म के मुताबिक इन दिनों केवल सात्विक भोजन ही किया जाता है। इसके अलावा व्रत रखने वाले लोग यदि नॉनवेज देख लें तो माना जाता है कि उनका व्रत भी भंग हो जाता है। इसलिए इसे ध्यान में रखते हुए मैहर नगरी क्षेत्र में मीट की सभी दुकानों को बंद रखे जाने का फरमान जारी किया गया है।
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शक्तिपीठ है मैहर
मैहर में त्रिकुट पर्वत पर स्थित मां शारदा के मंदिर को मैहर देवी का शक्तिपीठ कहा जाता है। यहां शारदीय नवरात्रि के मौके पर हर साल 9 दिनों तक मेला लगता है। वहीं लाखों श्रद्धालु मां के दरबार मे माथा टेकने पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां मांगी हर मुराद पूरी होती हैं। साथ ही जिन महिलाओं को संतान की प्राप्ति नहीं होती है वो अपनी मनोकामना को लेकर मां के पास आती हैं। मां शारदा उनकी मनोकामना पूरी करती है। इसलिए भक्ति की मंदिर से आस्था जुड़ी हुई है।
देश में एकलौता मंदिर
मान्यता के अनुसार यहां मां सती का हार गिरा था। इसलिए इसे शक्तिपीठों में गिना जाता है। त्रिकुट पर्वत में 1,063 सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही मां के दर्शन किए जा सकते हैं। हालांकि अब यहां रोपवे की सुविधा भी शुरू हो गई है, जिससे श्रद्धालु माता के दर्शन आसानी से कर पाते हैं। मध्य प्रदेश का मैहर मंदिर पूरे भारत में माता शारदा का एकमात्र मंदिर है।
