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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   National Science Day: Tribal adolescent girls know the contribution of Indian women in the field of science

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: आदिवासी किशोरियों ने जाना विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय महिलाओं का योगदान

Sun, 27 Feb 2022 05:14 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 27 Feb 2022 05:14 PM IST
सार

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है। इसके उपलक्ष्य में आदिवासी किशोरियों को भारतीय महिला वैज्ञानिकों के गत एक दशक में किए योगदान की जानकारी देने एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

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National Science Day: Tribal adolescent girls know the contribution of Indian women in the field of science
आदिवासी किशोरियों ने जाना विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय महिलाओं का योगदान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल साइंस डे के उपलक्ष्य में आदिवासी किशोरियों को भारतीय महिला वैज्ञानिकों के गत एक दशक में किए योगदान की जानकारी देने एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
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नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने ‘क्लास किशोरियों की’ कायर्क्रम का आयोजन किया। इसमें भारतीय महिला वैज्ञानिक, मंगलयान मिशन की प्रोजेक्ट मैनेजर मौमिता दत्ता, डीआरडीओ की मिसाइल वुमन के नाम से जाने जाने वाली टेसी थॉमस, चंद्रयान टू की परियोजना निदेशक मुथैया वनिता, मंगलयान मिशन की डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर रितु करढ़ाल तथा वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग के जीवन के बारे में जानकारी देकर किशोरियों को विज्ञान कैरियर के लिए प्रोत्साहित किया।
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सारिका ने बताया कि इस साल की थीम सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण है। आजादी के अमृत महोत्सव मनाते हुए जनजातीय वर्ग की किशोरियों को विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में आगे लाने के लिए सघन प्रयास की जरूरत है। जब भी कोई विद्यार्थी किसी वैज्ञानिक की बात करे तो सिर्फ पुरुष वैज्ञानिक ही दिमाग में न आएं, महिला वैज्ञानिकों के कार्यों का ध्यान आए इसके लिए उचित वातावरण बनाने की आवश्यकता है।
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क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
सर चंद्रशेखर वैंकट रमन ने 28 फरवरी 1928 को अपनी महत्वपूर्ण खोज रमन प्रभाव को सावर्जनिक किया था। उनकी इस खोज के लिए 1930 में उन्हें भौतिकी क्षेत्र में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी इस कामयाबी को याद रखने के लिए भारत में प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। पहला साइंस डे 28 फरवरी 1987 को मनाया गया था। इसको मनाने का उद्देश्य सर सीवी रमन को सम्मान देने के साथ आम लोगों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना, विज्ञान का महत्व को समझाना, बच्चों को विज्ञान के कैरियर के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
 
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