मध्यप्रदेश LIVE: सीएम कमलनाथ ने देर रात राज्यपाल से की मुलाकात, कहा- शक्ति परीक्षण को तैयार हूं
भोपाल में रविवार को खासी सियासी गहमागहमी मची रही। भोपाल में जयपुर से आए सभी विधायकों की मेडिकल जांच हुई। वहीं, कांग्रेस के 16 बागी विधायकों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर उनका इस्तीफा स्वीकार करने को कहा। उधर, सीएम कमलनाथ के आवास पर कांग्रेस विधायकों की अहम बैठक भी हुई। इसके अलावा आज मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यसूची जारी कर दी गई और इसमें बहुमत परीक्षण का कहीं जिक्र नहीं है। इस बीच भाजपा विधायक गुरुग्राम से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे जहांं से वे भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं वहीं सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात की। जानिए अबतक का अपडेट-
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विस्तार
कमलनाथ ने राज्यपाल से की मुलाकात,भाजपा विधायक भोपाल के लिए रवाना
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देर रात 12.20 बजे राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। बकौल कमलनाथ, राज्यपाल ने मुझसे कहा कि विधानसभा की कार्यवाही निर्बाध चलनी चाहिए। लिहाजा मैंने उन्हें बताया कि इस संबंध में मैं सोमवार सुबह स्पीकर से बात करूंगा। शक्ति परीक्षण का फैसला भी स्पीकर ही लेंगे। हम शक्ति परीक्षण के लिए तैयार हैं लेकिन बंधक बनाए गए विधायकों को पहले रिहा किया जाए। इससे पहले भाजपा विधायक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे जहां से वे भोपाल एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।
Haryana: Madhya Pradesh BJP MLAs, who were staying at ITC Grand Bharat Hotel in Gurugram, have reached Delhi airport. They will be flying to Bhopal tonight. pic.twitter.com/uN5HBjtmS9
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 15, 2020
शिवराज सिंह चौहान बोले- सरकार फ्लोर टेस्ट से भाग रही है
भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश सरकार पर फ्लोर टेस्ट से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब राज्यपाल ने अपने संबोधन के बाद सरकार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दे दिया है तब मुख्यमंत्री यह क्यों कह रहे हैं कि यह अधिकार स्पीकर के पास है और उनके पास नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि मैं मुख्यमंत्री को बताना चाहता हूं कि विधानसभा में जो भी होता है वह सरकार द्वारा तय किया जाता है और स्पीकर केवल सरकार द्वारा तय किए गए कार्यों के आधार पर काम करते हैं।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश सरकार ने अपना बहुमत खो दिया है, यही कारण है कि मुख्यमंत्री इससे दूर भाग रहे हैं। हम सरकार से कल विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहेंगे। मुख्यमंत्री ने तो पहले कहा था कि वह एक फ्लोर टेस्ट चाहते हैं, फिर वह ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? हमारी एकमात्र मांग फ्लोर टेस्ट है।
गोपाल भार्गव बोले- सरकार को कराना होगा बहुमत परीक्षण
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राजभवन से निकलकर कहा कि सरकार को बहुमत परीक्षण कराना आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा है कि वे इसपर शीघ्र निर्णय लेंगे। सीएम कमलनाथ द्वारा विधायकों की अनुपस्थिति पर बहुमत परीक्षण नहीं कराने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही विधायक गैरमौजूद हैं। इसमें भाजपा की कोई भी भूमिका नहीं है। कांग्रेस अपने विधायकों के लिए स्वयं जिम्मेदार है।
मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यसूची जारी
मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यसूची जारी कर दी गई है। इसमें बहुमत परीक्षण का जिक्र नहीं है। इसमें सिर्फ राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र है। इसके आधार पर कहा जा सकता है कि सोमवार को सदन में कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण का प्रस्ताव शायद न आए। यानि बहुमत परीक्षण पर संशय नजर आ रहा है।
इससे पहले मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने बहुमत परीक्षण को लेकर टिप्पणी से इनकार कर दिया था। इस तरह से अब सभी की निगाहें उनपर ही लगी हैं कि क्या वह सोमवार को सदन में कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण करवाएंगे।
सपा करेगी कांग्रेस का समर्थन
सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस सरकार को समर्थन देने का एलान किया है। सपा ने विधायक राजेश शुक्ला को बहुमत परीक्षण के दौरान कांग्रेस सरकार का समर्थन करने का निर्देश दिया है।
सीएम कमलनाथ के आवास पर पहुंचे कांग्रेस विधायक
सियासी हलचल के बीच तमाम कांग्रेस विधायक सीएम कमलनाथ के आवास पर पहुंचे जहां विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में करीब 80 विधायकों के पहुंचने की सूचना मिली। मंत्री तरुण भनोत के अनुसार, बैठक में बजट प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जबकि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।
Bhopal: Congress MLAs arrive at the residence of CM Kamal Nath for legislative party meet. #MadhyaPradesh https://t.co/AVlXQDzSxc pic.twitter.com/xFj0CM3KNP
— ANI (@ANI) March 15, 2020
कांग्रेस के 16 बागी विधायकों का स्पीकर को पत्र
बंगलूरू में ठहरे सिंधिया खेमे के मध्यप्रदेश कांग्रेस के 16 बागी विधायकों ने रविवार को विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र फिर से भेजा है। इसमें कहा गया है कि जिस प्रकार शनिवार को इनके छह विधायक साथियों के त्यागपत्र मंजूर किए गए हैं, उसी प्रकार ये इस्तीफे भी मंजूर किए जाएं। इन विधायकों के नाम हैं-
- जजपाल जज्जी, बृजेंद्र यादव, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव, गिरिराज दंडोतिया, मनोज चौधरी, ओपीएस भदौरिया, रक्षा संतराम सरोनिया, सुरेश धाकड़, राज्यवर्धन सिंह, बिसाहूलाल सिंह, हरदीप सिंह डांग, जसवंत जाटव, मुन्नालाल गोयल, आर कंषाना, अदलसिंह कंषाना।
विधायकों का मेडिकल टेस्ट
मध्यप्रदेश में जारी सियासी ड्रामे के बीच जयपुर में ठहरे 82 कांग्रेसी विधायक (निर्दलीय भी शामिल) भोपाल पहुंच गए। इन विधायकों को कड़ी सुरक्षा में मैरियट होटल ले जाया गया। यहां इन सभी का मेडिकल चेकअप हुआ। एक-एक कर सभी विधायकों की जांच हुई। इससे पहले कमलनाथ सरकार ने वल्लभ भवन में राज्य कैबिनेट की बैठक ली। इसमें सभी विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने और सभी स्कूल, कॉलेजों को अगले आदेश तक बंद करने का फैसला लिया गया था।
(इंदौर 1 के विधायक संजय शुक्ला का परीक्षण करते हुए डॉक्टर)
भाजपा की मांग, हाथ उठाकर कराया जाए मतदान
रविवार को भाजपा नेताओं ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर मांग की कि विधानसभा में इलेक्ट्रानिक वोटिंग प्रणाली काम नहीं करने की स्थिति में शक्ति परीक्षण के दौरान मत विभाजन विधायकों का हाथ उठाकर कराने की व्यवस्था की जाए। टंडन से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि उन्हें पता चला है कि विधानसभा में इलेक्ट्रानिक वोटिंग प्रणाली काम नहीं कर रही है, इसलिए हमने राज्यपाल से आग्रह किया है कि सदन में मतों का विभाजन हाथ उठाकर किया जाए।
प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव ए पी सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश विधानसभा में इलेक्ट्रानिक मतदान प्रणाली नहीं है। मतों के विभाजन कराने के लिए हमारी एक निर्धारित प्रक्रिया है जिससे तहत विधायकों को लॉबी में रखे रजिस्टर में उनके नाम और निर्वाचन क्षेत्र के साथ हस्ताक्षर करना होता है। विधायकों से पक्ष और विपक्ष में अलग अलग दो कॉलम हस्ताक्षर किए जाते हैं।
राज्यपाल ने भी बाद में अपने आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि बटन दबाकर नहीं बल्कि हाथ उठाकर बहुमत परीक्षण कराया जाए।
विधायकों की सीआरपीएफ सुरक्षा पर आपत्ति नहीं: बाला बच्चन
मध्यप्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि बंगलूरू में भाजपा द्वारा कथित तौर पर बंधक बनाए गए कांग्रेस विधायकों को अगर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा चाहिए तो मध्यप्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि, मध्यप्रदेश पुलिस उन्हें सुरक्षा देने से पूरी तरह सक्षम है। बाला बच्चन ने एक बयान जारी कर कहा कि बार-बार मीडिया के माध्यम से यह बात सामने आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा बंगलूरू में बंधक बनाए गए कांग्रेस विधायकों द्वारा सीआरपीएफ की सुरक्षा मिलने पर ही भोपाल आने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सुरक्षा देने में पूरी तरह सक्षम है। फिर भी अगर बंधक बनाए गए विधायकों को यह महसूस होता है कि और मजबूत सुरक्षा चाहिए तो वे सीआरपीएफ की सुरक्षा ले सकते हैं।
स्पीकर ने कहा, मुझसे सीधे क्यों नहीं मिलते विधायक
मध्यप्रदेश विधानसभा स्पीकर ने कहा, मैं उन विधायकों का इंतजार कर रहा हूं जिन्हें किसी न किसी माध्यम से मुझे इस्तीफे भेजे हैं, वे मुझसे सीधे संपर्क क्यों नहीं करते। विधानसभा के सदस्यों के साथ जो हो रहा है उससे मैं चिंतित हूं। ये स्थिति राज्य में लोकतंत्र पर सवाल उठाती है।
बहुमत परीक्षण होने के आसार कम
मध्यप्रदेश में कल बहुमत परीक्षण होने के आसार कम। कांग्रेस नेता व वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघव और विवेक तनखा लगातार सीएम कमलनाथ के संपर्क में हैं। कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष की लाइन पर अमल कर सकते हैं मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष। दिल्ली से कांग्रेस के कुछ नेता मध्यप्रदेश के लिए रवाना हुए हैं।
भाजपा की रणनीति
वहीं, खबर है कि भाजपा ने नरेंद्र तोमर, धर्मेंद्र प्रधान शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा, वीडी शर्मा और कैलाश विजयवर्गीय को मोर्चे पर लगाया है। नरेंद्र तोमर, शिवराज चौहान, विजयवर्गीय लगातार केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में रहेंगे। विजयवर्गीय पर्दे के पीछे सक्रिय रहेंगे। शिवराज को प्रदेश के नेताओं को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा सरकार बनी तो शिवराज सीएम होंगे। तोमर को लग रहा है कि सरकार बनने और चलाने की चुनौती काफी बड़ी है।
आज दिल्ली में अमित शाह के साथ उनके आवास पर धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज ने डेढ़ घंटे तक बैठक की। इसमें सिंधिया ने खुलकर अपनी राय रखी। शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी को भी अपडेट किया। शाह ने केंद्रीय गृह सचिव से भी चर्चा की। बताते हैं कि शाह और तुषार मेहता के बीच भी टेलीफोन पर चर्चा हुई।
संसद में उठेगा मामला
साथ ही खबर है कि कल संसद में मध्यप्रदेश सरकार को अस्थिर करने का मामला उठेगा। साथ ही भाजपा व कांग्रेस की तरफ से अदालत जाने की भी तैयारी है।
बहुमत परीक्षण को लेकर रणनीति
कहा जा रहा है कि सोमवार को विधायक मुख्यमंत्री निवास से सीधे विधानसभा पहुंचेंगे। सूत्रों के अनुसार, गुड़गांव के मानेसर में एक रिजॉर्ट में ठहरे भाजपा विधायकों को भी रविवार को भोपाल लाया जा सकता है। वहीं बंगलूरू से सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायकों को भी कल विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भोपाल लाए जाने की संभावना है।
भाजपा विधायकों से मिलने गुरुग्राम पहुंचे शिवराज
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान गुरुग्राम के होटल आईटीसी ग्रांड भारत पहुंच गए हैं। यहीं पर भाजपा के विधायक ठहरे हुए हैं।
विधायकों का होगा परीक्षण: पीसी शर्मा
मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, 'राज्य की कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर जो विधायक जयपुर से आए हैं उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। जो लोग हरियाणा और बंगलूर में ठहरे हुए हैं उनका भी परीक्षण होगा। इसके अलावा अगले आदेश तक सभी स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी, सिनेमा हॉल, मैरिज हॉल आदि को बंद कर दिया गया है। राज्य में 50 पृथक केंद्र खोले गए हैं। हम इससे निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।'
सॉलिसिटर जनरल से मिले भाजपा नेता
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेंद्र प्रधान, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से उनके आवास पर मुलाकात की।
रविवार रात को भोपाल आएंगे सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार रात को भोपाल आएंगे। सिंधिया के यहां आने के बाद उनके खेमे के बंगलूरू में ठहरे कांग्रेस के बागी विधायकों के भोपाल आने की संभावना है। राज्य विधानसभा का सत्र 16 मार्च, सोमवार से शुरू होने वाला है। सूत्रों ने बताया कि सिंधिया भोपाल आने के बाद अपने समर्थक विधायकों से मुलाकात करेंगे।
भाजपा नेताओं की तुषार मेहता से मुलाकात
मध्यप्रदेश भाजपा के कुछ बड़े नेताओं ने आज सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता के आवास पर उनसे मुलाकात की। उनके साथ कुछ सलाह मशविरा किया। इसके बाद इनमें से कुछ वरिष्ठ नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मंत्रणा की। ये सोमवार से शुरू हो रहे मध्यप्रदेश विधानसभा से संबंधित है।
रविवार या सोमवार को भोपाल लौट सकते हैं भाजपा विधायक
भाजपा सूत्रों ने बताया कि हरियाणा के गुरुग्राम में ठहरे भाजपा के विधायकों के रविवार रात या सोमवार सुबह भोपाल लौटने की संभावना है। वहीं कांग्रेस के जयपुर गए सभी विधायक रविवार सुबह विशेष विमान से भोपाल लौट आए हैं। इन्हें विधानसभा से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित होटल कोर्टयार्ड मैरियट में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
कांग्रेस और भाजपा ने जारी किया व्हिप, विधायकों को उपस्थित रहने के निर्देश
कांग्रेस और भाजपा ने सोमवार को बहुमत परीक्षण को लेकर सभी विधायकों को व्हिप जारी किया है। दोनों पार्टियों ने सभी विधायकों को सोमवार को विधानसभा में उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया है। माना जा रहा है कि गुरुग्राम में ठहरे भाजपा विधायक भी आज या कल सुबह भोपाल पहुंच जाएंगे।
थोड़ी देर में कमलनाथ मंत्रिमंडल की बैठक, सत्र आगे बढ़ाने पर चर्चा संभव
विधायकों के भोपाल पहुंचने के बाद में थोड़ी देर में कमलनाथ मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कोरोना वायरस से पैदा हुईं स्थितियों के कारण बजट सत्र को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, बजट सत्र को आगे बढ़ाने पर कानूनी अड़चनों की सामना भी करना पड़ सकता है।
सीएम हाउस में चल रही कांग्रेसी नेताओं की आपात बैठक खत्म
राज्य में चल रहे सियासी उठापटक के मद्देनजर मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर चल रही आपात बैठक खत्म हो गई है। इसमें सीएम कमलनाथ के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा शामिल हुए।
कमलनाथ के आवास पर पहुंचे दिग्विजय- शोभा ओझा
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और शोभा ओझा कमलनाथ के आवास पर पहुंच गए हैं। मध्यप्रदेश के राज्यपाल ने कल बहुमत परीक्षण कराने का आदेश दिया है।
जयपुर से भोपाल लौटे कांग्रेस विधायक
कांग्रेस ने अपने जिन विधायकों को कथित खरीद-फरोख्त के डर से भोपाल के रिसॉर्ट में ठहराया हुआ था। वे भोपाल पहुंच चुके हैं। कल विधानसभा में कमलनाथ सरकार को बहुमत परीक्षण करना है। जिसके लिए कांग्रेस विधायकों को व्हिप जारी करके सरकार के समर्थन में मतदान करने के लिए कहा गया है।
देर रात राज्यपाल ने बहुमत परीक्षण के लिए लिखा पत्र
देर रात राजभवन से बहुमत परीक्षण को लेकर पत्र राज्य के मुख्यमंत्री को भेजा गया। जिसमें लिखा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि सरकार सदन में विश्वास खो चुकी है और सरकार अल्पमत में है। राज्यपाल का कहना है कि स्थिति गंभीर है और कमलनाथ 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करें।
हम बहुमत परीक्षण के लिए तैयार हैं: हरीश रावत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत जो विधायकों को जयपुर से भोपाल लेकर जा रहे हैं उन्होंने कहा, 'हम कल बहुमत परीक्षण के लिए तैयार हैं और हमें पूरा विश्वास है कि जीत हमारी होगी। हम नहीं भाजपा परेशान है। बागी विधायक हमारे संपर्क में हैं।'
सिंधिया समर्थकों ने भोपाल जाने के लिए मांगी सुरक्षा
सिंधिया समर्थक विधायकों ने भोपाल जाने के लिए सुरक्षा की मांग की है। विधायकों ने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि उन्हें भोपाल जाने के लिए सुरक्षा दी जाए। बता दें कि बंगलूरू में कांग्रेस के 22 विधायक ठहरे हुए हैं।
अपने समर्थक विधायकों से मिलने बंगलूरू जाएंगे सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया था। जिसमें कमलनाथ सरकार के मंत्री भी शामिल हैं। आज सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान के साथ बंगलूरू के होटल में ठहरे हुए इन विधायकों से मुलाकात करने के लिए जाएंगे।
कमलनाथ ने बुलाई कैबिनेट की बैठक
राज्य में चल रहे सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है।
कमलनाथ ने शाह को लिखा पत्र
कमलनाथ ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने गृह मंत्री से गुजारिश की है कि बंगलूरू गए उनके 22 बागी विधायकों को सुरक्षित वापस आने दिया जाए ताकि वे 16 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में हिस्सा सकें।
बागी विधायकों को पेश होने के लिए दोबारा नोटिस
मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने सरकार को 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। इससे पहले विधानसभा के स्पीकर ने कांग्रेस गे बागी विधायकों को आज शाम पांच बजे तक पेश होने का निर्देश दिया। वहीं, भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर जल्द बहुमत परीक्षण कराने की मांग की थी।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कांग्रेस के बागी विधायकों को 15 मार्च तक पेश होने का नोटिस जारी किया है। विधायकों को 15 मार्च (रविवार) शाम 5 बजे तक पेश होने को कहा गया है। वहीं, बागी विधायकों ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर सुरक्षा देने की मांग की है। इस बीच, भाजपा ने राज्यपाल से मुलाकात कर कमलनाथ सरकार को जल्द से जल्द बहुमत परीक्षण का निर्देश देने की मांग की।
