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MP News: नामवापसी के बाद साफ हुई तस्वीर, महापौर के 19 प्रत्याशी, कुछ बागी अब भी डटे मैदान में
Wed, 22 Jun 2022 09:20 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 22 Jun 2022 09:20 PM IST
सार
नगरीय निकाय चुनाव के तहत आज का दिन अहम है। आज नामवापसी की आखिरी तारीख है। दोपहर बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि मुकाबला किस-किसके बीच रहेगा। भाजपा-कांग्रेस में बागियों को मनाने का दौर चल रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नामवापसी के बाद तस्वीर साफ हो गई। इंदौर में महापौर पद के लिए खड़े होने वाले सभी 19 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। किसी भी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया है। इनमें पुष्यमित्र भार्गव (भाजपा), संजय शुक्ला (कांग्रेस), कमल कुमार गुप्ता (आप), कुलदीप पवार (एनसीपी), बाबुलाल सुखराम (निर्दलीय), डॉ. संजय बिंदल, (निर्दलीय), नासिर मोहम्मद सहित सभी 19 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। 17 बार चुनाव हार चुके और इंदौर से सबसे पहले नामांकन फॉर्म जमा करने वाले परमानंद तोलानी भी मैदान में डटे हुए हैं। खास बात यह कि निगम के 85 वार्ड प्रत्याशियों के मामले में 324 तथा नगर परिषद के 86 बागियों भाजपा-कांग्रेस ने अपने नाम वापस लिए हैं। उज्जैन-देवास में अधिकांश बागियों ने नामवापस ले लिए हैं। कुछ मैदान में डटे हुए हैं।
भाजपा के अधिकांश बागियों ने नाम वापस ले लिए हैं जबकि तीन बागी राकेश गोयल (वार्ड 54), कमल यादव (वार्ड 52) व मांगीलाल रेडवाल (वार्ड 11) ने अपने नामांकन वापस नहीं लिए हैं। इनमें राकेश गोयल व कमल यादव पार्टी में पदाधिकारी रहे हैं जबकि मांगीलाल रेडवाल पार्षद रह चुके हैं। इन तीनों के खिलाफ पार्टी द्वारा छह साल के लिए निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस ने अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। पार्षद पद के लिए नामांकन जमा करने वाले प्रत्याशियों की बात करें तो 27 वार्ड में प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए हैं। इनमें से भाजपा के सात बागी शामिल हैं। वार्ड 66 से भाजपा के 13 बागी प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिए। इस वार्ड से सांसद शंकर लालवानी समर्थक कंचन गिदवानी को टिकिट दिया है जिसे लेकर जमकर विरोध हो रहा था।
इन्होंने लिए नाम वापस
जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने अपने नाम वापस लिए हैं उनमें वार्ड क्रमांक 5 से बने सिंह, वार्ड क्रमांक 8 से भारती खड़ायता, वार्ड क्रमांक 9 से प्रेमकुमार, वार्ड क्रमांक 10 से ममता, वार्ड क्रमांक 11 से विजय बिंजवा (भाजपा), वार्ड क्रमांक 20 से मानसी चौधरी (भाजपा),वार्ड क्रमांक 21 से जितेंद्र तथा माधवी चौकसे, वार्ड क्रमांक-22 से रेखा भदौरिया, वार्ड क्रमांक 23 से शारदा सालुंके, वार्ड क्रमांक-24 से मोहन मेहरा, वार्ड क्रमांक 25 से रीना आनंदपाल (भाजपा), वार्ड क्रमांक 32 से हनुमान सिंह गुर्जर तथा दीपक सोनवाने, वार्ड क्रमांक 33 से मनदीप जोशी, वार्ड क्रमांक 36 से अंकित, वार्ड क्रमांक 37 से अर्चना प्रकाश चौधरी, वार्ड क्रमांक 41 से सुनील रायकवार, वार्ड क्रमांक 44 से शोभना मिश्रा तथा निधि देवलिया, वार्ड क्रमांक 45 से प्रेमचंद्र जारवाल (भाजपा) , वार्ड क्रमांक 46 से सुनीता कुलमारे, वार्ड क्रमांक 48 से लक्ष्मी भोलाराम यादव, हेमलता बोरासी तथा रेखा यादव, वार्ड क्रमांक 55 से अर्चना रूंगटा, वार्ड क्रमांक 57 से वीरेन्द्र यादव (भाजपा), वार्ड क्रमांक 59 से कविता मांडले, वार्ड क्रमांक 62 से विमला चतुर्वेदी, वार्ड क्रमांक 74 से रानी कुशवाह, वार्ड क्रमांक 83 से अभिषेक लड्डा, वार्ड क्रमांक 84 से ज्योति पंडित (भाजपा)।
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दोनों दलों के नेता जुटे रहे मनाने में
बता दें कि नाम वापसी के अंतिम दिन भाजपा व कांग्रेस लगातार बागियों को मनाने में जुटी रही। बुधवार दोपहर 2 बजे तक भी वरिष्ठ नेता व कांग्रेस की डैमेज कंट्रोल कमेटी बागियों को मनाने में जुटी रही। भाजपा के वरिष्ठ नेता बागियों को शीर्षस्थ निर्णय का हवाला देते रहे कि अगर नहीं माने तो 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा। इसके बावजूद दोनों ओर बागियों का आक्रोश बरकरार रहा। दोपहर 3 बजे बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि भाजपा के 7 दावेदारों ने नाम वापस ले लिए हैं। इसके पूर्व दोपहर 12 बजे भाजपा चयन समिति सदस्य सांसद शंकर लालवानी ने बताया था कि कि अधिकांश को मना लिया गया है। जो बचे हैं उन्हें भी मना लिया जाएगा। उधर, कांग्रेस की ओर से 85 वार्डों के लिए 200 से ज्यादा दावेदारों ने नामांकन भरे थे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राकेश सिंह यादव ने बताया था कि डेढ़ सौ से ज्यादा को मना लिया है।
कांग्रेस ने तीसरी बार बदला टिकट
कांग्रेस में बदलाव की बयार अंतिम समय तक जारी है। इंदौर की विधानसभा 4 के वार्ड 85 से कांग्रेस ने अपना टिकट तीसरी बार बदल दिया है। इस वार्ड से एक बार फिर रविकांत मिश्रा का टिकट काटकर सचिन चौहान को टिकट दे दिया गया है। महापौर प्रत्याशी संजय शुक्ला का अड़ना इसकी वजह मानी जा रही है। कांग्रेस ने 17 जून को वार्ड 85 से सचिन चौहान को टिकट दिया था। सचिन पिछले चुनाव में इस वार्ड से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुके हैं। कुछ विवाद की खबरों के बाद 18 जून को कांग्रेस ने टिकट बदलकर क्षेत्र के पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता रविकांत मिश्रा को टिकट दे दिया था। इस पर फिर से बात भोपाल तक पहुंची और कहा गया कि मेयर प्रत्याशी शुक्ला सचिन के नाम पर अड़ गए। आखिर में यह हुआ कि बी फॉर्म फिर से सचिन चौहान के नाम हो गया। बुधवार सुबह तक मिश्रा कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहे थे मगर उनका टिकट काट दिया।
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भाजपा के अधिकांश बागियों ने नाम वापस ले लिए हैं जबकि तीन बागी राकेश गोयल (वार्ड 54), कमल यादव (वार्ड 52) व मांगीलाल रेडवाल (वार्ड 11) ने अपने नामांकन वापस नहीं लिए हैं। इनमें राकेश गोयल व कमल यादव पार्टी में पदाधिकारी रहे हैं जबकि मांगीलाल रेडवाल पार्षद रह चुके हैं। इन तीनों के खिलाफ पार्टी द्वारा छह साल के लिए निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस ने अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। पार्षद पद के लिए नामांकन जमा करने वाले प्रत्याशियों की बात करें तो 27 वार्ड में प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए हैं। इनमें से भाजपा के सात बागी शामिल हैं। वार्ड 66 से भाजपा के 13 बागी प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिए। इस वार्ड से सांसद शंकर लालवानी समर्थक कंचन गिदवानी को टिकिट दिया है जिसे लेकर जमकर विरोध हो रहा था।
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इन्होंने लिए नाम वापस
जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने अपने नाम वापस लिए हैं उनमें वार्ड क्रमांक 5 से बने सिंह, वार्ड क्रमांक 8 से भारती खड़ायता, वार्ड क्रमांक 9 से प्रेमकुमार, वार्ड क्रमांक 10 से ममता, वार्ड क्रमांक 11 से विजय बिंजवा (भाजपा), वार्ड क्रमांक 20 से मानसी चौधरी (भाजपा),वार्ड क्रमांक 21 से जितेंद्र तथा माधवी चौकसे, वार्ड क्रमांक-22 से रेखा भदौरिया, वार्ड क्रमांक 23 से शारदा सालुंके, वार्ड क्रमांक-24 से मोहन मेहरा, वार्ड क्रमांक 25 से रीना आनंदपाल (भाजपा), वार्ड क्रमांक 32 से हनुमान सिंह गुर्जर तथा दीपक सोनवाने, वार्ड क्रमांक 33 से मनदीप जोशी, वार्ड क्रमांक 36 से अंकित, वार्ड क्रमांक 37 से अर्चना प्रकाश चौधरी, वार्ड क्रमांक 41 से सुनील रायकवार, वार्ड क्रमांक 44 से शोभना मिश्रा तथा निधि देवलिया, वार्ड क्रमांक 45 से प्रेमचंद्र जारवाल (भाजपा) , वार्ड क्रमांक 46 से सुनीता कुलमारे, वार्ड क्रमांक 48 से लक्ष्मी भोलाराम यादव, हेमलता बोरासी तथा रेखा यादव, वार्ड क्रमांक 55 से अर्चना रूंगटा, वार्ड क्रमांक 57 से वीरेन्द्र यादव (भाजपा), वार्ड क्रमांक 59 से कविता मांडले, वार्ड क्रमांक 62 से विमला चतुर्वेदी, वार्ड क्रमांक 74 से रानी कुशवाह, वार्ड क्रमांक 83 से अभिषेक लड्डा, वार्ड क्रमांक 84 से ज्योति पंडित (भाजपा)।
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दोनों दलों के नेता जुटे रहे मनाने में
बता दें कि नाम वापसी के अंतिम दिन भाजपा व कांग्रेस लगातार बागियों को मनाने में जुटी रही। बुधवार दोपहर 2 बजे तक भी वरिष्ठ नेता व कांग्रेस की डैमेज कंट्रोल कमेटी बागियों को मनाने में जुटी रही। भाजपा के वरिष्ठ नेता बागियों को शीर्षस्थ निर्णय का हवाला देते रहे कि अगर नहीं माने तो 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा। इसके बावजूद दोनों ओर बागियों का आक्रोश बरकरार रहा। दोपहर 3 बजे बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि भाजपा के 7 दावेदारों ने नाम वापस ले लिए हैं। इसके पूर्व दोपहर 12 बजे भाजपा चयन समिति सदस्य सांसद शंकर लालवानी ने बताया था कि कि अधिकांश को मना लिया गया है। जो बचे हैं उन्हें भी मना लिया जाएगा। उधर, कांग्रेस की ओर से 85 वार्डों के लिए 200 से ज्यादा दावेदारों ने नामांकन भरे थे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राकेश सिंह यादव ने बताया था कि डेढ़ सौ से ज्यादा को मना लिया है।
कांग्रेस ने तीसरी बार बदला टिकट
कांग्रेस में बदलाव की बयार अंतिम समय तक जारी है। इंदौर की विधानसभा 4 के वार्ड 85 से कांग्रेस ने अपना टिकट तीसरी बार बदल दिया है। इस वार्ड से एक बार फिर रविकांत मिश्रा का टिकट काटकर सचिन चौहान को टिकट दे दिया गया है। महापौर प्रत्याशी संजय शुक्ला का अड़ना इसकी वजह मानी जा रही है। कांग्रेस ने 17 जून को वार्ड 85 से सचिन चौहान को टिकट दिया था। सचिन पिछले चुनाव में इस वार्ड से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुके हैं। कुछ विवाद की खबरों के बाद 18 जून को कांग्रेस ने टिकट बदलकर क्षेत्र के पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता रविकांत मिश्रा को टिकट दे दिया था। इस पर फिर से बात भोपाल तक पहुंची और कहा गया कि मेयर प्रत्याशी शुक्ला सचिन के नाम पर अड़ गए। आखिर में यह हुआ कि बी फॉर्म फिर से सचिन चौहान के नाम हो गया। बुधवार सुबह तक मिश्रा कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहे थे मगर उनका टिकट काट दिया।
