MP News: ओंकारेश्वर प्रकल्प के खिलाफ लगाई याचिका एनजीटी ने खारिज की
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने ओंकारेश्वर प्रकल्प के खिलाफ लगाई याचिका को खारिज कर दिया है। ओंकारेश्वर में मान्धाता पर्वत पर आचार्य शंकर की बहुधातु प्रतिमा एवं शंकर संग्रहालय के निर्माण के खिलाफ शिवा मिशन ट्रस्ट नामक संस्था ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि न्यास ने निर्माण के लिए पर्वत पर बड़े पैमाने पर बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की थी।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने ओंकारेश्वर प्रकल्प के खिलाफ लगाई याचिका को खारिज कर दिया है। ओंकारेश्वर में मान्धाता पर्वत पर आचार्य शंकर की बहुधातु प्रतिमा एवं शंकर संग्रहालय के निर्माण के खिलाफ शिवा मिशन ट्रस्ट नामक संस्था ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि न्यास ने निर्माण के लिए पर्वत पर बड़े पैमाने पर बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की थी।
संस्कृति विभाग के सहायक संचालक डॉ शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि न्यास द्वारा प्रकल्प हेतु सभी कार्य संबंधित विभागों से अनुमति प्राप्त करके ही किए गए हैं। न्यास द्वारा 36 हैक्टेयर भूमि में केवल सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पाया गया कि संस्कृति विभाग द्वारा दस गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जा रहा है। इस प्रकल्प से पर्वत के पर्यावरण पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा शिवा मिशन ट्रस्ट की याचिका को खारिज कर दिया गया है।
ओंकारेश्वर के मान्धाता पर्वत पर मध्यप्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा आचार्य शंकर की 108 फीट ऊंची एकात्मता की प्रतिमा तथा शंकर संग्रहालय की स्थापना की जा रही है। साथ ही 11.56 हैक्टेयर भूमि पर आचार्य शंकर की बहुधातु प्रतिमा एवं शंकर संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण के विरुद्ध शिवा मिशन ट्रस्ट नामक संस्था द्वारा याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा उक्त निर्माण के लिए बिना अनुमति पर्वत पर बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई की जा रही है और पर्यावरण को क्षति पहुंचाई जा रही है। याचिकाकर्ता द्वारा दावा किया गया कि मूर्ति के लिए 15,000 पेड़ काटे गए हैं।
एनजीटी द्वारा गठित समिति ने ओंकारेश्वर में मान्धाता पर्वत का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट के अनुसार याचिकाकर्ता संस्था शिवा मिशन ट्रस्ट को पूर्व में एक हैक्टेयर भूमि में वृक्षारोपण की अनुमति दी गई थी, किंतु शिवा मिशन ट्रस्ट द्वारा वहां पानी टैंक, स्विमिंग पूल, आवासीय मकान व अन्य पक्के निर्माण किए गए। शर्तों के उल्लंघन के कारण 2014 में नायब तहसीलदार द्वारा संस्था पर बीस हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
