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MP News: सीएम शिवराज बोले तथ्यात्मक-सटीक आंकड़े से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव
Thu, 18 Aug 2022 10:22 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 18 Aug 2022 10:22 PM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार करने की कार्य पद्धति एवं गणना पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला के समापन-सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा आर्थिक गतिविधियों के तथ्यात्मक और सटीक आंकड़े उपलब्ध हों तो योजनाओं का क्रियान्वयन अच्छे ढंग से संभव होता है।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान तैयार करने की कार्य पद्धति एवं गणना पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला के समापन-सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा आर्थिक गतिविधियों के तथ्यात्मक और सटीक आंकड़े उपलब्ध हों तो योजनाओं का क्रियान्वयन अच्छे ढंग से संभव होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टास्क फोर्स कमेटी की अनुशंसा के आधार पर मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां राज्य सांख्यिकी आयोग का गठन हो रहा है। राज्य और जिला स्तर पर पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन का निर्णय लिया गया है। इससे काम करना आसान हो जाएगा। डेटा के मानकीकरण के लिए सांख्यिकी प्रकोष्ठ का निर्माण किया गया है। देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए लक्ष्य तय करना पड़ेंगे। बिना बड़ा लक्ष्य निर्धारित किए हम बहुत आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
चौहान ने कहा कि हमारे दैनिक जीवन की गतिविधियों का आधार भी डेटा होता है। किसी भी क्षेत्र में बिना डेटा के कार्य नहीं चल सकता। वर्तमान सदी डेटा पर निर्भर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-निर्भर भारत की परिकल्पना के लिए डेटा पर बल दिया है। डेटा शुद्ध विश्वसनीय हो, जिससे योजनाएं अच्छी बनें और उनका नीचे तक लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि डेटा कलेक्शन के लिए ट्रेनिंग और आवश्यक व्यवस्थाएं करेंगे। डेटा की विश्वसनीयता के लिए दूसरी एजेंसियों का दखल नहीं होना चाहिए। डेटा जनोपयोगी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। डेटा खराब होगा तो निष्कर्ष भी खराब निकलेंगे। हमें अच्छे डेटा की आवश्यकता है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 550 अरब डॉलर का योगदान प्रदेश की ओर से भारत की 5 ट्रिलियन की अर्थ-व्यवस्था बनाने में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा सोचता और करता है, वैसा हो जाता है। इसलिए यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण निरंतर होते रहेंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि सांख्यिकी का हर विभाग में महत्व है। राज्यों के विकास के लिए सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है भारत का लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था का है। इसी गति से अर्थ-व्यवस्था में बढ़ोत्तरी होगी तो वर्ष 2025-26 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था का लक्ष्य हासिल हो जाएगा। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से आगे बढ़ता प्रदेश है। प्रदेश स्तर पर जो कार्य हो रहा है उसे जिला स्तर पर भी करना होगा। हम 550 बिलियन डॉलर का योगदान देंगे। आज मध्यप्रदेश की कृषि का 170 हजार करोड़ का योगदान है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि टास्क फोर्स कमेटी की अनुशंसा के आधार पर मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां राज्य सांख्यिकी आयोग का गठन हो रहा है। राज्य और जिला स्तर पर पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन का निर्णय लिया गया है। इससे काम करना आसान हो जाएगा। डेटा के मानकीकरण के लिए सांख्यिकी प्रकोष्ठ का निर्माण किया गया है। देश और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए लक्ष्य तय करना पड़ेंगे। बिना बड़ा लक्ष्य निर्धारित किए हम बहुत आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
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चौहान ने कहा कि हमारे दैनिक जीवन की गतिविधियों का आधार भी डेटा होता है। किसी भी क्षेत्र में बिना डेटा के कार्य नहीं चल सकता। वर्तमान सदी डेटा पर निर्भर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-निर्भर भारत की परिकल्पना के लिए डेटा पर बल दिया है। डेटा शुद्ध विश्वसनीय हो, जिससे योजनाएं अच्छी बनें और उनका नीचे तक लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि डेटा कलेक्शन के लिए ट्रेनिंग और आवश्यक व्यवस्थाएं करेंगे। डेटा की विश्वसनीयता के लिए दूसरी एजेंसियों का दखल नहीं होना चाहिए। डेटा जनोपयोगी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। डेटा खराब होगा तो निष्कर्ष भी खराब निकलेंगे। हमें अच्छे डेटा की आवश्यकता है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 550 अरब डॉलर का योगदान प्रदेश की ओर से भारत की 5 ट्रिलियन की अर्थ-व्यवस्था बनाने में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा सोचता और करता है, वैसा हो जाता है। इसलिए यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण निरंतर होते रहेंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि सांख्यिकी का हर विभाग में महत्व है। राज्यों के विकास के लिए सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है भारत का लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था का है। इसी गति से अर्थ-व्यवस्था में बढ़ोत्तरी होगी तो वर्ष 2025-26 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था का लक्ष्य हासिल हो जाएगा। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से आगे बढ़ता प्रदेश है। प्रदेश स्तर पर जो कार्य हो रहा है उसे जिला स्तर पर भी करना होगा। हम 550 बिलियन डॉलर का योगदान देंगे। आज मध्यप्रदेश की कृषि का 170 हजार करोड़ का योगदान है।
