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MP News: दमोह के स्कूल में हिजाब के बाद धर्मांतरण का मामला भी उजागर, तीन शिक्षकों ने बदल लिए सरनेम, जांच जारी
Mon, 05 Jun 2023 04:32 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 05 Jun 2023 04:32 PM IST
सार
दमोह के स्कूल में हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाने के विवाद के बाद अब धर्मांतरण का मामला भी सामने आया है। तीन शिक्षकों ने धर्म परिवर्तन किया है। अब उन्होंने धर्मांतरण नौकरी के लिए किया या स्कूल के दवाब में। आयोग इसकी जांच कर रहा है।
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दमोह के स्कूल में दस्तावेज की जांच करती टीम।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दमोह के गंगा जमना स्कूल में हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाने के विवाद के बाद अब धर्मांतरण का मामला भी सामने आया है। तीन शिक्षकों ने सरनेम के आगे खान लगाना शुरू कर दिया है। ये परिवर्तन स्कूल जॉइन करने के बाद देखा गया। इसके पीछे साजिश की आशंका नजर आ रही है। मामले में जांच की जा रही है।
बता दें कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जब जांच शुरू हुई तो शुक्रवार को राज्य बाल आयोग की टीम भी निरीक्षण करने स्कूल पहुंची थी, वहां यह मामला सामने आया है कि महिला प्राचार्य और दो महिला शिक्षिकाएं जॉइनिंग के बाद कन्वर्ट हुई हैं और उन्होंने अपने सरनेम के आगे खान लगाना शुरू कर दिया। वहीं सोमवार को कटनी पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इस मामले में उच्चस्तरीय जांच करने की बात कही है।
परमानेंट करने के लिए धर्मांतरण!
राज्य बाल आयोग को स्कूल के शिक्षकों के संबंध में कुछ कागजात मिले थे जिसमे पता चला प्रिंसिपल अफसरा शेख पहले खरे थीं और उन्होंने टीम के सामने भी स्वीकार किया कि स्कूल में आने से पहले नाम के साथ खरे सरनेम लगाती थीं। वहीं एक शिक्षिका यादव थीं जो खान लिखने लगीं और एक शिक्षिका जैन थी जो अब खान लिखने लगी हैं। हालांकि प्रिंसिपल और शिक्षिका ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वो धर्मांतरित क्यों हुईं। पर ऐसा बताया जा रहा है कि स्कूल द्वारा शिक्षिकाओं को जॉइनिंग के बाद परमानेंट करने के लिए धर्मांतरित किया गया।
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बता दें कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जब जांच शुरू हुई तो शुक्रवार को राज्य बाल आयोग की टीम भी निरीक्षण करने स्कूल पहुंची थी, वहां यह मामला सामने आया है कि महिला प्राचार्य और दो महिला शिक्षिकाएं जॉइनिंग के बाद कन्वर्ट हुई हैं और उन्होंने अपने सरनेम के आगे खान लगाना शुरू कर दिया। वहीं सोमवार को कटनी पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इस मामले में उच्चस्तरीय जांच करने की बात कही है।
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परमानेंट करने के लिए धर्मांतरण!
राज्य बाल आयोग को स्कूल के शिक्षकों के संबंध में कुछ कागजात मिले थे जिसमे पता चला प्रिंसिपल अफसरा शेख पहले खरे थीं और उन्होंने टीम के सामने भी स्वीकार किया कि स्कूल में आने से पहले नाम के साथ खरे सरनेम लगाती थीं। वहीं एक शिक्षिका यादव थीं जो खान लिखने लगीं और एक शिक्षिका जैन थी जो अब खान लिखने लगी हैं। हालांकि प्रिंसिपल और शिक्षिका ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वो धर्मांतरित क्यों हुईं। पर ऐसा बताया जा रहा है कि स्कूल द्वारा शिक्षिकाओं को जॉइनिंग के बाद परमानेंट करने के लिए धर्मांतरित किया गया।
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स्कूल की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध साहित्य भी मिला है।
- फोटो : सोशल मीडिया
दस्तावेज से आया मामला सामने
आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने कहा कि 2012 में शुरू हुए इस स्कूल में शुरू से ही हिजाब पहनाया जा रहा है। 2018 में स्कूल की बैठक में ड्रेस कोड को मान्यता दी थी। इसके अलावा आज तक बैठक नहीं हुई। स्कूल संचालक हिजाब को जांच के दौरान स्कार्फ बताता रहा। बाल कल्याण समिति दमोह के सदस्य दीपक तिवारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षकों के दस्तावेज ऐसे मिले हैं जिनमें उनकी जाति बदली हुई है। अफसरा खरे स्कूल की प्राचार्य हैं उनके नाम के आगे अब खान लिखा है इसी तरह तबस्सुम खान शिक्षिका जो पहले जैन थीं। एक शिक्षिका अनीता यादव के दस्तावेज मिले हैं। अब उन्होंने धर्मांतरण अपनी नौकरी के लिए किया या गंगा जमना स्कूल के दवाब में किया, यह जांच का विषय है और आयोग इसकी जांच कर रहा है।
वीडी शर्मा ने लगाए टेरर फंडिंग से जुड़े होने के आरोप
कटनी पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दमोह में जिस प्रकार से कुछ चीजें उभर कर आईं और दमोह के अंदर गंगा जमना स्कूल में हिजाब को लेकर जो घटनाक्रम हुआ, हमारी बेटियों को मासूम बच्चों को जिस प्रकार से दबाव डालकर प्रेरित किया गया, उस पर शासन-प्रशासन ने कार्यवाही की है। उसकी मान्यता भी रद्द हुई है। आज मैंने देखा जो महिला टीचर्स जो खरे थीं, वह खान हो गईं। यह एक प्लानिंग के तहत किया गया है। इसके अलावा दो महिला शिक्षक और भी हैं, जिनका धर्मांतरण हुआ है। मैंने मांग की है कि इदरीश खान, जलील खान, मुस्ताक खान इन तीन लोगों का टेरर फंडिंग से क्या संबंध हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। इन्होंने जो जिहादी साम्राज्य खड़ा किया है, हजारों एकड़ जमीन इनके पास कहां से आईं। इतना बड़ा संस्थान इन्होंने दमोह के अंदर जिहादी साम्राज्य खड़ा करने का अवसर कैसे मिला। हमारी उन बहनों को लव जिहाद में फंसा कर स्कूल प्रबंधन द्वारा धर्मांतरित किया गया। इनके खिलाफ जो लव जिहादी वाली मानसिकता है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इनका जो जिहादी साम्राज्य खड़ा हुआ है, उस जिहादी साम्राज्य की जांच होनी चाहिए। मैं बड़ी गंभीरता के साथ कह रहा हूं, टेरर फंडिंग के साथ यह लोग जुड़े हैं। इन लोगों के कनेक्शन कहीं ना कहीं जुड़े हुए हैं।
यह है पूरा मामला
बता दें गंगा जमना हाई सेकेंडरी स्कूल ने एक फ्लैक्स लगाया था जिसमे हिंदू छात्राओं को हिजाब की तरह दिखने वाला कपड़ा पहनाया गया था। इसके बाद विवाद शुरू हुए तो हिंदू संगठन के लोगों ने ज्ञापन दिया। मुखमंत्री और गृहमंत्री ने जांच के निर्देश दिए और जांच के बाद स्कूल की मान्यता निरस्त कर दी साथ यह बात भी सामने आई कि बच्चियों को हिजाब पहनने मजबूर किया जाता था और इस बात का खुलासा राज्य बाल आयोग की टीम के निरीक्षण में हुआ था। उसी निरीक्षण में यह धर्मांतरण का मामला भी सामने आ गया अब इसकी भी जांच शुरू हो गई है।
आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने कहा कि 2012 में शुरू हुए इस स्कूल में शुरू से ही हिजाब पहनाया जा रहा है। 2018 में स्कूल की बैठक में ड्रेस कोड को मान्यता दी थी। इसके अलावा आज तक बैठक नहीं हुई। स्कूल संचालक हिजाब को जांच के दौरान स्कार्फ बताता रहा। बाल कल्याण समिति दमोह के सदस्य दीपक तिवारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षकों के दस्तावेज ऐसे मिले हैं जिनमें उनकी जाति बदली हुई है। अफसरा खरे स्कूल की प्राचार्य हैं उनके नाम के आगे अब खान लिखा है इसी तरह तबस्सुम खान शिक्षिका जो पहले जैन थीं। एक शिक्षिका अनीता यादव के दस्तावेज मिले हैं। अब उन्होंने धर्मांतरण अपनी नौकरी के लिए किया या गंगा जमना स्कूल के दवाब में किया, यह जांच का विषय है और आयोग इसकी जांच कर रहा है।
वीडी शर्मा ने लगाए टेरर फंडिंग से जुड़े होने के आरोप
कटनी पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि दमोह में जिस प्रकार से कुछ चीजें उभर कर आईं और दमोह के अंदर गंगा जमना स्कूल में हिजाब को लेकर जो घटनाक्रम हुआ, हमारी बेटियों को मासूम बच्चों को जिस प्रकार से दबाव डालकर प्रेरित किया गया, उस पर शासन-प्रशासन ने कार्यवाही की है। उसकी मान्यता भी रद्द हुई है। आज मैंने देखा जो महिला टीचर्स जो खरे थीं, वह खान हो गईं। यह एक प्लानिंग के तहत किया गया है। इसके अलावा दो महिला शिक्षक और भी हैं, जिनका धर्मांतरण हुआ है। मैंने मांग की है कि इदरीश खान, जलील खान, मुस्ताक खान इन तीन लोगों का टेरर फंडिंग से क्या संबंध हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। इन्होंने जो जिहादी साम्राज्य खड़ा किया है, हजारों एकड़ जमीन इनके पास कहां से आईं। इतना बड़ा संस्थान इन्होंने दमोह के अंदर जिहादी साम्राज्य खड़ा करने का अवसर कैसे मिला। हमारी उन बहनों को लव जिहाद में फंसा कर स्कूल प्रबंधन द्वारा धर्मांतरित किया गया। इनके खिलाफ जो लव जिहादी वाली मानसिकता है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इनका जो जिहादी साम्राज्य खड़ा हुआ है, उस जिहादी साम्राज्य की जांच होनी चाहिए। मैं बड़ी गंभीरता के साथ कह रहा हूं, टेरर फंडिंग के साथ यह लोग जुड़े हैं। इन लोगों के कनेक्शन कहीं ना कहीं जुड़े हुए हैं।
यह है पूरा मामला
बता दें गंगा जमना हाई सेकेंडरी स्कूल ने एक फ्लैक्स लगाया था जिसमे हिंदू छात्राओं को हिजाब की तरह दिखने वाला कपड़ा पहनाया गया था। इसके बाद विवाद शुरू हुए तो हिंदू संगठन के लोगों ने ज्ञापन दिया। मुखमंत्री और गृहमंत्री ने जांच के निर्देश दिए और जांच के बाद स्कूल की मान्यता निरस्त कर दी साथ यह बात भी सामने आई कि बच्चियों को हिजाब पहनने मजबूर किया जाता था और इस बात का खुलासा राज्य बाल आयोग की टीम के निरीक्षण में हुआ था। उसी निरीक्षण में यह धर्मांतरण का मामला भी सामने आ गया अब इसकी भी जांच शुरू हो गई है।
