सीएम के सामने बोलीं मंत्री, 'प्रधान सचिव अपनी कुर्सी पर बैठे हैं मुझे हटा दिया'
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मध्यप्रदेश में कुछ दिन पहले कैबिनेट में फेरबदल को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कैबिनेट विस्तार से पहले जहां पूर्व गृहमंत्री बाबूलाल गौर और सरताज सिंह ने भाजपा आलाकमान को नाकों चने चबवा दिए थे वहीं मंत्रालय बदलने से अब कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे नाराज बताई जा रही है।
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में उनकी नाराजगी उस समय सामने आ गई जब नौकरशाही की कार्यशैली को लेकर वह मुख्यमंत्री के सामने ही बिफर पड़ीं।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार बैठक में मौजूद पूर्व उद्योग और वाणिज्य मंत्री रही और वर्तमान में खेल मंत्री बनाई गई यशोधरा राजे ने सीधे मुख्यमंत्री से मुखातिब होते हुए कहा कि एक साल पहले उन्होंने घोटाले के एक मामले में एक कंपनी से छह करोड़ की रिकवरी के आदेश दिए थे।
राजे ने बताया कि सरकार के हित को देखते हुए वह चाहतीं थी कि उस कंपनी से धन की वसूली हो। इस संबंध में उन्होंने प्रधान सचिव और मुख्य सचिव एंटनी डी सा को भी लिखा लेकिन उनके खत की कोई सुनवाई नहीं हुई।
उनके तमाम प्रयासों के बाद नतीजा ये हुआ कि उनका मंत्रालय बदल दिया गया जबकि प्रधान सचिव अपने विभाग में पूरे मजे में जमे हैं। राजे ने आरोप लगाया कि प्रधान सचिव की शादी एक वरिष्ठ नेता की रिश्तेदारी में हुई है जिसका वह भरपूर फायदा उठा रहे हैं।
उनकी गिनती राज्य के सबसे ताकतवर नौकरशाहों में होती है। राजे के अनुसार फिलहाल उक्त नौकरशाह के रिश्तेदार भाजपा के मार्ग दर्शक मंडल में हैं। वहीं एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राजे को अंदेशा है कि उद्योग मंत्रालय से उनकी छुट्टी उसी नौकरशाह ने करवाई है।
बता दें कि यशोधरा राजे देश के बड़े राजनीतिक खानदान से ताल्लुक रखती हैं। इस परिवार का देश की दोनों बड़ी पार्टियों में पूरा दबदबा है। यशोधरा की बहन वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री हैं तो उनकी माता विजयाराजे सिंधिया भाजपा सरकार में मंत्री रही हैं। इसके अलावा इसी परिवार के माधवराव सिंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हैं।
