फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

MP लाडली लक्ष्मी 2.0 लॉन्च: शिवराज बोले- कॉलेज में प्रवेश लेने पर 25 हजार अलग से देंगे, फीस भी सरकार भरेगी

Mon, 09 May 2022 12:52 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Mon, 09 May 2022 12:52 PM IST
सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि लाडली लक्ष्मी बच्चियों के कॉलेज में एडमिशन लेने पर दो किश्तों में सरकार 25 हजार रुपए देगी। वहीं, कॉलेजों की फीस भी सरकार भरेंगी। लाड़लियों के लिए अच्छा काम करने वाली पंचायतों को भी सम्मानित किया जाएगा।

विज्ञापन
MP Ladli Laxmi 2.0 launch: Ladli Laxmi Yojna 2.0 MP Govt Provide Free Fees for Girls Admission in IIT and IIm Know Scheme Details
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 लांच की। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि लाडली लक्ष्मी बच्चियों के कॉलेज में एडमिशन लेने पर दो किश्तों में सरकार 25 हजार रुपए देगी। वहीं, कॉलेजों की फीस भी सरकार भरेंगी। लाड़लियों के लिए अच्छा काम करने वाली पंचायतों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 लॉन्च की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने लाड़लियों का फूलों से स्वागत किया।




इस अवसर पर लाडली लक्ष्मी बुक का विमोचन और लाडली ई संवाद एप का भी शुभारंभ किया। साथ ही कुछ लाड़ली बालिकाओं को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया।



चूंकि आज मदर्स डे भी था तो सीएम ने कहा कि मां को कभी भूलना मत क्योंकि उसके कारण ही अपना अस्तित्व है। सीएम ने कहा कि मुझे भी अपनी मां की याद आ रही है। मां बच्चों की जान होती है, वो होते हैं किस्मत वाले जिनके मां होती है। अपनी मां को कभी भूलना नहीं। मैंने अपनी मां को बचपन में ही खो दिया था।



मेरी लाडली लक्ष्मी से अपील करता हूं कि अपनी मां और पिता की इज्जत और सम्मान करना। आज लाडली लक्ष्मी उत्सव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में 42 लाख 14 हजार लाडली लक्ष्मी बेटियां हो गई हैं। मेरा मुख्यमंत्री बनना सफल हो गया। उन्होंने कहा कि मेरी बेटियों खूब पढ़ना और कुछ करके इतिहास रचना। आज वह दिन आ गया कि मां बाप कहेंगे कि बेटा हो तो ठीक है नहीं तो बेटियां ही हमारी लाडली है। 


 
MP Ladli Laxmi 2.0 launch: Ladli Laxmi Yojna 2.0 MP Govt Provide Free Fees for Girls Admission in IIT and IIm Know Scheme Details
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल 1 मई से 12 मई तक लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मनाया जाएगा। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने पर 8 से 7 लाख रुपएये फीस देनी पड़ती है। यह फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बेटियों को कहा कि अब तुम फीस की चिंता मत करना। तुम्हारा मामा फीस भरेगा। तुम इंजीनियर, डॉक्टर, प्रोफेसर, वकील, अच्छा खिलाड़ी, अच्छा कलाकार, आईएएस और आईपीएस जिस क्षेत्र में जाना चाहती हो जाओ। तुम्हारा मामा तुम्हारे साथ है।


इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी ग्राम पंचायतों काे सम्मानित किया जाएगा, जहां एक भी बाल विवाह नहीं होगा, बच्चियां कुपोषित नहीं रहेंगी, बालिका अपराध घटित नहीं होगा, शाला में 100 प्रतिशत प्रवेश और टीकाकरण होगा उन्हें लाडली पंचायत घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल 2 मई से 12 मई तक लाडली लक्ष्मी उत्सव मनाया जाएगा। 
 
MP Ladli Laxmi 2.0 launch: Ladli Laxmi Yojna 2.0 MP Govt Provide Free Fees for Girls Admission in IIT and IIm Know Scheme Details
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने लाड़लियों का फूलों से स्वागत किया। - फोटो : अमर उजाला
अब तक 42.14 लाख लाडली लक्ष्मी रजिस्टर
प्रदेश में 2007 से अब तक 42.08 लाख से अधिक बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया है। योजना के तहत अब तक कक्षा 6, कक्षा 9, कक्षा 11 और कक्षा 12 में प्रवेशित कुल 9.05 लाख बालिकाओं को 231.07 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति बांटी की गई। इसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सोच में परिवर्तन लाना और उनकी शिक्षा की निरंतरता को सुनिश्चित करना है।
 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
MP Ladli Laxmi 2.0 launch: Ladli Laxmi Yojna 2.0 MP Govt Provide Free Fees for Girls Admission in IIT and IIm Know Scheme Details
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में 42 लाख 14 हजार लाडली लक्ष्मी बेटियां हो गई है। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में बाल विवाह में 93% की कमी आई
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की पांचवीं रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में बाल विवाह में 93 प्रतिशत की कमी आई है। 2011 की जनगणना के समय प्रदेश का शिशु लिंगानुपात (जन्म के समय) 919 था, जो अब बढ़कर 956 हो चुका है। ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड जैसे कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में लिंगानुपात में सकारात्मक परिवर्तन आया है। 2 बच्चों के बाद और अधिक बच्चों की चाह न रखने वाले परिवारों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। यह प्रतिशत 78 से अधिक हो गया है। बेटियों से ज्यादा बेटे चाहने वाले महिलाओं और पुरुषों का प्रतिशत 18 से घटकर 13 हो गया है। घरेलू हिंसा के मामले में 33 प्रतिशत से घटकर 28 प्रतिशत हो गए हैं।

 
93% लोग बेटी को 12वीं के बाद पढ़ाना चाहते हैं
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार बेटी की चाह को लेकर नवविवाहितों एवं किशोर की सोच बेहतर हुई है। हर वर्ग के 99 प्रतिशत लोग बेटी का विवाह 18 वर्ष के बाद कराना चाहते हैं। लगभग 93 प्रतिशत लोग बेटी को 12वीं कक्षा से अधिक पढ़ाना चाहते हैं। ज्यादातर पालक लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए बेटी की शिक्षा जारी रखना चाहते हैं। 90% से अधिक की सोच में बालिकाओं के जन्म, स्वास्थ्य, खान-पान संबंधी व्यवहारों, शिक्षा, घर में होने वाले व्यवहार एवं विवाह के संबंध में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed