सेना पर अभद्र टिप्पणी कर फंसे कन्हैया, हाइकोर्ट ने दिया नोटिस
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देशद्रोह के आरोपों से घिरे जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार अब नई मुसीबत में घिरते दिख रहे हैं। अपने विवादित बयानों के कारण लगातार चर्चा में रहने वाले कन्हैया कुमार के लिए इंडियन आर्मी पर की गई उनकी टिप्पणी मुसीबत का सबब बन सकती है। इस मामले में देशद्रोह की याचिका पर मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार कन्हैया के खिलाफ ग्वालियर के रहने वाले एक वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इसी पर हाईकोर्ट ने कन्हैया को नोटिस जारी कर दिया है।
बता दें कि कन्हैया कुमार ने बीते महिला दिवस पर आर्मी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा था कि सेना पूर्वोत्तर और कश्मीर में रेप के मामलों में लिप्त रहती है। कन्हैया के इस बयान की देशभर में आलोचना हुई थी।
इस मामले में हाइकोर्ट की ग्वालियर बेंच के सामने वकील अवधेश सिंह भदौरिया ने याचिका दायर की थी। जस्टिस डीके पालीवाल ने देशद्रोह के आरोपों में सेक्शन 500 के तहत कन्हैया को नोटिस जारी किया है।
कन्हैया के बयान पर हाइकोर्ट बेंच ने चार हफ्ते में मांगा जवाब
जिसमें कन्हैया से चार हफ्ते के अंदर जवाब मांगा गया है। वहीं याचिका दायर करने वाले वकील भदौरिया ने बताया कि मेरा भाई इंडियन आर्मी में है और कश्मीर में तैनात है। मेरे ससुर भी आर्मी में हैं और कश्मीर में तैनात हैं।
इसके अलावा मेरे परिवार के कई अन्य लोग भी सेना में हैं जो कश्मीर में ही तैनाती ले रहे हैं और मुझे उन पर गर्व है। ऐसे में सेना के जवानों पर कन्हैया कुमार की टिप्पणी से मुझ सहित काफी लोगों को आघात पहुंचा है।
भदौरिया ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कन्हैया को कानूनी नोटिस भेजकर माफी मांगने की मांग की थी लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
बता दें कि 8 मार्च को दिल्ली में महिलाओं और छात्रों के एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने बयान दिया था कि हमें रोकने का कोई मतलब नहीं है। हम मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ बोलते रहेंगे। हम अफस्पा के खिआफ अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। हालांकि हम अपने जवानों को बहुत सम्मान करते हैं लेकिन यह भी एक तथ्य है कि कश्मीर में जवानों ने महिलाओं के साथ बलात्कार किया है।
