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MP News: रीवा में पदस्थ रहे सात कलेक्टर को अवमानना याचिका पर नोटिस, तालाबों में अतिक्रमण मामले पर HC हुआ सख्त
Mon, 13 Feb 2023 09:40 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 13 Feb 2023 09:40 PM IST
सार
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि 15 तालाबों से अतिक्रमण नहीं हटाए गए हैं। इसके अलावा युगलपीठ के समक्ष कलेक्टरों के नाम की सूची भी पेश की गई। युगलपीठ ने सभी कलेक्टर को याचिका में अनावेदक बनाते हुए पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। अनावेदक कलेक्टरों को जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
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विस्तार
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आदेश के बावजूद भी रीवा जिले के तालाबों से अतिक्रमण नहीं हटाने को गंभीरता से लिया है। अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने साल 2014 से अभी तक पदस्थ सात जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
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कलेक्टरों ने किया था अदालत के आदेश को नजरअंदाज
याचिकाकर्ता श्यामनंदन मिश्रा की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि पूर्व में उन्होंने रीवा जिले के तालाबों के संरक्षण की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने रीवा जिले के सभी तालाबों से अतिक्रमण हटाने तथा अवैध उत्खनन रोकने के लिए जिला कलेक्टर को आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने इसके लिए 31 मार्च 2014 तक की तारीख निर्धारित की थी। इसके अलावा जिला कलेक्टर को एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के आदेश भी जारी किए गए थे। हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने के कारण साल 2014 में उक्त अवमानना याचिका दायर की गई थी।
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तालाबों में अतिक्रमण की वजह से उनका अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। कई तालाबों पर आवासीय कॉलोनियां बन गईं। वहीं, कई जगह तालाबों में खेती होने लगी है।
'आदेश की घोर अवमानना किया जाना हो रहा प्रतीत'
पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने बताया था कि हाई कोर्ट के आदेश का परिपालन जिला कलेक्टर द्वारा नहीं किया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि 16 जनवरी 2014 से अभी तक पदस्थ सभी कलेक्टरों की ओर से घोर अवमानना किया जाना प्रतीत हो रहा है। युगलपीठ ने इस कार्यकाल के दौरान पदस्थ सभी कलेक्टरों के नामों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
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सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि 15 तालाबों से अतिक्रमण नहीं हटाए गए हैं। इसके अलावा युगलपीठ के समक्ष कलेक्टरों के नाम की सूची भी पेश की गई। युगलपीठ ने सभी कलेक्टरों को याचिका में अनावेदक बनाते हुए पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। अनावेदक कलेक्टरों को जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा ने पैरवी की।
इन कलेक्टर को जारी किया गया नोटिस
रीवा के जिन कलेक्टरों पर अवमानना की कार्रवाई की तलवार लटक रही है, उनमें साल 2014 से लेकर अब तक के कलेक्टर का नाम शामिल है। इनमें शिवनारायण रूपला, राहुल जैन, प्रीति मैथिल नायक, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, बसंत कुर्रे, डॉ. इलैयाराजा टी और मनोज पुष्प शामिल हैं।
