'प्रधानमंत्रीजी हेडमास्टर कमरे में बंद करके पीटता है, आपकी मदद की जरूरत है'
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मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में एक सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को प्रिंसिपल के स्कूल न आने की शिकायत करना भारी पड़ गया। आरोप है कि इससे गुस्साए प्रिंसिपल ने छात्रों की कमरे में बंद करे पिटाई की और मुंह खोलने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इससे आहत छात्रों ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर सारे मामले की शिकायत की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार राजगढ़ जिले के हिरणखेड़ा गांव के कक्षा पांच के छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को खत लिखकर बताया है कि "हमारे स्कूल के हेडमास्टर ललित कुसरवाल अधिकतर समय स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं। इसके कारण हम पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं।"
"वह एक बार स्कूल आते हैं और हाजिरी लगाकर निकल जाते हैं। जब हमने इसकी शिकायत उनसे की तो वह भड़क गए और एक कमरे में बंद करके हमारी पिटाई की। हमें तत्काल आपकी मदद की जरूरत है।"
शिक्षक ने कमरे में बंद करके की पिटाई, छात्रों ने पीएम को लिखा खत
स्कूल के कक्षा छह के 16 छात्रों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से भी की। राजगढ़ के जिला कलेक्टर तरुण पिथौड़े के जन सुनवाई कार्यक्रम में इसकी शिकायत की गई, जिसमें यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें अभी तक भी स्कूल की ओर से यूनिफार्म और स्कॉलरशिप नहीं मिली है।
एक छात्रा के पिता देवी सिंह ने बताया कि पिछले चार सालों में उनकी बेटी को स्कूल से कभी भी यूनिफार्म और स्कॉलरशिप नहीं मिली है। मुझे अपने पैसे से उसकी यूनिफार्म सिलवानी पड़ी। वो रोष से कहते हैं कि अगर मेरे पास इतने ही पैसे होते तो मैं उसे सरकारी स्कूल में ही क्यों पढ़ाता। हम तो बस अब सरकारी अधिकारियों से हस्तक्षेप चाहते हैं।
वहीं इस संबंध में कलेक्टर तरुण पिथौड़े का कहना है कि कुछ छात्रों ने इस संबंध में मुझसे मुलाकात की थी। यह वाकई में गंभीर मामला है और हम इसकी तुरंत जांच कराएंगे। जो भी आरोपी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में राज्य की पूर्व मुख्य सचिव और वतर्मान में बाल अधिकार वेधशाला की अध्यक्ष निर्मला बुच कहती हैं कि इस मामले को जानकर हम अचंभे में हैं। यह ऐसे बच्चों के खिलाफ पूरी तरह नृशंस कृत्य है जो पढ़ना चाहते हैं और अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी।
