प्रदेश में भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल: सिंधिया

जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला, भोपाल Updated Fri, 22 Nov 2013 05:03 PM IST
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प्रश्न-मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पार्टी के बागी चुनौती दे रहे हैं?
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उत्तर-कोई फर्क नहीं पड़ता। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी बहुमत हासिल करके सरकार बना रही है। प्रदेश का मतदाता कांग्रेस को सत्ता में लाना चाहता है।
इसलिए कुछ स्थानों पर कांग्रेस से बगावत करके कुछ लोग चुनाव में खड़े हो गए हैं तो उसका कोई विपरीत असर कांग्रेस की संभावनाओं व विजय अभियान पर नहीं पड़ेगा।
प्रश्न- टिकटों के बंटवारे में बहुत असंतोष देखा गया। खबरें थीं कि आप भी काफी नाराज हैं। क्या आप टिकटों के मौजूदा बंटवारे से पूरी तरह संतुष्ट हैं?

उत्तर-
कांग्रेस पार्टी में टिकट वितरण की एक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के तहत पार्टी उम्मीदवार का चयन करती है। पार्टी में न कोई असंतोष था, न  मुझसे और न ही अन्य कोई वरिष्ठ नेता टिकट वितरण से नाराज है। हम सब उन उम्मीदवारों को विजयी बनाने के लिए प्रचार कर रहे हैं।

प्रश्न-शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह एक राजघराने और साधारण परिवार से आए शख्स के बीच की लड़ाई है, क्या आप इसे खास बनाम आम की जंग मानते हैं?

उत्तर-
जो अपने आपको साधारण परिवार का बताकर मतदाताओं की सहानुभूति प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके चाल, चरित्र और चेहरे से पूरे प्रदेश का जनमानस परिचित हो गया है। भाजपा सरकार के मुखिया के पास प्रदेश के जनमानस को बताने के लिए कोई ठोस उपलब्धियां नहीं हैं।

प्रश्न- कहा जा रहा है शिवराज अपनी छवि पर वोट मांग रहे हैँ?

उत्तर-
शिवराज सिंह चौहान तो मुख्यमंत्री रहे। अपनी उपलब्धियां गिनाते हैं। दिग्विजय सिंह सरकार से तुलना करते हैं। मोदी कहते हैं कि सबको विकास दिखता है, कांग्रेस को नहीं दिखता।

क्या आपको लगता है कि शिवराज सरकार की सफलताएं केवल प्रचार में हैं, वास्तविकता में नहीं? ये केवल प्रचार है। असलियत में तो भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है।

हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस ने हमेशा सत्ता के विकेंद्रीकरण में विश्वास रखा है। भाजपा के शासन में तीन स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था ध्वस्त हो गई।

नगरीय निकायों के अधिकारों का हनन हुआ। महिलाओं, बच्चों व नौजवानों में असुरक्षा की भावना आई। प्रतियोगी परीक्षाओं व नौकरियों में भ्रष्टाचार हुआ।

व्यवसायिक परीक्षा का मामला सामने है। वास्तव में ये सरकार विकास के किसी भी मानक पर खरी नहीं उतरी।

प्रश्न-
कांग्रेस ने आपको मुख्यमंत्री के तौर पर क्यों प्रोजेक्ट नहीं किया? आपको प्रचार अभियान प्रमुख बनाया गया है। ऐसा क्यों?

उत्तर-
मैं कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता हूं। पार्टी ने मुझे प्रदेश में प्रचार अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। उसे मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभा रहा हूं। कांग्रेस पार्टी को फिर सत्ता में लाना मेरा लक्ष्य है।

प्रश्न- क्या सुरेश पचौरी को अचानक विधानसभा चुनाव में उतारना किसी रणनीति का हिस्सा है? क्या मुख्यमंत्री विधायकों में से ही चुना जाएगा?

उत्तर-
सुरेश पचौरी जी कांग्रेस के लोकप्रिय और अनुभवशाली नेता हैं। विधानसभा चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाने से कार्यकर्ताओं में नए उत्साह व ऊर्जा का संचार हुआ है। पहला लक्ष्य कांग्रेस को बहुमत में लाना है। चुनाव के नतीजे आ जाने के बाद ही मुख्यमंत्री पद पर विचार किया जाएगा।

प्रश्न- नरेंद्र मोदी को मध्य प्रदेश में उतारा गया है। वे साढ़े तीन दिन में 14 सभाएं कर रहे हैं। क्या शिवराज सिंह के मुकाबले नरेंद्र मोदी से निपटना ज्यादा मुश्किल है?

उत्तर-
कांग्रेस मध्य प्रदेश की जनता के बीच अपना घोषणा पत्र और जनकल्याणकारी नीतियों को लेकर पहुंचेगी। प्रदेश का मतदाता बुद्धिमान है।

भाजपा सरकार की कथनी और करनी सबके सामने है। मतदाता अच्छी तरह जानता है कि घोषणावीरों और सपनों के सौदागरों से कैसे निपटना है।

प्रश्न- मध्य प्रदेश की सरकार को लेकर आपका अगले पांच सालों का क्या विजन है? आप ऐसा क्या करना चाहेंगे जो शिवराज सरकार नहीं कर पाई है?

उत्तर- भाजपा सरकार ने लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को नष्ट कर दिया। कांग्रेस इस धारणा को फिर स्थापित करेगी। हमारा लक्ष्य जमीनी स्तर पर आम आदमी को त्रस्त करने वाले भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करना है।

भाजपा के दस सालों में आम आदमी के चेहरे से मुस्कान गायब हो गई। हम प्रदेश की जनता को हंसता मुस्कुराता देखना चाहते हैं। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में जिम्मेदार, संवेदनशील और पारदर्शी प्रशासन देने का वादा किया है, हम इसे पूरा करेंगे।

प्रश्न- शिवराज सिंह का कहना है कि केंद्र में विरोधी सरकार थी। इससे प्रदेश को नुकसान हुआ है।  केंद्र्र के हाईवे खस्ताहाल क्यों है?

उत्तर-
केंद्र ने सभी राज्य सरकारों को बिना भेदभाव के विभिन्न योजनाओं और मदों में राशि प्रदान की है। मध्य प्रदेश सरकार को केंद्र से पहले से भी ज्यादा राशि मिली है।

भाजपा सरकार ने उस राशि का दुरुपयोग करते हुए जनता को फायदों से वंचित रखा। राष्ट्रीय राजमार्गों के रख-रखाव का कार्य राज्य सरकार के माध्यम से ही किया जाता है। केंद्र ने इन राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए पर्याप्त राशि भेजी लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उसका उपयोग नहीं किया।

प्रश्न-कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेता आपको ब्यूटी पार्लर से निकले नेता बताते हैं, क्या यह आपके व्यक्तित्व को निशाना बनाने की सुनियोजित रणनीति है?

उत्तर-यदि भाजपा नेता ने ऐसी बात बोली है तो यह उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। छोटी सोच के तथाकथित बड़े नेता ऐसे बयान देकर झूठी प्रसिद्धि पाने का प्रयास करते रहते हैं।

कई नेताओं ने अपने बेटों को चुनाव मैदान में उतार दिया है। कुछ ने तो पिछले दरवाजे से चुनाव मैदान में बेटों को उतार दिया।

क्या आपको यह संस्कृति ठीक लगती है? क्या यह कांग्रेस के उन सिद्धांतों के खिलाफ नहीं है, जिसका जिक्र राहुल गांधी करते रहते हैं?
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