{"_id":"653aa46b4dbad71f970dceb7","slug":"mp-election-2023-congress-again-hit-former-mla-savita-dewan-took-bjp-membership-2023-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Election 2023: कांग्रेस को फिर लगा झटका, पूर्व विधायक सविता दीवान ने ली भाजपा की सदस्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Election 2023: कांग्रेस को फिर लगा झटका, पूर्व विधायक सविता दीवान ने ली भाजपा की सदस्यता
Thu, 26 Oct 2023 11:09 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 26 Oct 2023 11:09 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद नाराज नेताओं का इधर से उधर आने-जाने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में पूर्व विधायक सविता दीवान ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली है।
विज्ञापन
पूर्व विधायक सविता दीवान भाजपा में शामिल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में टिकट कटने के बाद कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच सोहागपुर से टिकट की मांग कर रही पूर्व विधायक सविता दीवान ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और भाजपा की सदस्यता ली। गुरुवार को उनको केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
पूर्व विधायक ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस को अब निष्ठावान कार्यकर्ताओं की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस ने सोहागपुर से पुष्पराज पटेल को टिकट दिया है। टिकट नहीं मिलने से सविता दीवान नाराज थी।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक दिन पहले लिखा था कि उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है। जो जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है। बता दें यही लाइन लिखकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कांग्रेस छोड़ी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व विधायक ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस को अब निष्ठावान कार्यकर्ताओं की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस ने सोहागपुर से पुष्पराज पटेल को टिकट दिया है। टिकट नहीं मिलने से सविता दीवान नाराज थी।
विज्ञापन
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक दिन पहले लिखा था कि उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है। जो जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है। बता दें यही लाइन लिखकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कांग्रेस छोड़ी थी।
विज्ञापन
