महिला से बदसलूकी करने पर सस्पेंड हो गए कलेक्टर
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मध्यप्रदेश के भिंड में एक परेशान महिला से बदसलूकी करना वहां के कलेक्टर को भारी पड़ गया। प्रदेश सरकार ने कलेक्टर साहब के इस कृत्य को गंभीर मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। महिला उनके पास धान की फसल खराब होने के बाद अपनी समस्या लेकर पहुंची थी।
उसे उम्मीद थी कि जिले के सबसे आला साहब उसकी फरियाद सुनकर जरूर कुछ मदद करेंगे लेकिन कलेक्टर के चुभते बोलों ने उसकी आंखों से आंसू ला दिए। मामला कुछ इस तरह का है। भिंड के एक गांव की महिला अपनी धान की फसल खराब होने का दुखड़ा लेकर डीएम मधुकर आग्नेय के पास पहुंची थी।
महिला उन्हें रोते-रोते अपनी समस्या बता रही थी कि डीएम साहब का पारा हाई हो गया। वो उस पर चीखते हुए बोले, 'अरे ठीक से बात करो रोने से कुछ नहीं होता।' डीएम की फटकार सुनकर महिला अचंभे में पड़ गई।
फसल खराब होने का दुखड़ा लेकर आई थी महिला
इसके बाद फिर उसे लगभग धमकाते हुए डीएम ने कहा, 'तुमसे किसने कहा था धान बोने को, क्यों लगाते हो जब पानी नहीं बरसता'। बताते हैं कि इसके बाद डीएम ने महिला को भगा दिया। लेकिन डीएम साहब की यह सारी करतूत किसी ने कैमरे में कैद कर ली।
मामला सोशल मीडिया से होता हुआ मीडिया में पहुंचा तो बात सरकार के कान तक भी पहुंच गई। प्रदेश सरकार ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी डीएम मधुकर आग्नेय को सस्पेंड कर दिया।
ऐसा नहीं है कि डीएम ने इतनी गैर जिम्मेदाराना हरकत पहली बार की है इससे पहले भी वह किसानों की मौत के लिए उनके बच्चों को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं।
