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Mission 2023: नाथ के गढ़ से आदिवासियों का भरोसा जीतने के लिए शिवराज देंगे सौगात, पेसा एक्ट से बढ़ेंगी सीटें!
Sun, 06 Nov 2022 10:43 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 06 Nov 2022 10:43 PM IST
सार
शिवराज सरकार 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आदिवासियों का भरोसा जीतने बड़ा कार्यक्रम करने जा रही है। यह कार्यक्रम कमलनाथ के गढ़ महाकौशल के शहडोल जिले में होगा।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में एक साल का समय बाकी है। इसके पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों का फोकस आदिवासी सीटों पर है। अब शिवराज सरकार 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आदिवासियों का भरोसा जीतने बड़ा कार्यक्रम करने जा रही है। यह कार्यक्रम कमलनाथ के गढ़ महाकौशल के शहडोल जिले में होगा। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों के लिए कई सौगात देने वाले हैं।
जयस का पटकनी देने बड़ा दाव
इसमें से एक प्रदेश के 89 आदिवासी ब्लॉक में पेसा एक्ट लागू करना भी है। इसे जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) को पटकनी देने शिवराज सरकार का बड़ा दाव माना जा रहा है। इसके अलावा जनजातीय गौरव दिवस पर सभी पंचायत में कार्यक्रम होंगे। इस दिन नवनिर्मित कन्या शिक्षा परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण, संपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम, मित्र-24*7 कॉल सेंटर और ट्राइबल डिजाइन सेंटर-एनआईडी भोपाल का शुभारंभ होगा। साथ ही साथ ही जेईई, नीट और क्लेट के विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा।
PM की रैली से मालवा साधने का प्रयास
प्रदेश में आदिवासियों के लिए सबसे ज्यादा आरक्षित सीटें मालवा में 22 और महाकौशल में 15 हैं। 2018 में बीजेपी मालवा में 6 और महाकौशल में सिर्फ 4 सीटें ही जीत सकी। मालवा-निमाड़ में राजस्थान और गुजरात बॉर्डर की प्रदेश की आरक्षित आदिवासी सीटों को बीजेपी साधने में जुटी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मानगढ़ में रैली राजस्थान, गुजरात और मालवा के बार्डर के जिलों के आदिवासियों को साधने ही रखी गई थी।
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2003 का बीजेपी ने जनाधार खोया
दरअसल प्रदेश की 230 सीटों में 47 सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं और 84 सीटों पर प्रभाव है। 2003 में बीजेपी ने आदिवासी वर्ग के बीच बना जनाधार पिछले चुनाव में खो दिया। 2018 में बीजेपी को 84 में से सिर्फ 34 सीट पर ही जीत मिली थी, जबकि 2013 में बीजेपी के 59 पर अपने विधायक जीत कर आए थे। वहीं आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों में बीजेपी को 2018 में सिर्फ 16 पर जीत मिली, जबकि यह संख्या 2013 में 31 थी। बीजेपी को सत्ता पाने में 7 सीटें कम मिली थीं। इसका फायदा कांगेस को मिला और कमलनाथ मुख्यमंत्री बन गए थे।
निगम चुनाव में बीजेपी को लगा झटका
नगर निगम चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा। 16 नगर निगम में से 7 सीटें बीजेपी के हाथ से निकल गईं। इसमें पांच पर कांग्रेस, 1 पर निर्दलीय और एक पर आम आदमी पार्टी की महापौर जीती। अब बीजेपी अपनी पिछली गलती को सुधारने में जुट गई है। मुख्यमंत्री ने रविवार को जनजातीय कार्यकर्ता मिलन सम्मेलन में कहा कि जनजातीय समाज के लिए जितने जन हितैषी काम भाजपा सरकार ने किए, उतने काम आज तक किसी दल नहीं किए। उन्होंने बीजेपी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए कहा।
पेसा एक्ट से सशक्त होगी ग्राम सभा
प्रदेश में पेसा एक्ट 1996 से लागू है। अभी 17 विभागों के एक साथ नियम बनाए जा रहे हैं। जो 15 नवंबर से लागू होंगे। इससे आदिवासी ग्राम पंचायतें सशक्त होंगी। आदिवासी समुदाय की परंपराओं, रीति रिवाजों की रक्षा और संरक्षण होगा। नए नियम में ग्राम सभा खदान की अनुमति, शराब दुकान के संचालन की अनुमति देगी। साहूकारों को पंजीकृत करना समेत ग्राम सभा ही क्षेत्र में स्वशासन और विकास योजनाओं को मंजूरी देगी।
जनाधार दोबारा पाने कर रही बीजेपी काम
वरिष्ठ पत्रकार प्रभु पटेरिया ने कहा कि सरकार का आदिवासी वर्ग के बीच बना जनाधार 2018 में खिसक गया था। इसको दोबारा पाने बीजेपी और शिवराज सरकार दोनों लगातार काम कर रहे हैं। कमलनाथ सरकार ने 2019 में विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को छुट्टी घोषित की थी। इसे शिवराज सरकार ने बदलकर बिरसा मुंडा जयंती 15 नवंबर को सरकारी अवकाश घोषित किया। बीजेपी मालवा क्षेत्र में गुट में बंट चुकी जयस को साधने के लिए भी काम कर रही है। महाकौशल में आदिवासी वोट बैंक कांग्रेस की तरफ ना जाए इस रणनीति पर काम कर रही हैं।
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जयस का पटकनी देने बड़ा दाव
इसमें से एक प्रदेश के 89 आदिवासी ब्लॉक में पेसा एक्ट लागू करना भी है। इसे जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) को पटकनी देने शिवराज सरकार का बड़ा दाव माना जा रहा है। इसके अलावा जनजातीय गौरव दिवस पर सभी पंचायत में कार्यक्रम होंगे। इस दिन नवनिर्मित कन्या शिक्षा परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण, संपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम, मित्र-24*7 कॉल सेंटर और ट्राइबल डिजाइन सेंटर-एनआईडी भोपाल का शुभारंभ होगा। साथ ही साथ ही जेईई, नीट और क्लेट के विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा।
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PM की रैली से मालवा साधने का प्रयास
प्रदेश में आदिवासियों के लिए सबसे ज्यादा आरक्षित सीटें मालवा में 22 और महाकौशल में 15 हैं। 2018 में बीजेपी मालवा में 6 और महाकौशल में सिर्फ 4 सीटें ही जीत सकी। मालवा-निमाड़ में राजस्थान और गुजरात बॉर्डर की प्रदेश की आरक्षित आदिवासी सीटों को बीजेपी साधने में जुटी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मानगढ़ में रैली राजस्थान, गुजरात और मालवा के बार्डर के जिलों के आदिवासियों को साधने ही रखी गई थी।
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2003 का बीजेपी ने जनाधार खोया
दरअसल प्रदेश की 230 सीटों में 47 सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं और 84 सीटों पर प्रभाव है। 2003 में बीजेपी ने आदिवासी वर्ग के बीच बना जनाधार पिछले चुनाव में खो दिया। 2018 में बीजेपी को 84 में से सिर्फ 34 सीट पर ही जीत मिली थी, जबकि 2013 में बीजेपी के 59 पर अपने विधायक जीत कर आए थे। वहीं आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों में बीजेपी को 2018 में सिर्फ 16 पर जीत मिली, जबकि यह संख्या 2013 में 31 थी। बीजेपी को सत्ता पाने में 7 सीटें कम मिली थीं। इसका फायदा कांगेस को मिला और कमलनाथ मुख्यमंत्री बन गए थे।
निगम चुनाव में बीजेपी को लगा झटका
नगर निगम चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा। 16 नगर निगम में से 7 सीटें बीजेपी के हाथ से निकल गईं। इसमें पांच पर कांग्रेस, 1 पर निर्दलीय और एक पर आम आदमी पार्टी की महापौर जीती। अब बीजेपी अपनी पिछली गलती को सुधारने में जुट गई है। मुख्यमंत्री ने रविवार को जनजातीय कार्यकर्ता मिलन सम्मेलन में कहा कि जनजातीय समाज के लिए जितने जन हितैषी काम भाजपा सरकार ने किए, उतने काम आज तक किसी दल नहीं किए। उन्होंने बीजेपी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करने के लिए कहा।
पेसा एक्ट से सशक्त होगी ग्राम सभा
प्रदेश में पेसा एक्ट 1996 से लागू है। अभी 17 विभागों के एक साथ नियम बनाए जा रहे हैं। जो 15 नवंबर से लागू होंगे। इससे आदिवासी ग्राम पंचायतें सशक्त होंगी। आदिवासी समुदाय की परंपराओं, रीति रिवाजों की रक्षा और संरक्षण होगा। नए नियम में ग्राम सभा खदान की अनुमति, शराब दुकान के संचालन की अनुमति देगी। साहूकारों को पंजीकृत करना समेत ग्राम सभा ही क्षेत्र में स्वशासन और विकास योजनाओं को मंजूरी देगी।
जनाधार दोबारा पाने कर रही बीजेपी काम
वरिष्ठ पत्रकार प्रभु पटेरिया ने कहा कि सरकार का आदिवासी वर्ग के बीच बना जनाधार 2018 में खिसक गया था। इसको दोबारा पाने बीजेपी और शिवराज सरकार दोनों लगातार काम कर रहे हैं। कमलनाथ सरकार ने 2019 में विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को छुट्टी घोषित की थी। इसे शिवराज सरकार ने बदलकर बिरसा मुंडा जयंती 15 नवंबर को सरकारी अवकाश घोषित किया। बीजेपी मालवा क्षेत्र में गुट में बंट चुकी जयस को साधने के लिए भी काम कर रही है। महाकौशल में आदिवासी वोट बैंक कांग्रेस की तरफ ना जाए इस रणनीति पर काम कर रही हैं।
