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मध्यप्रदेश: माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार की जांच शुरू, पूर्व कुलपति भी घेरे में
Mon, 28 Jan 2019 12:17 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 28 Jan 2019 12:17 PM IST
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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल
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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमित्ता और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए शासन द्वारा नियुक्त कमेटी ने काम शुरू कर दिया है। पूर्व कुलपति प्रो. बीके कुठियाला की विदेश यात्राओं की भी जांच की जा रही है।
भोपाल स्थित विश्वविद्यालय में रविवार को कमेटी ने जांच का कार्य शुरू किया। कमेटी की पहली बैठक तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली। जांच कमेटी ने पूर्व कुलपति प्रो. बीके कुठियाला की विदेश यात्राओं को भी जांच के घेरे में लिया है।
ऐसी आशंका है कि कुठियाला ने न सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न शहरों में लगने वाले शिविर बल्कि संघ के अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए विश्वविद्यालय का पैसा खर्च किया है।
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पूर्व रैक्टर लाजपत आहूजा पर ये हैं आरोप
वहीं पूर्व रैक्टर लाजपत आहूजा द्वारा लिए गए आवास भत्ता की भी जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक आहूजा अपनी पत्नी कमल आहूजा के नाम से रजिस्टर्ड आवास में रह रहे थे। इसके बाद भी उन्होंने विश्वविद्यालय से आवास भत्ता लिया। रैक्टर का यह आचरण नियमों के मुताबिक है या नहीं, इस संबंध में भी दस्तावेज मांगे गए हैं।
आहूजा ने आवासीय भत्ता के लेने आरोपों पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा, "यह महापरिषद का निर्णय था। इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है।"
जांच कमेटी की रविवार को हुई बैठक में कमेटी के अध्यक्ष व जनसंपर्क विभाग के एसीएस एम. गोपाल रेड्डी, मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी भूपेंद्र गुप्ता और सामाजिक कार्यकर्ता संदीप दीक्षित मौजूद थे। कमेटी के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के कुलपति पी. नरहरि से जांच के बिंदुओं को लेकर चर्चा की।
घर बैठे कर सकते हैं शिकायत
विश्वविद्यालय में हुई अनियमितताओं को लेकर कोई भी व्यक्ति 10 दिनों के अंदर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए वे ई-मेल आईडी mcucomplaint@gmail.com पर अपनी शिकायत घर बैठे भेज सकते हैं।
इसी महीने रैक्टर पद से दिया था इस्तीफा
विश्वविद्यालय के रैक्टर पद से लाजपत आहूजा ने कार्यवाहक कुलपति पी. नरहरि को 16 जनवरी बुधवार शाम इस्तीफा सौंपा था। आहूजा को प्रो-वाइस चांसलर के बराबर प्रतिमाह मिलने वाले भत्ते की तारीख लगभग दो साल 10 महीने पहले की बैकडेट से दिए जाने आदेश निरस्त किया गया था। इसके अगले दिन ही आहूजा ने इस्तीफा दे दिया। पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. संजय द्विवेदी ने रैक्टर को प्रो वाइस चांसलर के समकक्ष प्रति माह 4000 भत्ते दिए जाने का संशोधित आदेश इसी साल 8 जनवरी को जारी किया।
इससे पहले माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने ने भी 4 जनवरी 2019 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
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भोपाल स्थित विश्वविद्यालय में रविवार को कमेटी ने जांच का कार्य शुरू किया। कमेटी की पहली बैठक तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली। जांच कमेटी ने पूर्व कुलपति प्रो. बीके कुठियाला की विदेश यात्राओं को भी जांच के घेरे में लिया है।
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ऐसी आशंका है कि कुठियाला ने न सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न शहरों में लगने वाले शिविर बल्कि संघ के अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए विश्वविद्यालय का पैसा खर्च किया है।
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पूर्व रैक्टर लाजपत आहूजा पर ये हैं आरोप
वहीं पूर्व रैक्टर लाजपत आहूजा द्वारा लिए गए आवास भत्ता की भी जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक आहूजा अपनी पत्नी कमल आहूजा के नाम से रजिस्टर्ड आवास में रह रहे थे। इसके बाद भी उन्होंने विश्वविद्यालय से आवास भत्ता लिया। रैक्टर का यह आचरण नियमों के मुताबिक है या नहीं, इस संबंध में भी दस्तावेज मांगे गए हैं।
आहूजा ने आवासीय भत्ता के लेने आरोपों पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा, "यह महापरिषद का निर्णय था। इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है।"
जांच कमेटी की रविवार को हुई बैठक में कमेटी के अध्यक्ष व जनसंपर्क विभाग के एसीएस एम. गोपाल रेड्डी, मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी भूपेंद्र गुप्ता और सामाजिक कार्यकर्ता संदीप दीक्षित मौजूद थे। कमेटी के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के कुलपति पी. नरहरि से जांच के बिंदुओं को लेकर चर्चा की।
घर बैठे कर सकते हैं शिकायत
विश्वविद्यालय में हुई अनियमितताओं को लेकर कोई भी व्यक्ति 10 दिनों के अंदर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए वे ई-मेल आईडी mcucomplaint@gmail.com पर अपनी शिकायत घर बैठे भेज सकते हैं।
इसी महीने रैक्टर पद से दिया था इस्तीफा
विश्वविद्यालय के रैक्टर पद से लाजपत आहूजा ने कार्यवाहक कुलपति पी. नरहरि को 16 जनवरी बुधवार शाम इस्तीफा सौंपा था। आहूजा को प्रो-वाइस चांसलर के बराबर प्रतिमाह मिलने वाले भत्ते की तारीख लगभग दो साल 10 महीने पहले की बैकडेट से दिए जाने आदेश निरस्त किया गया था। इसके अगले दिन ही आहूजा ने इस्तीफा दे दिया। पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. संजय द्विवेदी ने रैक्टर को प्रो वाइस चांसलर के समकक्ष प्रति माह 4000 भत्ते दिए जाने का संशोधित आदेश इसी साल 8 जनवरी को जारी किया।
इससे पहले माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने ने भी 4 जनवरी 2019 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
