फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Maheshwar News: The movement of Sharda Sadan Library continues

Maheshwar News: शारदा सदन ग्रंथालय का आंदोलन जारी, मुख्यमंत्री ने किया था उद्घाटन, कलेक्टर ने लगवाया ताला

Wed, 26 Mar 2025 10:09 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 26 Mar 2025 10:09 PM IST
सार

महेश्वर में शारदा सदन ग्रंथालय को नए भवन में संचालित करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया, लेकिन कलेक्टर ने ताला लगवा दिया। जनता इसका विरोध कर रही है। कलेक्टर से बातचीत असफल रही, अब प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी में है।

विज्ञापन
Maheshwar News: The movement of Sharda Sadan Library continues
महेश्वर ग्रंथालय को लेकर आंदोलन जारी है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शारदा सदन ग्रंथालय को लेकर महेश्वर नगर में बीते दो सप्ताह से आंदोलन जारी है। नगरवासियों की मांग है कि पुराने भवन की जगह नए बने पर्यटन सुविधा केंद्र एवं ग्रंथालय में पुस्तकालय संचालित किया जाए। इस भवन का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान किया था। हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद खरगोन कलेक्टर श्रीमती भव्या मित्तल ने इस भवन पर ताला लगवा दिया, जिससे नगरवासियों में रोष है। कलेक्टर चाहती हैं कि ग्रंथालय किसी अन्य स्थान पर संचालित हो, जबकि जनता का कहना है कि इसे नए भवन में ही संचालित किया जाए। इसी विवाद के चलते "ग्रंथालय बचाओ आंदोलन" महेश्वर में लगातार जारी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- शनिवार को मनेगी भूतड़ी अमावस, 36 घंटों के लिए बदला रहेगा खंडवा-इंदौर रूट, पार्किंग की भी नई व्यवस्था
विज्ञापन


कलेक्टर ने किया निरीक्षण
21 मार्च को कलेक्टर श्रीमती भव्या मित्तल ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा की। उन्होंने ग्रंथालय को अत्याधुनिक रूप में संचालित करने का सुझाव दिया और इसके लिए 25 मार्च को एक विस्तृत योजना प्रस्तुत करने को कहा। प्रतिनिधिमंडल नियत तिथि पर खरगोन कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और ग्रंथालय को आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड करने का प्रस्ताव सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, कलेक्टर ने प्रस्ताव देखने के बजाय कहा, "आपकी क्या जरूरतें हैं, आप कहीं और बैठकर काम करें।" प्रतिनिधिमंडल ने जब शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और नगर की शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए ग्रंथालय को खोलने की मांग रखी, तो कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा, "ताला खोलने की इतनी जल्दी क्यों है? यह और कई महीने बंद रहेगा, इससे हमें कोई परेशानी नहीं है।"


ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश के 6 जिलों का तापमान 40 डिग्री पहुंचा, नर्मदापुरम रहा सबसे गर्म, पारा 40.9 डिग्री दर्ज

मुख्यमंत्री से मिलेंगे आंदोलनकारी
कलेक्टर की बेरुखी और असहयोगात्मक रुख को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने आगे चर्चा न करने का निर्णय लिया। ग्रंथालय संचालन समिति के सदस्य रोहित सोनी और जितेंद्र नेगी ने बताया कि ग्रंथालय को अपग्रेड करने और सुचारू संचालन के लिए विस्तृत प्रारूप प्रस्तुत किया गया था, लेकिन प्रशासन ने इसे अनदेखा कर दिया।

अब प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करेगा और ग्रंथालय संचालन को नए भवन में ही शुरू करने की मांग रखेगा। नगरवासियों का कहना है कि यह ग्रंथालय मात्र एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि महेश्वर की सांस्कृतिक और शैक्षणिक धरोहर है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed