{"_id":"6ac90757213c81dc14030e3a","slug":"maheshwar-anand-mela-old-ground-permission-traders-protest-rajkumar-mew-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश: महेश्वर में आनंद मेले पर पलटा फैसला, व्यापारियों के विरोध के बाद पुराने मैदान पर आयोजन को मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य प्रदेश: महेश्वर में आनंद मेले पर पलटा फैसला, व्यापारियों के विरोध के बाद पुराने मैदान पर आयोजन को मंजूरी
Fri, 09 Oct 2026 08:56 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 09 Oct 2026 08:56 PM IST
सार
महेश्वर में नवरात्रि के दौरान लगने वाले आनंद मेले का आयोजन स्थल बदलने के फैसले पर व्यापारियों और नागरिकों ने विरोध जताया था। विधायक राजकुमार मेव ने कलेक्टर गुरु प्रसाद के सामने व्यापारियों का पक्ष रखा। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुराने स्थल पर मेले के आयोजन की अनुमति जारी कर दी।
विज्ञापन
महेश्वर में आनंद मेले पर पलटा फैसला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नवरात्रि में लगने वाले आनंद मेले का आयोजन स्थल बदलने के फैसले पर उठे विरोध के बाद आखिरकार प्रशासन को पुराने स्थल पर ही मेले की अनुमति जारी करनी पड़ी। बूढ़ी जीन क्षेत्र में मेला लगाने के नगर परिषद के निर्णय पर व्यापारियों और नागरिकों की आपत्तियों के बीच विधायक राजकुमार मेव ने हस्तक्षेप किया। कलेक्टर गुरु प्रसाद के सामने व्यापारियों का पक्ष रखने के बाद पुराने स्थल पर आयोजन का रास्ता साफ हुआ। फैसले में बदलाव से व्यापारियों को राहत मिली है, लेकिन अब सवाल यह है कि पुराने स्थल पर निर्माण कार्य की स्थिति के बीच नगर परिषद आयोजन की तैयारियां कैसे पूरी करेगी।
पुराने मैदान से बूढ़ी जीन पहुंचा था मेले का आयोजन
नगर परिषद ने इस वर्ष पुराने आयोजन स्थल पर निर्माण कार्य होने का हवाला देते हुए मंडलेश्वर रोड स्थित बूढ़ी जीन क्षेत्र में मेला लगाने का निर्णय लिया था। 11 से 22 अक्टूबर तक प्रस्तावित मेले के साथ रावण दहन और आतिशबाजी के कार्यक्रम भी रखे गए थे। लेकिन नगर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नए स्थल पर आयोजन के फैसले को व्यापारियों और नागरिकों ने सहजता से स्वीकार नहीं किया। उनका तर्क था कि दूरी बढ़ने से मेले में लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और स्थानीय कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
व्यस्त मार्ग पर मेले के आयोजन से जाम और दुर्घटनाओं की आशंका
विरोध केवल दूरी और व्यापार तक सीमित नहीं था। बूढ़ी जीन क्षेत्र महेश्वर से धामनोद और ओंकारेश्वर की ओर आने-जाने वाले मार्ग पर स्थित है। थाना प्रभारी ने भी यातायात और सुरक्षा संबंधी चिंताएं प्रशासन के सामने रखी थीं। मेले के दौरान भीड़ बढ़ने से जाम और दुर्घटनाओं की आशंका जताई गई। इसके बाद नए स्थल पर आयोजन की अनुमति को लेकर स्थिति बदली और गुरुवार को अनुमति निरस्त होने से असमंजस और बढ़ गया।
विज्ञापन
व्यापारियों की मांग लेकर कलेक्टर से मिले विधायक राजकुमार मेव
पुराने स्थल पर ही मेला लगाने की मांग को लेकर व्यापारियों और नागरिकों ने विधायक राजकुमार मेव से हस्तक्षेप का आग्रह किया। विधायक ने कलेक्टर गुरु प्रसाद से मुलाकात कर व्यापारियों की मांग का प्रतिवेदन सौंपा और वर्षों से चली आ रही परंपरा तथा जनसुविधा को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की बात रखी। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुराने स्थल पर मेले के आयोजन की अनुमति जारी कर दी।
अब नगर परिषद के सामने तैयारियां पूरी करने की चुनौती
प्रशासन के आदेश के बाद आयोजन स्थल को लेकर तस्वीर तो साफ हुई है, लेकिन मेले की व्यवस्थाओं को लेकर नगर परिषद की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सीएमओ प्रियंक पंड्या ने बताया कि एसडीएम का आदेश प्राप्त हुआ है। इसे परिषद के संज्ञान में लाकर आगामी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
निर्माण कार्य के बीच समय पर आयोजन कराना बड़ी चुनौती
अब देखना होगा कि नगर परिषद पुराने स्थल पर निर्माण कार्य और मेले की तैयारियों के बीच किस तरह समन्वय बनाती है, ताकि आयोजन समय पर हो और श्रद्धालुओं, व्यापारियों तथा आम नागरिकों को परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन
पुराने मैदान से बूढ़ी जीन पहुंचा था मेले का आयोजन
नगर परिषद ने इस वर्ष पुराने आयोजन स्थल पर निर्माण कार्य होने का हवाला देते हुए मंडलेश्वर रोड स्थित बूढ़ी जीन क्षेत्र में मेला लगाने का निर्णय लिया था। 11 से 22 अक्टूबर तक प्रस्तावित मेले के साथ रावण दहन और आतिशबाजी के कार्यक्रम भी रखे गए थे। लेकिन नगर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नए स्थल पर आयोजन के फैसले को व्यापारियों और नागरिकों ने सहजता से स्वीकार नहीं किया। उनका तर्क था कि दूरी बढ़ने से मेले में लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और स्थानीय कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
व्यस्त मार्ग पर मेले के आयोजन से जाम और दुर्घटनाओं की आशंका
विरोध केवल दूरी और व्यापार तक सीमित नहीं था। बूढ़ी जीन क्षेत्र महेश्वर से धामनोद और ओंकारेश्वर की ओर आने-जाने वाले मार्ग पर स्थित है। थाना प्रभारी ने भी यातायात और सुरक्षा संबंधी चिंताएं प्रशासन के सामने रखी थीं। मेले के दौरान भीड़ बढ़ने से जाम और दुर्घटनाओं की आशंका जताई गई। इसके बाद नए स्थल पर आयोजन की अनुमति को लेकर स्थिति बदली और गुरुवार को अनुमति निरस्त होने से असमंजस और बढ़ गया।
विज्ञापन
व्यापारियों की मांग लेकर कलेक्टर से मिले विधायक राजकुमार मेव
पुराने स्थल पर ही मेला लगाने की मांग को लेकर व्यापारियों और नागरिकों ने विधायक राजकुमार मेव से हस्तक्षेप का आग्रह किया। विधायक ने कलेक्टर गुरु प्रसाद से मुलाकात कर व्यापारियों की मांग का प्रतिवेदन सौंपा और वर्षों से चली आ रही परंपरा तथा जनसुविधा को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की बात रखी। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुराने स्थल पर मेले के आयोजन की अनुमति जारी कर दी।
अब नगर परिषद के सामने तैयारियां पूरी करने की चुनौती
प्रशासन के आदेश के बाद आयोजन स्थल को लेकर तस्वीर तो साफ हुई है, लेकिन मेले की व्यवस्थाओं को लेकर नगर परिषद की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सीएमओ प्रियंक पंड्या ने बताया कि एसडीएम का आदेश प्राप्त हुआ है। इसे परिषद के संज्ञान में लाकर आगामी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
निर्माण कार्य के बीच समय पर आयोजन कराना बड़ी चुनौती
अब देखना होगा कि नगर परिषद पुराने स्थल पर निर्माण कार्य और मेले की तैयारियों के बीच किस तरह समन्वय बनाती है, ताकि आयोजन समय पर हो और श्रद्धालुओं, व्यापारियों तथा आम नागरिकों को परेशानी न उठानी पड़े।
