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मध्य प्रदेश: मेघा परमार को स्कूबा डाइविंग में कीर्तिमान बनाने पर सीहोर कलेक्टर ने किया सम्मानित

Mon, 28 Mar 2022 03:10 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Mon, 28 Mar 2022 03:10 PM IST
सार

सीहोर कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर ने मेघा परमार को स्कूबा डाइविंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए सम्मानित किया।

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Madhya Pradesh: Sehore collector honored Megha Parmar for making a record in scuba diving
मेघा परमार को ट्रॉफी भेंट करते सीहोर कलेक्टर चंद्र मोहन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर जिला कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर ने स्कूबा डाइविंग में नया कीर्तिमान स्थापित करने पर मेघा परमार को सम्मानित किया। कलेक्टर ठाकुर ने मेघा को ट्रॉफी, शॉल और श्रीफल भेंट कर उन्हें बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कलेक्टर से मुलाकात के दौरान मेघा ने प्रदेश की सभी बालिकाओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों हिस्सा लेने के लिए कहा। मेघा ने कहा कि असंभव कुछ भी नहीं है। कठिन परिश्रम और मार्गदर्शन की जरूरत होती है। मेघा अब नॉर्थ पोल पर स्काई डाइविंग करना चाहती हैं।    
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मेघा ने माउंट एवरेस्ट और स्कूबा डाइविंग से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत में स्कूबा डाइविंग कोच न होने के चलते अर्जेंटीना से कोच वॉल्टर को भारत बुलाया गया था। मेघा ने बताया कि पहले मुझे स्वीमिंग नहीं आती थी। इसलिए स्कूबा डाइविंग करने से पहले मैंने स्वीमिंग की ट्रेनिंग ली, फिर लगातार डेढ़ साल तक हर दिन 8 घंटे प्रैक्टिस की। स्कूबा डाइविंग के सभी कोर्स किए इस दौरान 134 डाइव की।   
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मेघा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूबा डाइविंग में जान जाने का जोखिम बना रहता है। जो ऑक्सीजन धरती पर इंसान के लिए प्राण वायु है, वहीं समुद्र में शरीर के अंदर ज्यादा मात्रा में जाने पर जान के लिए खतरा बन जाती है। जिससे इंसान पैरालिसिस जैसी अन्य गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है और जान भी जा सकती है। इस खेल में शारीरिक तौर से ज्यादा मानसिक रूप से मजबूत होना पड़ता है। कई बार डाइव की तैयारी में मेरे पैरों पर 11-11 किलो के सिलेंडर गिरे, जिससे गंभीर चोटों का सामना करना पड़ा। मेरे लिए सबसे मुश्किल पूरे सफर में पढ़ाई कर टेक्निकल डाइविंग का एग्जाम पास करना था, जिसमें फिजिक्स एवं मैथ्स के जटिल सवालों का अध्ययन करना पड़ता था।
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बता दें मेघा परमार माउंट एवरेस्ट फतह करने और 147 फीट स्कूबा डाइविंग करने वाली विश्व की पहली महिला बन गई हैं। वे सीहोर जिले के एक छोटे से गांव भोजनगर की रहने वाली हैं।
 
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