रीवा में बारिश से जन-जीवन प्रभावित: शहर से त्योंथर तक जलभराव, घर-दुकानों में घुसा तीन फीट तक पानी
रीवा में लगातार बारिश से शहर से लेकर त्योंथर तक बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया और घर-दुकानों में पानी घुस गया। जवा, बैकुंठपुर और तराई क्षेत्रों में भी जनजीवन प्रभावित है।
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मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में बाढ़ की वजह से चुनौतीपूर्ण हालात बन रहे हैं। बुधवार दोपहर से शुरू हुई लगातार बारिश ने गुरुवार को रीवा शहर से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे त्योंथर विधानसभा क्षेत्र तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर के कई वार्डों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि निचले इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भरने से घरों और दुकानों में पानी घुस गया। लोगों को रातभर पानी निकालने और सामान सुरक्षित करने की मशक्कत करनी पड़ी।
रीवा शहर के कई इलाकों में जलभराव
निराला नगर हॉस्टल, नीम चौराहा, बोदाबाग, समान बांध मोहल्ला, लाखोरीबाग, उपरहटी, तरहटी, संजय नगर और अरुण नगर अनंतपुर समेत कई इलाकों में भारी जलभराव रहा। कई जगह सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ।
वार्ड नंबर-9 में इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे विभीषण नगर और पांडे किराना स्टोर के पास सड़क पर काफी देर तक पानी जमा रहा। उपरहटी, तरहटी, संजय नगर और वार्ड नंबर-15 में भी लोगों को जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
नाली नहीं होने से घरों में घुसा तीन फीट पानी
अरुण नगर अनंतपुर की शिल्पी उपवन कॉलोनी के दक्षिणी हिस्से में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। नाली नहीं होने के कारण सड़क पर करीब 2 से 3 फीट पानी भर गया और बारिश का पानी कई घरों के अंदर तक पहुंच गया। रहवासियों का कहना है कि नाली निर्माण और जल निकासी को लेकर नगर निगम में कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश के दौरान परिवारों को रातभर घरों से पानी निकालने की मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों ने बताई हर साल की समस्या
बोदाबाग निवासी राकेश पटेल ने बताया कि बारिश शुरू होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। उनका कहना है कि बारिश से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाए तो लोगों को परेशानी से बचाया जा सकता है। लाखोरीबाग निवासी संजय तिवारी ने कहा कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है। बारिश से पहले व्यवस्था सुधारने की बात होती है, लेकिन तेज बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं। अरुण नगर निवासी विनोद साकेत ने बताया कि नाली नहीं होने के कारण पानी घर के अंदर तक पहुंच गया। परिवार को पूरी रात पानी निकालना पड़ा।
नगर निगम की टीमें जल निकासी में जुटीं
नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन के अनुसार, जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है। निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं। निचले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जवा से त्योंथर और यूपी बॉर्डर तक बिगड़े हालात
लगातार बारिश का असर जवा और त्योंथर के तराई क्षेत्रों में भी दिखाई दिया। जवा क्षेत्र के शीतलहा, सनिगवां, जनकहाई और देवखर समेत कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी रही।बैकुंठपुर के बारो चौराहा, शक्ति चौराहा, केपी तिराहा, झंडा चौक और हनुमान तिराहा समेत कई प्रमुख स्थानों पर पानी भर गया। हरिजन और आदिवासी बस्तियों में भी पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। कई दुकानों और घरों में पानी घुसने के बाद दुकानदार और परिवार सामान बचाने में जुटे रहे।
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बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल
रीवा शहर से लेकर बैकुंठपुर और त्योंथर विधानसभा क्षेत्र तक कई सड़कें और गलियां पानी से लबालब नजर आईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल बारिश से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज बारिश होते ही वही समस्या फिर सामने आ जाती है। लगातार बारिश से बने हालात ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था और नालियों की सफाई को लेकर प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
