{"_id":"61eea0a865800b7b304395d5","slug":"madhya-pradesh-pm-modi-interacts-with-national-children-award-winners-asked-interesting-questions-from-indore-s-avi","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से पीएम मोदी ने किया संवाद, इंदौर के अवि से पूछे रोचक सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से पीएम मोदी ने किया संवाद, इंदौर के अवि से पूछे रोचक सवाल
Mon, 24 Jan 2022 06:20 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 24 Jan 2022 06:20 PM IST
सार
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से वर्चुअली संवाद किया। मध्य प्रदेश के तीन बच्चों अवि शर्मा, अनुज जैन और बनिता दास को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 के लिए चुना गया है।
विज्ञापन
बाल पुरस्कार विजेताओं से पीएम मोदी का संवाद
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की। पीएम मोदी बच्चों से वर्चुअली रूबरू हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के तीन बाल पुरस्कार विजेताओं इंदौर के अवि शर्मा, अनूपपुर की बनिता दास और हरदा के अनुज जैन से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। इंदौर केअवि शर्मा बाल लेखक हैं, उन्होंने 250 छंदों की बालमुखी रामायण की रचना की। इसके साथ ही वो धारा प्रवाह संस्कृत के श्लोक बोलने की अद्भुत कला में भी पारंगत हैं। वहीं हरदा के अनुज जैन इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड जैसे वैश्विक मंच पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। अनूपपुर की बनीता दास ने नासा के स्पेस फाउंडेशन और अंतर्राष्ट्रीय खगोल शाला द्वारा मिशन 2021 जनवरी में एक क्षुद्र ग्रह की खोज की थी, क्षुद्र ग्रह का नाम उनके ही नाम पर रखा जाएगा। मध्य प्रदेश के इन तीन बच्चों को इस साल के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 के लिए चुना गया है।
पीएम मोदी ने इंदौर के अवि से किए सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से संवाद करते समय अवि शर्मा से सवाल किए, जिनका अवि ने बहुत अच्छे से जवाब दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जब अवि शर्मा से पूछा कि आप लेखक भी हैं व्याख्यान भी देते हैं, आपने बालमुखी रामायण भी लिखी है। इतना सारा काम आप अकेले कैसे कर लेते हैं, बचपन बचा है या वो भी चला गया?
तो इस सवाल का अवि शर्मा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, अवि ने कहा कि सब भगवान श्री राम का आशीर्वाद है कि मैं इतना सब कर पा रहा हूं। उन्होंने गीता के श्लोक के जरिए अपने सवाल का जवाब दिया और कहा कि इसलिए मैं ये सब कर पा रहा हूं। मैं सब भगवान के आशीर्वाद मेरे माता-पिता परिजनों और सारे चाहने वालों के आशीर्वाद से ही कर्मठता से ये सारी चीजे कर पाता हूं।
विज्ञापन
पीएम मोदी ने अवि से दूसरा सवाल किया कि रामायण के संबंध में लिखने का ख्याल आपको सबसे पहले कब और कैसे आया?
इस सवाल का जवाब देते हुए अवि ने कहा कि इसके प्रेरणास्त्रोत आप रहे, लॉकडाउन के दौरान जब हम सब बच्चे हताश हो गए थे तो आपने टीवी पर रामायण का प्रसारण कराया, जब मैंने रामायण देखी तो मैं बहुत प्रभावित हुआ। मुझे लगा कि भगवान राम का चरित्र हम बच्चे भूलते जा रहे हैं इसलिए मैंने बाल मुखी रामायण 250 छंदों में लिखी, ताकि भगवान राम ने जो आदर्श स्थापित किए हैं उन्हें अपने जीवन में उतार सकें।
पीएम मोदी ने अवि से तीसरा सवाल पूछा कि रामायण में वो कौन सा पात्र है जिसके प्रति आपमें श्रद्धा बन गई है।
इस सवाल के जवाब में अवि ने कहा कि ऐसे तो एक ही हैं मर्यादापुरुषोत्तम राम, वो कैसे सबको साथ लेकर चलते थे। एक आदर्श इंसान को कैसा होना चाहिए भगवान राम ने वह सारी चीजें त्रेता युग में ही बता दी थी। वो धैर्य रखते थे सबका आदर करते थे। ऐसी कई चीजे मुझे उनसे सीखने को मिलती हैं। इसलिए मेरे आदर्श राम ही हैं।
पीएम मोदी ने अवि से चौथा सवाल किया कि घर में सब लोग तंग आ जाते होंगे तुम दिन भर रामायण-रामायण करते रहते हो।
इस सवाल के जवाब में अवि ने कहा कि सौभाग्य से मेरे माता पिता मुझे सबसे ज्यादा सहयोग करते हैं। मैंने इन्ही से गीता, महाभारत, रामायण बचपन से सुनी।
पीएम मोदी ने पांचवा सवाल किया कि तुम शास्त्रों का उपयोग कर घर में लड़ते हो क्या?
जिसके जवाब में अवि ने कहा कि मैं बच्चों को सिखाने के लिए शास्त्रों का उपयोग करता हूं। मैं बच्चों को भारतीय संस्कृति के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताता हूं।
पीएम मोदी ने की अवि की तारीफ
पीएम मोदी ने अवि के परिजनों और अवि की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि आपकी उम्र और आपके काम ये साबित करते हैं कि बड़े काम करने के लिए कोई उम्र नहीं होती। सिर्फ बच्चों के लिए नहीं आप पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। आप जो भी करें इस सोच के साथ करें कि मेरा काम कैसे देश को आगे ले जा सकता है किसी भी चीज का दबाव आप पर ना आए। उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। संवाद कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ उनके माता-पिता और संबंधित जिलों के डीएम भी मौजूद रहे। सरकार ने इस साल कुल 29 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2022 के लिए चुना है।
विज्ञापन
पीएम मोदी ने इंदौर के अवि से किए सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से संवाद करते समय अवि शर्मा से सवाल किए, जिनका अवि ने बहुत अच्छे से जवाब दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जब अवि शर्मा से पूछा कि आप लेखक भी हैं व्याख्यान भी देते हैं, आपने बालमुखी रामायण भी लिखी है। इतना सारा काम आप अकेले कैसे कर लेते हैं, बचपन बचा है या वो भी चला गया?
विज्ञापन
तो इस सवाल का अवि शर्मा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, अवि ने कहा कि सब भगवान श्री राम का आशीर्वाद है कि मैं इतना सब कर पा रहा हूं। उन्होंने गीता के श्लोक के जरिए अपने सवाल का जवाब दिया और कहा कि इसलिए मैं ये सब कर पा रहा हूं। मैं सब भगवान के आशीर्वाद मेरे माता-पिता परिजनों और सारे चाहने वालों के आशीर्वाद से ही कर्मठता से ये सारी चीजे कर पाता हूं।
विज्ञापन
पीएम मोदी ने अवि से दूसरा सवाल किया कि रामायण के संबंध में लिखने का ख्याल आपको सबसे पहले कब और कैसे आया?
इस सवाल का जवाब देते हुए अवि ने कहा कि इसके प्रेरणास्त्रोत आप रहे, लॉकडाउन के दौरान जब हम सब बच्चे हताश हो गए थे तो आपने टीवी पर रामायण का प्रसारण कराया, जब मैंने रामायण देखी तो मैं बहुत प्रभावित हुआ। मुझे लगा कि भगवान राम का चरित्र हम बच्चे भूलते जा रहे हैं इसलिए मैंने बाल मुखी रामायण 250 छंदों में लिखी, ताकि भगवान राम ने जो आदर्श स्थापित किए हैं उन्हें अपने जीवन में उतार सकें।
पीएम मोदी ने अवि से तीसरा सवाल पूछा कि रामायण में वो कौन सा पात्र है जिसके प्रति आपमें श्रद्धा बन गई है।
इस सवाल के जवाब में अवि ने कहा कि ऐसे तो एक ही हैं मर्यादापुरुषोत्तम राम, वो कैसे सबको साथ लेकर चलते थे। एक आदर्श इंसान को कैसा होना चाहिए भगवान राम ने वह सारी चीजें त्रेता युग में ही बता दी थी। वो धैर्य रखते थे सबका आदर करते थे। ऐसी कई चीजे मुझे उनसे सीखने को मिलती हैं। इसलिए मेरे आदर्श राम ही हैं।
पीएम मोदी ने अवि से चौथा सवाल किया कि घर में सब लोग तंग आ जाते होंगे तुम दिन भर रामायण-रामायण करते रहते हो।
इस सवाल के जवाब में अवि ने कहा कि सौभाग्य से मेरे माता पिता मुझे सबसे ज्यादा सहयोग करते हैं। मैंने इन्ही से गीता, महाभारत, रामायण बचपन से सुनी।
पीएम मोदी ने पांचवा सवाल किया कि तुम शास्त्रों का उपयोग कर घर में लड़ते हो क्या?
जिसके जवाब में अवि ने कहा कि मैं बच्चों को सिखाने के लिए शास्त्रों का उपयोग करता हूं। मैं बच्चों को भारतीय संस्कृति के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताता हूं।
पीएम मोदी ने की अवि की तारीफ
पीएम मोदी ने अवि के परिजनों और अवि की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि आपकी उम्र और आपके काम ये साबित करते हैं कि बड़े काम करने के लिए कोई उम्र नहीं होती। सिर्फ बच्चों के लिए नहीं आप पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। आप जो भी करें इस सोच के साथ करें कि मेरा काम कैसे देश को आगे ले जा सकता है किसी भी चीज का दबाव आप पर ना आए। उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। संवाद कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ उनके माता-पिता और संबंधित जिलों के डीएम भी मौजूद रहे। सरकार ने इस साल कुल 29 बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2022 के लिए चुना है।
