फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: MP vivek narayan shejwalkar resigned as mayor from Gwalior

ग्वालियर सांसद शेजवलकर ने मेयर पद से इस्तीफा दिया, कुर्सी पर कांग्रेस की नजर

Wed, 05 Jun 2019 01:51 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Nilesh Kumar Updated Wed, 05 Jun 2019 01:51 PM IST
विज्ञापन
Madhya Pradesh: MP vivek narayan shejwalkar resigned as mayor from Gwalior
Gwalior MP Shejwalkar - फोटो : Social Media

ग्वालियर से लोकसभा चुनाव लड़ने और कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह को हरा कर सांसद बने विवेक नारायण शेजवलकर ने ग्वालियर नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उन्होंने संभागायुक्त बीएम शर्मा को अपना इस्तीफा सौंपा। भाजपा सांसद के इस्तीफे के बाद लोकसभा चुनाव में हारी कांग्रेस की नजर अब मेयर की कुर्सी पर है। 

विज्ञापन


चूंकि मेयर और सांसद दोनों ही पद लाभ की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उन्हें एक पद छोड़ना था। बताया जा रहा है कि प्रदेश में नवंबर में नगर निकाय के चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में कुछ वक्त के लिए सही, सबकी निगाहें मेयर की कुर्सी पर बनी हुई है। 
विज्ञापन


विवादों को लेकर घेरती रही है कांग्रेस 

शेजवलकर का महापौर पद पर यह दूसरा कार्यकाल है। 2005 से 2009 तक वह पहली बार इस पद पर रहे थे। शहर में जल संकट के समाधान के लिए उनके पहले कार्यकाल में 110 करोड़ की एडीबी योजना से काम हुआ था। 772 करोड़ की अमृत मिशन योजना से सीवर और पानी की समस्या के समाधान का काम भी चल रहा है। एडीबी और अमृत योजना विवादों में घिरी रही है। इन सारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उन्हें घेरती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


निगम परिषद की नियमों के तहत बैठकें न बुलाने, कर्मचारियों के स्थाईकरण सहित अन्य अनियमितताओं के आरोप में कांग्रेस सरकार ने उन्हें नोटिस भी दिया था। शेजवलकर इसके विरोध में हाईकोर्ट भी गए लेकिन राहत नहीं मिली।

मेयर की कुर्सी के लिए अब आगे क्या होगा

नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 21(1) के तहत जैसे ही मेयर का पद खाली होता है, तो राज्य सरकार, चुनाव आयोग को तत्काल सूचित करेगी। इस प्रकार निर्वाचित व्यक्ति यथास्थिति शेष कार्यकाल के लिए मेयर बनेगा। लेकिन यदि किसी नगर पालिका  की शेष कालावधि छह माह से कम है तो ऐसी रिक्ति नहीं भरी जाएंगी।

इसी तरह 21(2) के तहत जब तक उपधारा(1) के अधीन मेयर पद नहीं भरा जाए, तब तक के लिए मेयर के सारे अधिकार और कर्तव्य ऐसे निर्वाचित पार्षद द्वारा पालन किए जाएंगे, जैसा कि राज्य सरकार इस काम के लिए निर्दिष्ट करे। ग्वालियर में नगर निगम चुनाव चूंकि इसी साल नवंबर में होना हैं और इसके लिए समय छह माह से कम बचा है, इसलिए मेयर पद के लिए फिलहाल चुनाव नहीं कराया जा सकेगा।

यह भी देखें:

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed