बालू खदानों के संचालन को लेकर मंत्री इमरती देवी ने सीएम कमलनाथ को लिखा पत्र, बढ़ा बवाल
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मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र डबरा में बालू खदानों के संचालन को दोबारा शुरू कराने की मांग की है। इमरती देवी की इस चिट्ठी के बाद राज्य में राजनीति क बवाल तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कांग्रेस सरकार में माफिया अवैध खनन करते हैं।
इमरती देवी ने अपने पत्र में जिला प्रशासन द्वारा डबरा में बालू खदानों का संचालन रोकने का मुद्दा उठाया। उन्होंने लिखा, मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि जिला प्रशासन को तुरंत इसका निर्देश दिया जाए कि जिन बालू खदानों के पास परमिट है वहां खनन का काम तुरंत शुरू कराया जाए।
इमरती देवी ने लिखा, शासन ने खनिज विभाग को छह रेत खदानों के संचालन की स्वीकृति दी थी, लेकिन प्रशासन ने उस पर रोक लगा दी, जिसके चलते जिले में रेत आपूर्ति प्रभावित हो रही है, तो वहीं शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। यही नहीं, ग्राम पंचायतों को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस सरकार में माफिया अवैध खनन करते हैं : गोपाल भार्गव
वहीं, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) का कहना है कि पिछले एक साल से लगातार रेत माफियाओं के लिए अकूत संपत्ति इकट्ठा करने का जरिया बन गया है. उन्होंने कहा कि रेत खदानों को लेकर इमरती देवी का कहना सही है. सरकार ने खदानें नीलाम कर दी हैं, फिर भी अवैध खनन किया जा रहा है. इसका अर्थ तो यही है कि सरकार अवैध खनन वालों के हाथों में खेल रही है.
भार्गव ने इस मामले में कहा, बालू खदानों के लेकर इमरती देवी का कहना सही है। सरकार ने खदानें नीलाम कर दी हैं, फिर भी लगातार अवैध खनन हो रहा है। इसका मतलब यही है कि सरकार अवैध खनन करने वालों के हाथों में खेल रही है।
भार्गव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में माफिया अवैध खनन करते हैं। इसमें जिला प्रशासन से लेकर पुलिस, खनन और राजस्व के अधिकारी भी शामिल हैं, ये सब पैसे लेते हैं। उन्होंने इस पैसे को काला धन बताते हुए कहा, मुझे आशंका है कि इस पैसे का उपयोग आने वाले नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव में भी किया जाएगा।
