फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Hammals refuse to carry more than 50 kg weight in Mandi, strike begins

मध्यप्रदेश : मंडियों में 50 किलोग्राम से ज्यादा वजन ढोने से हम्मालों का इंकार, हड़ताल शुरू

Tue, 04 Sep 2018 03:11 PM IST
भाषा, इंदौर
भाषा, इंदौर Updated Tue, 04 Sep 2018 03:11 PM IST
विज्ञापन
Madhya Pradesh: Hammals refuse to carry more than 50 kg weight in Mandi, strike begins

मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों में हम्मालों ने हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी मांग है राज्य कृषि विपणन बोर्ड के करीब डेढ़ साल पुराने आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाये जिसमें कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय आदर्श श्रम मानकों के मुताबिक हम्मालों से 50 किलोग्राम से ज्यादा वजनी बोरा नहीं उठवाया जाये। मध्यप्रदेश हम्माल तुलावटी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक राजू प्रजापति ने मंगलवार को "पीटीआई-भाषा" को बताया, "राज्य सरकार के कई आश्वासनों के बावजूद हमारी यह मांग अब तक पूरी नहीं हो पा रही है। 

विज्ञापन


इसके विरोध में हमने पिछले तीन दिनों के दौरान इंदौर, देवास, अशोकनगर, शुजालपुर, आगर, नलखेड़ा और विदिशा समेत करीब 10 कृषि उपज मंडियों में हड़ताल शुरू कर दी है।"  उन्होंने बताया कि इंदौर की तीन मंडियों में हम्माल बेमियादी हड़ताल पर हैं जबकि अन्य मंडियों में क्रमिक हड़ताल जारी है। 
विज्ञापन


सूबे में करीब 270 कृषि उपज मंडियां हैं। 

राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने छह मई 2017 को सभी मंडी समितियों को जारी आदेश में कहा था, "अंतरराष्ट्रीय आदर्श श्रम मानकों में किसी सक्षम वयस्क व्यक्ति द्वारा 50 किलोग्राम से अधिक भार उठाना अनुपयुक्त माना गया है। अत: प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में हम्मालों द्वारा उठाये जाने वाले बोरों का वजन 50 किलोग्राम से अधिक न रखा जाये।" 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रजापति ने कहा, "इस आदेश के बावजूद हमसे अनाजों, दलहनों और तिलहनों के 85 किलोग्राम से लेकर 95 किलोग्राम वजन के बोरे उठवाये जा रहे हैं। यह वजन तय मानकों के मुकाबले लगभग दोगुना है।" उन्होंने कहा कि लम्बे समय तक इतने भारी वजन के बोरे उठाने के बाद ज्यादातर हम्मालों को 40 साल की उम्र के बाद गर्दन, कन्धों, कमर और घुटनों की स्वास्थ्यगत समस्याएं शुरू हो जाती हैं। 

उधर, मंडी कारोबारियों के संगठन मध्यप्रदेश सकल अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ समिति के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल ने हम्मालों की मांग को किसानों और व्यापारियों, दोनों के लिये व्यावहारिक रूप से अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा, "ज्यादातर हम्मालों को 50 किलोग्राम से ज्यादा वजन का बोरा उठाने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कुछ हम्माल नेता आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस मुद्दे पर अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।" 


अग्रवाल ने कहा कि अगर कृषि उपज मंडियों में 50 किलोग्राम से ज्यादा वजन की भर्ती वाले बारदानों (खाली बोरों) को एकाएक प्रतिबंधित कर दिया जाता है, तो इस सीमा से अधिक भार की भर्ती वाले हजारों तैयार बारदान बेकार हो जायेंगे। इससे बारदान निर्माताओं को भारी नुकसान होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed