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मध्यप्रदेश: सीआर में 50 नंबर से कम वाले कर्मचारियों पर नौकरी का खतरा, लागू होगा 20:50 का फॉर्मूला
Thu, 13 Aug 2020 11:22 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 13 Aug 2020 11:22 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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कोरोना महामारी की वजह देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। कई महीनों के लॉकडाउन और बंदी के कारण राज्य सरकारों को आर्थिक स्तर पर कई कड़े कदम भी उठाने पड़ रहे हैं। बिगड़ी वित्तीय व्यवस्था को सुधारने के लिए मध्यप्रदेश सरकार कर्मचारियों से जुड़े 20:50 के फॉर्मूले पर सख्त हो गई है।
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सामान्य प्रशासन विभाग ने इस इससे जुड़ा एक आदेश निकाला है। इसमें कहा गया है कि 20 साल की नौकरी या 50 साल की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों का प्रदर्शन देखना होगा। प्रदर्शन देखने के बाद जिनका सीआर नंबर 50 से कम होगा या फिर वे मेडिकल अनफिट हैं तो उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है। एक बार इलाज के बाद जो कर्मचारी बार-बार बीमार होते हैं, उनका साल के अंत में चेकअप जरूर करना पड़ेगा।
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खुद रेटायरमेंट का विकल्प
बार-बार बीमार होने वाले कर्मचारी अब खुद 20 साल के बाद रिटायरमेंट ले सकेंगे। अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो सरकार उनकी नौकरी के 25 साल पूरे होते ही मेडिकल चेकअप करके उन्हें नौकरी से निकाल देगी।
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सीआर गणना करने का नियम
इस नियम के अनुसार गणना करने के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं।
- क श्रेणी के 5 नंबर, ख श्रेणी के 4 नंबर, ग श्रेणी के 3 नंबर और घ श्रेणी के 2 नंबर मिलेंगे।
- यदि किसी कर्मचारी को हर साल क श्रेणी के नंबर मिलते हैं तो 20 साल की सेवा में उसके 100 नंबर हो जाएंगे, यानी कि आगे की उसकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित है।
- वहीं ग और घ श्रेणी वालों के लिए संकट है।
