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कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने आरएसएस को बताया आतंकी संगठन, कमलनाथ ने बयान से पल्ला झाड़ा

चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रीवा Updated Tue, 13 Nov 2018 03:03 PM IST
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रीवा से कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी
रीवा से कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी - फोटो : ANI

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में सियासी बयानबाजी ने चुनावी पारा चढ़ा दिया है। कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आतंकी संगठन करार दिया है। हालांकि सुंदरलाल तिवारी के विवादित बयान से कांग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि आरएसएस ऐसी संस्था होती तो हम प्रतिबंध लगाने की बात करते। 
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रीवा से कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने कहा, "आरएसएस वह संस्था है जिसने महात्मा गांधी की हत्या की। वे धार्मिक आधार पर देश में नफरत का माहौल पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कभी भारतीय ध्वज नहीं फहराया। वे आतंकवाद के प्रतीक हैं।" 

 


तिवारी के बयान पर भाजपा ने प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद आलोक संजर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को सिर्फ संघ दिखता है। कांग्रेस नेता टिप्पणी करने से पहले संघ का चिंतन करें। अगर वे चिंतन करेंगे तो ऐसे बयान नहीं देंगे। 

शासकीय परिसरों में संघ की शाखा लगाने और उनमें सरकारी कर्मचारियों के जाने पर कमलनाथ ने कहा है कि हमने सिर्फ केंद्र सरकार के नियमों को ही दोहराया है। 

गौरतलब है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को जारी किये गए अपने वचन पत्र में कहा है कि सरकार बनने पर शासकीय परिसरों में संघ की शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध लगेगा और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के शाखाओं में जाने की छूट संबंधी आदेश को निरस्त किया जाएगा। इसके बाद से भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई। 

इंदौर में चुनाव प्रचार के लिए आए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था, "संघ एक राजनीतिक संस्था है। सरकारी कर्मचारियों को खुले तौर पर किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ना चाहिए। मध्यप्रदेश में हमारी की सरकार आने के बाद हम इस पर लगाम लगाएंगे। सरकारी कर्मचारियों को इनके कार्यक्रमों में जाने से रोका जाएगा।" 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, "संघ की सोच को आज तक कोई चुनौती नहीं दे पाया। आतंकी संगठनों के खिलाफ कभी कांग्रेसी खड़े नहीं होते। जनता सब समझती है और वो अब जवाब देगी।" वहीं इसके जवाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा था, "भाजपा चाहती है कि सरकारी अधिकारी-कर्मचारी अपनी मर्जी के विपरीत संघ की शाखाओं की लाइन में लगें, जबकि हम चाहते हैं कि वे दफ्तरों में बैठें ताकि जनता अपने कामों के लिए लाइनों में न लगे, परेशान न हो। प्राथमिकता अपनी-अपनी है।" 

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