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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: तीन दिनों तक अपने आपराधिक रिकॉर्ड का प्रचार करेंगे उम्मीदवार

Thu, 18 Oct 2018 04:07 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Thu, 18 Oct 2018 04:07 PM IST
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Madhya Pradesh Elections 2018: Candidates will advertise their criminal records for three days
मध्य प्रदेश चुनाव आयोग

मध्यप्रदेश निर्वाचन सदन ने आगामी विधानसभा चुनाव मे खड़े होने वाले प्रत्याशियों को उनके खिलाफ दर्ज हुए आपराधिक मामलों की जानकारी मध्य प्रदेश की आम जनता को देने को कहा है। यह जानकारी प्रत्याशी न्यूज चैनलों और समाचार पत्र के माध्यम से आम जनता देंगे। इस जानकारी के अंर्तगत उन्हें न्यूज चैनलों और समाचार पत्रों में बताना होगा कि उनके खिलाफ कितने आपराधिक मामले किस-किस धारा में दर्ज हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। 

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उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड की यह जानकारी तीन दिनों तक लगातार विज्ञापन के रूप में अखबारों में प्रकाशित कराना होगा। प्रत्याशियों को यह काम नामांकन वापस लेने की तारीख 14 नवंबर के बाद और मतदान के 48 घंटे पहले तक करना होगा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में चुनाव के दिशा निर्देश जारी किए हैं। 
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कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सुदाम पी खाडे का कहना है कि विधानसभा चुनाव मे खड़े होने वाले प्रत्याशियों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य रहेगी। चुनाव में आई इस नई प्रकिया में यदि कोई प्रत्याशी किसी विशेष दल से चुनाव लड़ता है तो उसे अपनी पार्टी को भी इसकी सूचना देनी होगी। वहीं राजनीतिक पार्टियों को प्रत्याशी के आपराधिक मामलों कि जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी प्रकाशित करनी होगी। 
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खर्च प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगा : चुनाव आयोग 

चुनाव आयोग ने इस जानकारी को प्रत्याशियों के बीच स्पष्ट कर दिया है कि अपने आपराधिक मामलों की जानकारी को कम से कम 3 बार सार्वजनिक करनी होगी इस प्रकिया मे जो भी खर्च होगा, उसे प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित फांट साइज (जो कि 12 तय किया गया है) में ही आपराधिक मामले का ब्योरा समाचार पत्र और टीवी चैनलों को देना होगा। अपराध का क्रम उल्टे क्रम में देना होगा। इसका मतलब हाल ही में दर्ज हुए आपराधिक मामले को पहले नंबर पर रखना होगा। 

तीन अलग फार्मेट में देना होगा ब्यौरा 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कलेक्टोरेट में मंगलवार को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सुदाम पी खाडे ने राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों की बैठक हाल ही में आया सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी दी। इस बैठक मे उन्होंने बताया कि राजनीतिक दल और उनके प्रत्याशियों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड तीन अलग-अलग फॉर्मेट में उपलब्ध करानी होंगी। जिसे पूरे राज्य में आम जनता के बीच सार्वजनिक हो सके। 


जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताए तीन फॉर्मेट 

पहला फॉर्मेट सी-1 है। इसके तहत यह अपराघिक रिकॉर्ड समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में प्रसारित करवाना होगा। दूसरे फॉर्मेट सी-2 के तहत राजनीतिक दलों को अपने प्रत्याशियों की जानकारी अपनी वेबसाइट, समाचार पत्रों और टीवी में सार्वजनिक करना होगा। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा प्रकाशित कर दिए जाने वाले इन दिशा-निर्देशों के बारे में लिखित जानकारी भी देंगे, इस प्रकिया को फार्मेट सी-3 कहा जाएगा। 

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