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मूसलाधर बारिश से चंबल नदी उफान पर, मध्यप्रदेश के 27 गांव बने टापू
Sun, 18 Aug 2019 09:55 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 18 Aug 2019 09:55 AM IST
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उफान पर बह रही चंबल नदी
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश में हो रही तेज बारिश से राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। राज्य में बहने वाली चंबल नदी उफान पर बह रही है। कोटा बैराज से लगातार पानी छोड़ने से चंबल नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
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कोटा बैराज से अबतक 2.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। चंबल नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। इस कारण श्योपुर, मुरैना और भिंड के 27 गांव टापू बन चुके हैं।
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उफान से गांवों के रास्ते बंद हो गए है। मोटर बोट की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। दतिया में भी सिंध नदी से सटे गांवों में भी प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को श्योपुर-सवाईमाधौपुर और श्योपुर-बारां मार्ग तो खुल गया है। लेकिन खातौली पुल पर जलभराव के कारण श्योपुर-कोटा मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा।
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मुरैना में भी बाढ़ से हालात बने हुए हैं। जिले के नदुआपुरा गांव में मूसलाधार बारिश से घरों में पानी घुस गया है। इसकी वजह से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को मोटर बोट की मदद से सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है।
भारी बारिश से राज्य का बडवानी भी प्रभावित है। बाढ़ से पूरा इलाका टापू में तब्दील हो चुका है। बारिश के पानी घरों और दुकानों में घुस चुका है। निसरपुर के पास कोटेश्वर तीर्थ भी पानी में डूब गया है। इसमें 14 साधु फंस गए। एनडीआरएफ की टीम ने साधुओं को बोट में बैठाकर निकाला।
