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Madhya Pradesh: CM शिवराज बोले मेरा मन भी बच्चों को पढ़ाने का होता है, माह में एक-दो दिन स्कूल जाकर पढ़ाऊंगा
Sun, 05 Jun 2022 07:12 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 05 Jun 2022 07:12 AM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे। शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शिक्षा विभाग अनुमति देगा तो वह महीने में दो बार स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे। शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शिक्षा विभाग अनुमति देगा तो वह महीने में दो बार स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे।
राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में लर्निंग्स फ्रॉम नेशनल अचीवमेंट सर्वे कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों में अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी के गुणों के विकास और अपने लिए ही नहीं सभी के लिए जीने वाले व्यक्ति के रूप में पहचाने जाने को जरूरी बताते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधियों और समाज की विभिन्न संस्थाओं को शिक्षा से जोड़कर बच्चों के व्यक्तित्व को आकार देने का प्रयास करना चाहिए। स्कूलों में हर महीने पालक-शिक्षक बैठक होना चाहिए। हमें शिक्षक की भूमिका भी निभाने के लिए तैयार होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा भी माह में एक या दो बार स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाने का मन होता है।
मुख्यमंत्री बोले कि शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे 2021 में यह तथ्य सामने आया है कि मध्य प्रदेश ने अभिनव कार्य करते हुए देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे प्रति तीन वर्ष में होता है। इसके पहले वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश इस सर्वे में 17वें स्थान पर था। प्रदेश आगामी सर्वे में अव्वल आने के लिए प्रयासरत रहेगा। समाज के जुड़ जाने से हर क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलते हैं। स्कूलों से समाज को जोड़ने के लिए भी अभियान की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन और शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भी हम गंभीर हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा कराया जाने वाला राष्ट्रव्यापी शिक्षा सर्वे देश का सबसे बड़ा सर्वे है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर तक विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का फीडबैक प्राप्त कर भविष्य के लिए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। कक्षा 3, 5, 8 और 10 के लिए सर्वे में सैंपल आधार पर कार्य हुआ, जिसमें गणित, विज्ञान, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और भाषा की शैक्षणिक उपलब्धियों के स्तर की जाँच की गई। सर्वे में केन्द्र सरकार के विद्यालयों सहित राज्य सरकार के विद्यालय, प्रायवेट विद्यालय और अनुदान प्राप्त विद्यालय शामिल होते हैं। मध्य प्रदेश की उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।
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राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में लर्निंग्स फ्रॉम नेशनल अचीवमेंट सर्वे कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों में अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी के गुणों के विकास और अपने लिए ही नहीं सभी के लिए जीने वाले व्यक्ति के रूप में पहचाने जाने को जरूरी बताते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधियों और समाज की विभिन्न संस्थाओं को शिक्षा से जोड़कर बच्चों के व्यक्तित्व को आकार देने का प्रयास करना चाहिए। स्कूलों में हर महीने पालक-शिक्षक बैठक होना चाहिए। हमें शिक्षक की भूमिका भी निभाने के लिए तैयार होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा भी माह में एक या दो बार स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाने का मन होता है।
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मुख्यमंत्री बोले कि शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे 2021 में यह तथ्य सामने आया है कि मध्य प्रदेश ने अभिनव कार्य करते हुए देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे प्रति तीन वर्ष में होता है। इसके पहले वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश इस सर्वे में 17वें स्थान पर था। प्रदेश आगामी सर्वे में अव्वल आने के लिए प्रयासरत रहेगा। समाज के जुड़ जाने से हर क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलते हैं। स्कूलों से समाज को जोड़ने के लिए भी अभियान की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन और शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भी हम गंभीर हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा कराया जाने वाला राष्ट्रव्यापी शिक्षा सर्वे देश का सबसे बड़ा सर्वे है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर तक विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का फीडबैक प्राप्त कर भविष्य के लिए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। कक्षा 3, 5, 8 और 10 के लिए सर्वे में सैंपल आधार पर कार्य हुआ, जिसमें गणित, विज्ञान, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और भाषा की शैक्षणिक उपलब्धियों के स्तर की जाँच की गई। सर्वे में केन्द्र सरकार के विद्यालयों सहित राज्य सरकार के विद्यालय, प्रायवेट विद्यालय और अनुदान प्राप्त विद्यालय शामिल होते हैं। मध्य प्रदेश की उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।
