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मध्यप्रदेश: दल-बदल से परेशान भाजपा ने शुरू की विधायकों की किलेबंदी, संभागवार नेता की तैनाती
Fri, 26 Jul 2019 11:37 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अजय सिंह
Updated Fri, 26 Jul 2019 11:37 AM IST
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shivraj singh chouhan (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
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मध्यप्रदेश में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व दो विधायकों के पाला बदलने से प्रदेश संगठन से काफी नाराज नजर आ रहा है। विधानसभा में इस दल बदल से हुई क्षति को लेकर गुरुवार को दिल्ली और भोपाल में बैठकें हुई।
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इन बैठकों में भाजपा मध्यप्रदेश के बड़े नेताओं ने भाग लिया जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, संगठन महामंत्री सुहास भगत आदि नेता शामिल थे। शिवराज सिंह ने दिल्ली पहुंचकर इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट अमित शाह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष को दी।
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पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अमित शाह इस बात से बेहद नाराज हैं कि प्रदेश संगठन दोनों विधायकों को रोकने में कैसे असफल रहा। जबकि भार्गव, शिवराज समेत कई नेताओं को इस बात की जानकारी थी कि विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी सक्रिय हो गया है। क्षेत्रीय प्रचारक दीपक विस्पुते ने पहले शिवराज से रिपोर्ट ली और इसके बाद राकेश सिंह से कार्यालय में मुलाकात की।
बैठकों में यह तय किया गया है कि दस संभाग के भाजपा विधायकों की किलेबंदी की जाएगी। प्रदेश के बड़े नेताओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा, पारस जैन, अरविंद भदौरिया, अजय विश्नोई समेत अन्य शामिल हैं।
राकेश और शिवराज को इसकी निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। दोनों विधायकों से बात करने की जिम्मेदारी भी इन दोनों के कंधों पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी अपने सारे विधायकों से बैठक करेगी। प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि पार्टी दोनों विधायकों से बात करेगी, लेकिन कांग्रेस ने जो किया है, वह दलाली की श्रेणी में आता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि इस घटनाक्रम को लेकर नारायण त्रिपाठी और शरद कौल को फिलहाल पार्टी से निष्कासित नहीं किया जाएगा। वे दोनों अभी भाजपा का ही अंग है। इस बीच यह भी सामने आ रहा है कि भाजपा अगले सत्र में सभी दिनों के लिए व्हिप जारी करेगी।
इससे पहले कांग्रेस से जुड़े कंप्यूटर बाबा और मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कुछ और भाजपा विधायकों के संपर्क में होने की बात कही है। मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि जो भी विधायक भाजपा में घुटन महसूस कर रहे हैं, वे कांग्रेस में आ सकते है उनके लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं।
