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कैलाश विजयवर्गीय की सफाई, मैंने अपने बेटे के लिए टिकट नहीं मांगा
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Nov 2018 03:32 PM IST
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कैलाश विजयवर्गीय की सफाई
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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी पार्टी में परिवारवाद के आरोपों को मंगलवार को खारिज किया लेकिन कहा कि राजनेताओं की संतानों को भी चुनाव लड़ने का पूरा हक है, बशर्ते वे योग्यता के तय पैमानों पर खरी उतरती हों। जपा महासचिव का यह बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों में उनके पुत्र आकाश इंदौर से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। विजयवर्गीय का गृहनगर इंदौर है और वह खुद जिले की महू सीट से विधायक हैं।
भाजपा महासचिव ने कहा कि किसी राजनेता के घर जन्म लेना कोई गुनाह नहीं है। राजनेताओं की संतानें भी राजनीति में आ सकती हैं। अगर राजनीतिक परिवार का कोई व्यक्ति योग्यता के आधार पर अपनी पार्टी से चुनावी टिकट मांगता है, तो यह उसका अधिकार है।
विजयवर्गीय ने दावा किया कि उन्होंने अपने बेटे आकाश के लिए अपनी पार्टी से टिकट नहीं मांगा है लेकिन भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण में उनके बेटे को इंदौर जिले के नौ में से चार विधानसभा क्षेत्रों में टिकट की दावेदारी के लिए योग्य पाया गया है। अगर मेरी पार्टी को उचित लगेगा, तो वह मेरे बेटे को चुनावी टिकट देगी।
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सीटों पर फंसा पेंच, नेताओं में अनबन
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी में टिकट वितरण पर गहमागहमी का दौर थमा नहीं है। टिकट वितरण को लेकर बडे़ नेताओं ने आलाकमान पर दबाव बनाया हुआ है। खबर है कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं और उनपर परिवारवाद के आरोप लग रहे हैं। लेकिन कैलाश इसे पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।
बता दें कि भाजपा उम्मीदवारों की दो सूची जारी कर चुकी है। कुछ बड़ी सीटों पर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। इंदौर की सीटों का अब तक एलान नहीं हुआ है। खबर है कि इंदौर-2 विधानसभा क्षेत्र से कैलाश विजयवर्गीय जहां अपने बेटे आकाश को लड़वाना चाहते हैं। बताया जाता है कि टिकट को लेकर उनका सुमित्रा महाजन से मनमुटाव भी चल रहा है।
दरअसल, सुमित्रा अपने बेटे मंदार के लिए इंदौर-3 से टिकट की उम्मीद में हैं। अगर कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को इंदौर-2 से लड़वाने पर आलाकमान सहमत हो जाता है तो मौजूदा विधायक रमेश मेंदोला को हटना पड़ेगा। विजयवर्गीय मेंदोला को इंदौर-3 से लड़ाना चाहते हैं। लेकिन इंदौर-3 से सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार को खड़ा करने की इच्छा रखती हैं। इसी गणित ने दो बड़े नेताओं को आमने-सामने ला खड़ा किया है।
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भाजपा महासचिव ने कहा कि किसी राजनेता के घर जन्म लेना कोई गुनाह नहीं है। राजनेताओं की संतानें भी राजनीति में आ सकती हैं। अगर राजनीतिक परिवार का कोई व्यक्ति योग्यता के आधार पर अपनी पार्टी से चुनावी टिकट मांगता है, तो यह उसका अधिकार है।
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विजयवर्गीय ने दावा किया कि उन्होंने अपने बेटे आकाश के लिए अपनी पार्टी से टिकट नहीं मांगा है लेकिन भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण में उनके बेटे को इंदौर जिले के नौ में से चार विधानसभा क्षेत्रों में टिकट की दावेदारी के लिए योग्य पाया गया है। अगर मेरी पार्टी को उचित लगेगा, तो वह मेरे बेटे को चुनावी टिकट देगी।
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सीटों पर फंसा पेंच, नेताओं में अनबन
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी में टिकट वितरण पर गहमागहमी का दौर थमा नहीं है। टिकट वितरण को लेकर बडे़ नेताओं ने आलाकमान पर दबाव बनाया हुआ है। खबर है कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं और उनपर परिवारवाद के आरोप लग रहे हैं। लेकिन कैलाश इसे पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।
बता दें कि भाजपा उम्मीदवारों की दो सूची जारी कर चुकी है। कुछ बड़ी सीटों पर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। इंदौर की सीटों का अब तक एलान नहीं हुआ है। खबर है कि इंदौर-2 विधानसभा क्षेत्र से कैलाश विजयवर्गीय जहां अपने बेटे आकाश को लड़वाना चाहते हैं। बताया जाता है कि टिकट को लेकर उनका सुमित्रा महाजन से मनमुटाव भी चल रहा है।
दरअसल, सुमित्रा अपने बेटे मंदार के लिए इंदौर-3 से टिकट की उम्मीद में हैं। अगर कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को इंदौर-2 से लड़वाने पर आलाकमान सहमत हो जाता है तो मौजूदा विधायक रमेश मेंदोला को हटना पड़ेगा। विजयवर्गीय मेंदोला को इंदौर-3 से लड़ाना चाहते हैं। लेकिन इंदौर-3 से सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार को खड़ा करने की इच्छा रखती हैं। इसी गणित ने दो बड़े नेताओं को आमने-सामने ला खड़ा किया है।
