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मध्यप्रदेश: भाजपा 70 विधायकों के टिकट काट सकती है, 8 मंत्रियों के टिकट पर भी तलवार

Fri, 12 Oct 2018 10:39 AM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Fri, 12 Oct 2018 10:39 AM IST
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madhya pradesh assembly elections: BJP can cut tickets of 70 MLA, 8 ministers tickets in doubt
amit shah
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में टिकट बंटवारा का काम काफी पेचीदा हो गया है। करीब सालभर पहले हुए मंथन के बाद अब आई पार्टी सर्वे की रिपोर्ट से बहुत से विधायकों के सपने टूट सकते हैं। पार्टी की कई स्तर पर हुई सर्वे रिपोर्ट के बाद ऐसी खबरें हैं कि करीब 70 विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। इनमें प्रदेश सरकार के आठ मंत्रियों ने नाम भी शामिल हैं।
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करीब साल भर पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कोरग्रुप के साथ कई दिनों तक बैठक और मंथन किया था। जिसमें मिशन 2018 के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया था। मंथन में मौजूदा 166 विधायकों के सर्वे और संगठन द्वारा तैयार खुफिया रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा भी की गई थी। इसमें 70 से ज्यादा विधायकों को चुनाव जीतने लायक नहीं माना गया था। इस सर्वे में 70 मानदंडों के आधार बनाया गया है जिसकी रिपोर्ट के मुताबिक विधायकों के टिकट कटेंगे।
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शाह ने लक्ष्य तय किया था हर कीमत पर मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार हो। पार्टी ने शाह के साथ हुई मंथन बैठक के साथ ही इसकी कवायद शुरू भी कर दी थी। इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर पर फीडबैक लेने का कार्य शुरू हुआ। इसके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्वतंत्र रूप से विधायकों का फीडबैक लेना शुरू किया था। अब दोनों ही रिपोर्टों में करीब 70 विधायकों के लिए जमीनी हालात गंभीर बताए गए हैं।
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इनमें माया सिंह, हर्ष सिंह, डॉ. गौरीशंकर शेजवार और कुसुम मेहदेले समेत आठ मंत्रियों के भी नाम शामिल हैं। इन्हें आगामी चुनाव में टिकट देना है या नहीं इसका फैसला अमित शाह के 14-15 अक्टूबर को प्रस्तावित भोपाल-जबलपुर संभाग के दौरे के बाद होगा।

सिर्फ मजबूत प्रत्याशी को टिकट

भाजपा सूत्रों के मुताबिक इस बार भाजपा चुनाव के लिए दो चरणों में ही टिकट की सूची जारी करेगी। सूत्रों के मुताबिक भाजपा आलाकमान ने यह साफ कर किया है कि चुनावी मैदान में सिर्फ उन्हीं उम्मीदवारों को उतारा जाएगा जो चुनाव जीत सकते हैं। पार्टी ऐसे किसी भी नेता को टिकट नहीं देगी जो अपने प्रतिद्वंद्वी से कमजोर हो और उसे जिताने के लिए पार्टी को जोर लगाना पड़े।

सिफारशी या नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट से परहेज

madhya pradesh assembly elections: BJP can cut tickets of 70 MLA, 8 ministers tickets in doubt
शिवराज सिंह चौहान-अमित शाह
पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि किसी की सिफारिश पर या सिर्फ सम्मान रखने के लिए टिकट नहीं देने का प्रयास होगा। परिवारवाद के तहत बेटे-बेटी, पति-पत्नी, रिश्तेदार या अन्य किसी को टिकट देने से भी पार्टी बचने की कोशिश करेगी।

अंतिम फीडबैक लेने जाएंगे दो-दो वरिष्ठ नेता

जमीनी हालात पेचीदा हो जाने की वजह से भाजपा आखिरी फीडबैक लेने के लिए 20 अक्टूबर से पहले हर जिले में दो-दो वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारी व सांसदों को भेजेगी। इस फीडबैक में अपना नाम छोड़कर दूसरों के नाम सादी पर्ची पर मांगे जाएंगे।

इन मंत्रियों के टिकट पर लटकी तलवार

madhya pradesh assembly elections: BJP can cut tickets of 70 MLA, 8 ministers tickets in doubt
Amit Shah
बालकृष्ण पाटीदार

बालकृष्ण पाटीदार फरवरी 2017 में राज्यमंत्री बने। पाटीदारों के विरोध और किसान आंदोलन के कारण उनकी जमीनी हालत ठीक नहीं है।  

गौरीशंकर शेजवार

गौरीशंकर शेजवार वन मंत्री हैं और उनकी उम्र 68 साल है। उम्र के मानदंड में उनका टिकट कट सकता है। इसलिए अपने बेटे मुदित के लिए टिकट मांग रहे हैं।

कुसुम मेहदेले

कुसुम मेहदेले की आयु 75 साल है और वे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री हैं। 70 पार के मानदंड में टिकट सूची से बाहर होना तय माना जा रहा है।

हर्ष सिंह

हर्ष सिंह राज्यमंत्री हैं। खराब स्वास्थ्य की वजह से सरकार में उनका कार्यकाल लंबे समय तक प्रभावित हुआ।

सुरेंद्र पटवा

सुरेंद्र पटवा राज्यमंत्री में हैं लेकिन विवादों से उनका गहरा नाता है। अपने क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर भी विरोध झेल रहे हैं। उनके टिकट पर फैसला केंद्रीय स्तर पर लिया जा सकता है।

माया सिंह

माया सिंह नगरीय विकास मंत्री हैं। ग्वालियर पूर्व सीट पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पिछला विधानसभा चुनाव भी बहुत कम वोटों से जीत पाई थीं।

सूर्य प्रकाश मीणा

सूर्य प्रकाश मीणा राज्यमंत्री हैं और उनके लिए स्थानीय स्तर पर स्थितियां बिगड़ी हुई हैं। वे विवादों से घिरे रहे हैं।

अंतर सिंह आर्य

अंतर सिंह आर्य पशुपालन मंत्री हैं पर सरकार में उनका प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक नहीं माना जा रहा है। वे साल 2003 से विधायक हैं।

पिछला चुनाव 10 मंत्री हार गए थे

2013 में कद्दावर मंत्री अजय विश्नोई, लक्ष्मीकांत शर्मा, करण सिंह वर्मा, कन्हैयालाल समेत 10 मंत्री चुनाव हार गए थे।
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