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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   madhya pradesh assembly elections and political parties

चुनाव का ऐलान होते ही MP में चढ़ा राजनीतिक पारा

Fri, 04 Oct 2013 07:47 PM IST
जयप्रकाश पराशर/भोपाल
जयप्रकाश पराशर/भोपाल Updated Fri, 04 Oct 2013 07:47 PM IST
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madhya pradesh assembly elections and political parties

मध्य प्रदेश में 25 नवंबर को एक चरण में मतदान कराने की घोषणा होने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

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राज्य में दो चरणों में चुनाव की मांग कर रही भारतीय जनता पार्टी ने अब इसे चुनाव आयोग की चुनौती करार दिया है। अपने विधायकों के एंटी-इनकंबेसी से निपटने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

वहीं कांग्रेस 15 अक्टूबर तक अपने उम्मीदवारों की पहली सूची आने की उम्मीद जताई है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में 11 और 19 नवंबर को दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं।
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भाजपा ने चुनाव आयोग से आग्रह किया था कि राज्य के बड़े आकार को देखते हुए चुनाव दो चरणों में कराया जाना चाहिए।

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने कहा कि भाजपा का आग्रह था कि दो चरणों में चुनाव हो, क्योंकि राज्य बड़ा है, लेकिन चुनाव आयोग ने एक ही चरण में चुनाव का फैसला किया है तो अब यह उसकी चुनौती है।
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वाजपेयी ने कहा कि पार्टी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर चुनाव में जाएगी। दो चरणों में चुनाव कराने के पीछे पार्टी का तर्क यह था कि मध्य प्रदेश में कई जिले नक्सलवाद से प्रभावित है और विपक्ष भी कुछ अनैतिक हथकंडे अपना सकता है।

प्रत्याशी ढूंढना चुनौती
दोनों ही पार्टियों के लिए प्रत्याशियों का चयन करना एक मुश्किल काम है। खासतौर से भाजपा के सामने बड़ी समस्या यह है कि उसके अनेक विधायक मामूली अंतर से जीते थे।

वहीं कई मंत्रियों को जीतना भी संदिग्ध दिखाई दे रहा है। कई मौजूदा विधायकों का विरोध उनके इलाके के पार्टी कार्यकर्ता भी कर रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि 15 अक्टूबर के बाद से उम्मीदवारों की सूचियां सामने आने लगेंगी।

प्रदेश कांग्रेस के साथ भी अभी यह समस्या है। कांग्रेस की 7 अक्टूबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक रखी है।

आगामी 15 अक्टूबर तक कांग्रेस अपनी प्राथमिक सूची तैयार कर लेने की उम्मीद कर रही है। उसके बाद प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी की सभाएं आयोजित होने वाली हैं।

कांग्रेस की एकजुटता
कांग्रेस के सभी दिग्गजों ने एकजुट होना शुरू कर दिया है। बड़वानी में शुक्रवार को मध्य प्रदेश में सभी दिग्गज जुटे। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में परिवर्तन के लिए लोगों में एक पुकार दिखाई दे रही है।  


प्रदेश कांग्रेस नेता रामेश्वर नीखरा ने बताया कि जो अधिकारी पिछले चुनाव में विवादित हुए थे, उन्हें हटाया जाना चाहिए।

एक चरण में चुनाव से निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नीखरा ने कहा कि 15 अक्टूबर तक पहली लिस्ट आ जाएगी और 30 अक्टूबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा।

भाजपा के दो मंत्री भिड़े
भाजपा के मंत्री बाबूलाल गौर ने कहा था कि कई मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ सकता है। उस पर वित्तमंत्री जयंत मलैया ने कहा कि किसका टिकट कटना चाहिए और किसे टिकट मिलना चाहिए इसका फैसला पार्टी के सर्वे और आंतरिक संगठन की राय से होगा।

अभी भाजपा के शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।

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