मध्यप्रदेश चुनाव 2018: मायावती बोलीं, बसपा को खत्म करना चाहती थी कांग्रेस
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मायावती ने मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार के तहत भोपाल के भेल दशहरा मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है, इसलिए उसने बसपा से गठबंधन का प्रस्ताव रखा था।
उन्होंने कहा कि गठबंधन की आड़ में कांग्रेस सोची समझी रणनीति व षडयंत्र के तहत हमें बहुत ही कम सीटें देकर बसपा को खत्म करना चाहती थी। मायावती ने कहा कि इसके बाद पार्टी ने प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया। उन्होंने दावा किया कि बसपा की उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में पकड़ मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घबराई हुई थी। वह खिसियाई बिल्ली की तरह खंभे नोच रही है और गठबंधन न होने के लिए बसपा पर आरोप लगा रही है।
मायावती ने हालांकि यह नहीं कहा कि गठबंधन करने के लिए कांग्रेस उन्हें कुल कितनी सीट दे रही थी। उन्होंने भाजपा नीत नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार ने बिना तैयारी के नोटबंदी और माल व सेवा कर (जीएसटी) लागू किया, जिससे देश की जनता एवं व्यापारी दुखी हैं। मायावती ने कहा कि नोटबंदी एवं जीएसटी से अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां (भाजपा और कांग्रेस) पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों के हित में नीतियां तैयार करती हैं, क्योंकि इनकी सरकारें पूंजीपतियों और धन्ना सेठों की मदद से चलती हैं। उन्होंने कहा इसके विपरीत बसपा आपके (जनता) धन से चुनाव लड़कर सत्ता में आना चाहती है, ताकि किसी के दबाव में न रहकर जनता को खुशहाल बना सके।
मायावती ने आरोप लगाया
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस व भाजपा की मानसिकता के कारण ही अब तक मंडल कमीशन लागू नहीं किया जा सका है। बसपा के प्रयासों से केंद्र में वी पी सिंह की सरकार बनी। मंडल कमीशन को समर्थन देने के कारण भाजपा ने इस सरकार को ज्यादा दिनों तक नहीं चलने दिया। अंबेडकर को भारत रत्न कांग्रेस ने नहीं, बल्कि वी पी सिंह की सरकार में ही दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट पर कांग्रेस व भाजपा किसी ने ध्यान नहीं दिया।
मायावती ने कहा कि अगर बसपा को मध्यप्रदेश में सरकार बनानी है तो आपको (मतदाताओं) भाजपा और कांग्रेस सहित सभी विरोधियों पार्टियों के हथकंड़ों से सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपनी जीत की हवा बनाने की कोशिश करेंगे। आपको गुमराह नहीं होना है।
उन्होंने कांग्रेस और भाजपा के घोषणापत्र को झूठ और फरेब बताते हुए कहा कि बसपा घोषणापत्र जारी नहीं करती है, क्योंकि हम कहने में कम और कार्य दिखाने में ज्यादा विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर मध्यप्रदेश में चुनाव के बाद हमारी सरकार बनी तो हम सर्व जन हिताय, सर्व जन सुखाय की नीतियों पर ही सरकार चलाएंगे। इससे पहले मायावती ने बालाघाट में भी एक चुनावी रैली को संबोधित किया।
(भाषा इनपुट)
