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अमर उजाला संवाद: जुटीं दिग्गज हस्तियां, चला तीखे सवालों का दौर, राम मंदिर का मुद्दा रहा गर्म 

Mon, 26 Nov 2018 08:01 AM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 26 Nov 2018 08:01 AM IST
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Madhya Pradesh Assembly Elections 2018: amar ujala samwad in Bhopal
अमर उजाला संवाद
मध्यप्रदेश चुनावों पर अमर उजाला के खास कार्यक्रम संवाद में राजनीति के दिग्गज जुटे। प्रदेश की राजधानी भोपाल में अमर उजाला ने अपने सहयोगी डीएनएन के साथ इस बेहद खास कार्यक्रम संवाद का आयोजन किया। इस मंच पर मध्यप्रदेश की हर सियासी हलचल और मुद्दों पर बहस हुई और सवाल जवाब का दौर चला।  28 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले ये एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें जनसरोकारों की बात हुई। तमाम दलों के दिग्गज नेताओं ने इसमें अपनी-अपनी बात जनता तक पहुंचाई। कार्यक्रम में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा, वरिष्ठ नेता प्रभात झा, कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, शोभा ओझा, आचार्य प्रमोद कृष्णम जैसी शख्सियतों ने शिरकत की।    
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भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि हम मध्यप्रदेश में चौथी बार भी सरकार बनाने जा रहे हैं। शिवराज ने उजाला फैलाया है। उन्होंने कहा कि मैं जब पीएम और अमित शाह जी को टीवी पर देखता हूं कि कुछ लोग इतनी मेहनत कर सकते हैं। मैं आज अनकही बात बताऊंगा। लोकसभा चुनाव के समय मीडिया सेंटर में अमित शाह जी दिन भर की भागदौड़ के बाद रात एक बजे दफ्तर आते थे। यहां चर्चा रात 3.30 तक चलती थी। हम युवाओं की आंखें भारी हो जाती थीं। हम सोचते थे ये कब सोएंगे, कब जागेंगे, लेकिन वह 3.30 बजे जाते थे। और सुबह देखो तो उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं होती थी। हम हैरान रह जाते थे।
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राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर कहा कि यह हिंदू धर्म का विषय है, राम मंदिर का विषय है। इस मुद्दे पर भाजपा का कोई कार्यकर्ता बैकफुट पर हो ही नहीं सकता। आजतक लोग मंच पर इस सवाल पर घबराते थे कि हम सेकुलर हैं, मंदिर पर सवाल मत पूछिएगा। लेकिन पहली बार देश में हर कोई मंदिर पर सवाल कर रहा है कि मंदिर कर बनाओगे। आज जनता ने भाजपा को इस मुकाम पर खड़ा किया है कि अधिकार से सवाल पूछ सके कि मंदिर कब बनाओगे ये बताओ। हमारी जो भी रणनीति है उसका खुलासा यहां नहीं करूंगा। ये रोम और राम की कहानी है, इसमें राम जीतेंगे रोम नहीं।
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चर्चा में शामिल कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसानों की समस्या, महिला सुरक्षा सहित कई मुद्दे हैं और हमने हर मुद्दे को प्रभावी तरीके से उठाया है। सीएम उम्मीदवार के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि हमारी जो बारात होती वह अरेंज होती है, यहां की जनता अरेंज के जरिए नेता चुनेगी। हमारे यहां ऐसा नहीं है कि दिल्ली नेता चुने और यहां थोप दिया जाए।  

इस सवाल पर कि राहुल गांधी कहते हैं कि मैं कन्फ्यूज हो गया था, इसलिए छत्तीसगढ़ की जगह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम कह दिया था। इसके जवाब में प्रियंका ने कहा कि जहां पूरी सरकार ही स्कैम में लिप्त हो, हर जगह भ्रष्टाचार हो, तो कन्फ्यूजन होना लाजिमी है। इनके लोगों ने पनामा पेपर पर नाम आने पर रात में कोर्ट खुलवाया। प्रदेश में व्यापम, रेत खनन, सिंचाई घोटाला, डंपर घोटाला जैसे भ्रष्टाचार पर ये लोग क्यों नहीं बोलते?

 

प्रभात झा ने कहा, हमारे नेता शिवराज

वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा ने कहा कि इस बार कांटे की टक्कर है कहने वाले भ्रम की स्थिति में हैं। भाजपा ने सामाजिक रिश्तों से सरकार बनाई है। मप्र सरकार सभी कार्यों में खरी उतर रही है। शिवराज को घोषणा मंत्री क्यों कहा जाता है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि शिवराज ने जो कहा वह किया। उन्होंने घोषणाएं ही नहीं काम करके भी बताया है। बीमारू मध्य प्रदेश को स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाया है। 

पीएम नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों के सवाल और भाजपा की ओर से कथित तौर पर इमोशनल कार्ड खेले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मां हर व्यक्ति के लिए पूजनीय होती है। जिसके मां-बाप को कोई जानता नहीं है आज वह पीएम है। जिसके मां-बाप को हर कोई जानता है उसे जनता बाहर कर देती है। नीच, मौत का सौदागर जैसे अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल करना खतरनाक है और गलत भी। मप्र में शिवराज की जगह उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की बात से जुड़े सवाल पर प्रभात झा ने कहा कि हमारे यहां स्पष्ट नेतृत्व है। हमारा नेता एक ही होता है। मेरे यहां 13 साल से एक मुख्यमंत्री, एक नेता, वह हैं शिवराज। 

कार्यक्रम में कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने भरोसा जताया कि इस बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ही बनेगी। सभी उपचुनाव में हमारी पार्टी जीतती आई है। इस बार जनता में आक्रोश है। बदलाव की स्थिति दिख रही है। कांग्रेस के गौशाला बनाने की बात पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हमेशा से गाय को लेकर संवेदनशील रही है। हमारे विधायक आरिफ अकील ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। हमारी पार्टी धर्म को वोट के लिए इस्तेमाल नहीं करती है। वहीं, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह को पूरी तरह एकजुट भी बताते हुए कहा कि तीनों अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। 

कार्यक्रम के अंत में आचार्य प्रमोद कृष्णन ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा सरकार की विदाई तय है। कौन सी ताकतें हैं जो आपकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना गुनाह हो जाए तब ये आशंका पैदा हो जाती है। कांग्रेस के समय में जब सवाल पूछना गुनाह हो गया तो कांग्रेस हारी। सत्य को जनता के सामने रखना संत का कर्तव्य है। पांच साल में देश में सरकार आई है उससे सवाल करो कि वादे पूरे क्यों नहीं हुए, तो कहते हैं कि आप देशद्रोही हैं। 

एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। भारत का संत कभी कांग्रेस के साथ खुल्लम खुल्ला आया है। भारत के संतों ने हमेशा भाजपा का साथ दिया है। पहला मौका है जब देश का संत इनके खिलाफ है और कांग्रेस के साथ खड़ा है। मैं कांग्रेस का प्रवक्ता नहीं हूं, उसका प्रचार भर कर रहा हूं। राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर अयोध्या में बनना चाहिए ये भारत का बच्चा बच्चा चाहता है। कंप्यूटर बाबा के सवाल पर प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जब वह भाजपा के साथ थे तो देवता थे, अब कांग्रेस के साथ हैं तो राक्षस बन गए, यह कौन सी बात है। उन्होंने कहा कि मैं मुहब्बत का अमृत देश पर छिड़कना चाहता हूं और गांधी का संदेश फैलाना चाहता हूं। 

पूर्व डीजीपी अरुण गुर्टू और राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि आज के दौर में असली मुद्दे से हटकर इमोशन टच डाला जा रहा है। हर व्यक्ति महसूस कर रहा है। स्तर गिर गया है। वन नेशन, वन इलेक्शन के मसले पर कहा कि अगर यह लागू हो जाए तो इससे कई फायदे होंगे। कम खर्च होगा। ये निर्णय देशहित में होगा। 

कार्यक्रम में शामिल मौलाना रजा अंसारी, पूषन भट्टाचार्य और पुष्पेंद्र ने भी शिरकत की। कांग्रेस ने दो और भाजपा ने एक मुस्लिम टिकट दिया, इस सवाल पर कहा कि ये पार्टी का अपना-अपना एजेंडा होता है। राजनीति में हम कहां जा रहे हैं। आज से चंद साल पहले ये नफरत नहीं थी। अच्छी नजर से देखा जाता था। आज सियासत में एक दूसरे को पीछे करने के चक्कर में ओछी राजनीति की जा रही है। 
 
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