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मध्यप्रदेश चुनाव 2018: नोटबंदी से राममंदिर तक, खुलकर बोली जबलपुर की जनता
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 03 Nov 2018 02:41 PM IST
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जबलपुर की जनता की राय
- फोटो : Amar Ujala
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा जबलपुर। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में संवाददाता वैभव कुमार ने जानी जबलपुर की जनता की राय।
लोगों ने प्रदेश की शिवराज सरकार के अलावा मोदी सरकार के कुछ फैसलों से खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नया बदलाव आएगा। नोटबंदी की तरह नहीं होगा कि 8 बजे के बाद नोट बंद हो गए। इकतरफा फैसलों से राहत मिलेगी।
राममंदिर के मुद्दे पर बोलते हुए एक शख्स ने कहा, "मंदिर मुद्दा बन रहा है। साढ़े चार साल से ये सो रहे थे। अब संघ कहता है कानून बने। जिन मुद्दों पर नहीं बोलना था, उन पर बोल रहे हो। जब सुप्रीम कोर्ट मामले को देख रहा है तो उसी पर छोड़ना चाहिए। इन्होंने खुद अपना विरोध पैदा करवाया है।"
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साफ है कि जबलपुर में स्थानीय मुद्दों के अलावा राष्ट्रीय मुद्दे भी चुनावी समर में उलटफेर के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
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लोगों ने प्रदेश की शिवराज सरकार के अलावा मोदी सरकार के कुछ फैसलों से खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नया बदलाव आएगा। नोटबंदी की तरह नहीं होगा कि 8 बजे के बाद नोट बंद हो गए। इकतरफा फैसलों से राहत मिलेगी।
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राममंदिर के मुद्दे पर बोलते हुए एक शख्स ने कहा, "मंदिर मुद्दा बन रहा है। साढ़े चार साल से ये सो रहे थे। अब संघ कहता है कानून बने। जिन मुद्दों पर नहीं बोलना था, उन पर बोल रहे हो। जब सुप्रीम कोर्ट मामले को देख रहा है तो उसी पर छोड़ना चाहिए। इन्होंने खुद अपना विरोध पैदा करवाया है।"
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साफ है कि जबलपुर में स्थानीय मुद्दों के अलावा राष्ट्रीय मुद्दे भी चुनावी समर में उलटफेर के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
