{"_id":"5bf63c6cbdec22697a0f50ec","slug":"madhya-pradesh-assembly-election-2018-electoral-issues-of-vidisha-shivraj-singh-chouhan","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: विदिशा में लोगों ने कहा- विकास तो हुआ लेकिन किसान हैं परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: विदिशा में लोगों ने कहा- विकास तो हुआ लेकिन किसान हैं परेशान
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:49 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला चुनाव रथ विदिशा में
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार और जोड़ पकड़ रहा है। यहां 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा विदिशा। संवाददाता वैभव कुमार ने लोगों से बात कर यहां हालात का जायजा लिया।
उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि विदिशा में क्या हैं जमीनी हालात।
विदिशा में एक व्यक्ति ने कहा कि किसानों को बिजली तो मिल रही है लेकिन खेतों तक नहर नहीं पहुंची है। हालांकि फसल के भाव नहीं मिल रहे।
एक व्यापारी ने कहा कि सरकार ने अच्छा काम किया है। छोटे कारोबारियों को जीएसटी से परेशानी हुई लेकिन अब धीरे-धीरे उन्हें नई व्यवस्था समझ आ रही है।
एक रिटार्यड कर्मचारी ने कहा कि वैसे तो सरकार का प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन मुख्य मुद्दा किसानों की समस्याएं ही हैं। क्षेत्र में 90 फीसदी इलाका किसान बहुल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि विदिशा में क्या हैं जमीनी हालात।
विज्ञापन
विदिशा में एक व्यक्ति ने कहा कि किसानों को बिजली तो मिल रही है लेकिन खेतों तक नहर नहीं पहुंची है। हालांकि फसल के भाव नहीं मिल रहे।
एक व्यापारी ने कहा कि सरकार ने अच्छा काम किया है। छोटे कारोबारियों को जीएसटी से परेशानी हुई लेकिन अब धीरे-धीरे उन्हें नई व्यवस्था समझ आ रही है।
एक रिटार्यड कर्मचारी ने कहा कि वैसे तो सरकार का प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन मुख्य मुद्दा किसानों की समस्याएं ही हैं। क्षेत्र में 90 फीसदी इलाका किसान बहुल है।
विज्ञापन
