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मध्यप्रदेश चुनाव 2018: युवाओं ने कहा- मामाजी ने बेरोजगारों से खिलवाड़ किया, इस चेहरे को हटाना जरूरी
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, गुना
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:24 PM IST
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अमर उजाला चुनाव रथ गुना में
- फोटो : Amar Ujala
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा गुना। संवाददाता वैभव कुमार ने आम जनता और सियासी दलों से बात करके यहां मूड जानने की कोशिश की।
उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि गुना इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है।
गुना में युवाओं में सरकार के प्रति गहरी नाराजगी दिखाई दे रही है। युवाओं ने बताया कि बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है।
सिलाई के एक कामगार ने कहा कि समस्या की कमी नहीं है। साफ सफाई, नगर पालिका में समय पर कोई काम नहीं होता।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि बहुत से काम हो गए, बहुत से नहीं हुए हैं। वहीं एक ऑटो चालक ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल से काम अच्छे हुए हैं।
पूरन सिंह ऑटो चालक ने कहा कि जो काम होने चाहिए थे वो नहीं हो रहे। सड़कों का सुधार, साफ सफाई के काम में सरकार पीछे है।
सुबह नाश्ते का काम करने वाले दुकानदार ने कहा - राम राज्य है, जो नहीं होना था वो काम भी हो गए।
गुना के युवाओं ने कहा कि बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या बन गई है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। एक युवा ने उदाहरण देते हुए बताया कि लाइब्रेरी में बहुत दिनों से पानी और शौचालय की समस्या थी। कलेक्टर के दौरे पर उन्हें इस समस्या से अवगत कराया गया जिसके बाद शौचालय बन गया। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी वहां पानी का लाइन नहीं जोड़ा गया जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
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सरकार में ऐसी कई खामियां हैं कि काम होने के बाद भी रूके रहते हैं। नेता अपने मुद्दों को लेकर लगी रहती है, और जनता के मुद्दों के दरकिनार कर देती है।
शहर में कुछ सार्वजनिक शौचालय हैं साफ सफाई की कमी की वजह से लोग खुले में शौच करना बेहतर समझते हैं।
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उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि गुना इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है।
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गुना में युवाओं में सरकार के प्रति गहरी नाराजगी दिखाई दे रही है। युवाओं ने बताया कि बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है।
सिलाई के एक कामगार ने कहा कि समस्या की कमी नहीं है। साफ सफाई, नगर पालिका में समय पर कोई काम नहीं होता।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि बहुत से काम हो गए, बहुत से नहीं हुए हैं। वहीं एक ऑटो चालक ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल से काम अच्छे हुए हैं।
पूरन सिंह ऑटो चालक ने कहा कि जो काम होने चाहिए थे वो नहीं हो रहे। सड़कों का सुधार, साफ सफाई के काम में सरकार पीछे है।
सुबह नाश्ते का काम करने वाले दुकानदार ने कहा - राम राज्य है, जो नहीं होना था वो काम भी हो गए।
गुना के युवाओं ने कहा कि बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या बन गई है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। एक युवा ने उदाहरण देते हुए बताया कि लाइब्रेरी में बहुत दिनों से पानी और शौचालय की समस्या थी। कलेक्टर के दौरे पर उन्हें इस समस्या से अवगत कराया गया जिसके बाद शौचालय बन गया। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी वहां पानी का लाइन नहीं जोड़ा गया जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
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सरकार में ऐसी कई खामियां हैं कि काम होने के बाद भी रूके रहते हैं। नेता अपने मुद्दों को लेकर लगी रहती है, और जनता के मुद्दों के दरकिनार कर देती है।
शहर में कुछ सार्वजनिक शौचालय हैं साफ सफाई की कमी की वजह से लोग खुले में शौच करना बेहतर समझते हैं।
'क्या शिक्षा और पुलिस के अलावा कोई विभाग नहीं बचा जहां नौकरियां हो?'
अमर उजाला चुनाव रथ गुना में
- फोटो : Amar Ujala
शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है। युवाओं ने बताया कि कॉलेज सिर्फ परीक्षा के दौरान खुलते हैं और बाकी समय बंद रहते हैं। पढ़े लिखे युवाओं ने बताया कि बेरोजगारी छाई हुई है। शहर में कोई रोजगार के मौके नहीं है और नौकरी की तलाश में दूसरे शहर जाना पड़ता है।
एक छोटे कारोबारी ने कहा कि छोटे लोगों के काम नहीं होते हैं। पूजा पाठ का कार्य करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि जनता को काम चाहिए। गरीब जनता के राशन कार्ड बनने चाहिए।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे एक युवा ने बताया कि गुना में रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है।
संविदा शिक्षक की परीक्षा की तैयारी कर रहे एक युवा ने सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चुनाव के दौरान भर्तियां निकाली हैं। इन नौकरियों को उन्हें 2014 में निकालनी चाहिए थी। अब चुनावी साल में बीएड की पढ़ाई किए बहुत से युवाओं की उम्र निकल गई है। प्रदेश सरकार ने अतिथि शिक्षकों को भी कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा, "मामाजी ने बेरोजगारों से खिलवाड़ किया है। और सरकार किसी भी पार्टी की बने इस चेहरे को हटाना जरूरी है।"
नौकरी से रिटार्यड एक व्यक्ति ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। प्रत्येक घर में बेरोजगार युवा हैं। सरकार किसी की भी आए युवाओं के लिए ढंग के रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए। नेता जीत कर भाग जाते हैं फिर जनता को कोई नहीं पूछता।
उन्होंने सवाल किया कि क्या शिक्षा और पुलिस के अलावा कोई विभाग नहीं बचा जहां नौकरियां हो? उन्होंने कहा कि हर विभाग में भर्तियां निकाली जानी चाहिए।
कंप्यूटर डिप्लोमाधारी एक बुजुर्ग चौकीदारी का काम करते हैं। उन्होंने कहा किसान बहुत परेशान हैं। गुना में बेरोजगारी की समस्या बहुत ज्यादा है।
एक छोटे कारोबारी ने कहा कि छोटे लोगों के काम नहीं होते हैं। पूजा पाठ का कार्य करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि जनता को काम चाहिए। गरीब जनता के राशन कार्ड बनने चाहिए।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे एक युवा ने बताया कि गुना में रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है।
संविदा शिक्षक की परीक्षा की तैयारी कर रहे एक युवा ने सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चुनाव के दौरान भर्तियां निकाली हैं। इन नौकरियों को उन्हें 2014 में निकालनी चाहिए थी। अब चुनावी साल में बीएड की पढ़ाई किए बहुत से युवाओं की उम्र निकल गई है। प्रदेश सरकार ने अतिथि शिक्षकों को भी कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा, "मामाजी ने बेरोजगारों से खिलवाड़ किया है। और सरकार किसी भी पार्टी की बने इस चेहरे को हटाना जरूरी है।"
नौकरी से रिटार्यड एक व्यक्ति ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। प्रत्येक घर में बेरोजगार युवा हैं। सरकार किसी की भी आए युवाओं के लिए ढंग के रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए। नेता जीत कर भाग जाते हैं फिर जनता को कोई नहीं पूछता।
उन्होंने सवाल किया कि क्या शिक्षा और पुलिस के अलावा कोई विभाग नहीं बचा जहां नौकरियां हो? उन्होंने कहा कि हर विभाग में भर्तियां निकाली जानी चाहिए।
कंप्यूटर डिप्लोमाधारी एक बुजुर्ग चौकीदारी का काम करते हैं। उन्होंने कहा किसान बहुत परेशान हैं। गुना में बेरोजगारी की समस्या बहुत ज्यादा है।
