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चुनाव दर चुनाव दागदार हुई विधानसभा, भाजपा के 27 तो कांग्रेस के 38 फीसदी विधायक दागी
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Mon, 26 Nov 2018 01:48 PM IST
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नेताजी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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मध्यप्रदेश में चुनावी गहमागहमी तेज है। इन चुनावों में राजनीतिक शुचिता का मामला बड़ी प्रमुखता से उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर अपनी चुनावी सभा में बोल चुके हैं। मगर बीते आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर दावों के उलट नजर आती है।
मध्यप्रदेश में 2008 में दागी विधायकों की संख्या 58 थी जो बढ़कर 2013 में 73 हो गई। विधानसभा के दागदार होने के आंकड़े में 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। इस बार भी तस्वीर कुछ अलग नहीं दिखती। दागी विधायकों के मामले में भाजपा के 27.44%, कांग्रेस का यह आंकड़ा 37.93% , बसपा का 25% और अन्य 66% है। पिछले विधानसभा चुनाव में 73 दागी विधायक चुने गए जिनमें से 45 पर किडनैपिंग, अवैध वसूली और महिलाओं पर हमले जैसे संगीन मामले दर्ज है।
श्योपुर
तुलसीनारायण मीणा (सपा)
धोखाधड़ी
सबलगढ़
बृजनाथ कुशवाह(कांग्रेस)
धोखाधड़ी का केस
सुमावली
अजब सिंह(बीजेपी)
हत्या का केस
मुरैना
रघुराज(कांग्रेस)
हत्या के प्रयास का केस
अटेर
हेमंत कटारे(कांग्रेस)
रेप,अपहरण का केस
गोहद
लाल सिंह आर्य(बीजेपी)
हत्या का केस
भितरवार
लाखन सिंह यादव(कांग्रेस)
दहेज प्रताड़ना का केस
डबरा
इमरती देवी(कांग्रेस)
घरेलू हिंसा
पिछोर
प्रीतम सिंह लोधी(भाजपा)
हथियार जब्त होने, हत्या के प्रयास का केस
पिछोर
लालाराम(बसपा)
आर्म्स एक्ट के तहत केस
टीकमगढ़
राकेश गिरी(भाजपा)
बाल विवाह अधिनियम का केस
जतारा
हरीशंकर खटीक(भाजपा)
बाल विवाह अधिनियम के तहत केस
अमरपाटन
राजेंद्र कुमार सिंह(कांग्रेस)
धोख़ाधड़ी का केस
अमरपाटन
गौरेलाल पटेल(भाजपा)
आर्म्स एक्ट के तहत केस
रामपुर बघेलान
विक्रम सिंह पर(बीजेपी)
हत्या के प्रयास का केस
कोतमा
दिलीप(भाजपा)
धोखाधड़ी
वारासिवनी
योगेंद्र निर्मल(भाजपा)
धोखाधड़ी
नरसिंहपुर
जालम सिंह पटेल(भाजपा)
घातक हथियारों सहित सामान्य आशय से दंगा करने का केस
भोपाल मध्य
आऱिफ मसूद(कांग्रेस)
हत्या का केस दर्ज
शाजापुर
अरूण भीमावत(भाजपा)
धोखाधड़ी
मंदसौर
नरेंद्र नाहटा (कांग्रेस)
धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार
केस दर्ज होने के बावजूद कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों इसे गलत नहीं मानते। कांग्रेस का कहना है कि दोषी प्रत्याशियों को मैदान में नहीं उतारा गया है। साफ सुथरी छवि वाले प्रत्याशियों को ही टिकट दिया गया है। वहीं भाजपा का कहना है, केस दर्ज होना कोई बड़ी बात नहीं है।
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मध्यप्रदेश में 2008 में दागी विधायकों की संख्या 58 थी जो बढ़कर 2013 में 73 हो गई। विधानसभा के दागदार होने के आंकड़े में 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। इस बार भी तस्वीर कुछ अलग नहीं दिखती। दागी विधायकों के मामले में भाजपा के 27.44%, कांग्रेस का यह आंकड़ा 37.93% , बसपा का 25% और अन्य 66% है। पिछले विधानसभा चुनाव में 73 दागी विधायक चुने गए जिनमें से 45 पर किडनैपिंग, अवैध वसूली और महिलाओं पर हमले जैसे संगीन मामले दर्ज है।
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इन 'माननीयों' पर हैं केस
श्योपुर
तुलसीनारायण मीणा (सपा)
धोखाधड़ी
सबलगढ़
बृजनाथ कुशवाह(कांग्रेस)
धोखाधड़ी का केस
सुमावली
अजब सिंह(बीजेपी)
हत्या का केस
मुरैना
रघुराज(कांग्रेस)
हत्या के प्रयास का केस
अटेर
हेमंत कटारे(कांग्रेस)
रेप,अपहरण का केस
गोहद
लाल सिंह आर्य(बीजेपी)
हत्या का केस
भितरवार
लाखन सिंह यादव(कांग्रेस)
दहेज प्रताड़ना का केस
डबरा
इमरती देवी(कांग्रेस)
घरेलू हिंसा
पिछोर
प्रीतम सिंह लोधी(भाजपा)
हथियार जब्त होने, हत्या के प्रयास का केस
पिछोर
लालाराम(बसपा)
आर्म्स एक्ट के तहत केस
टीकमगढ़
राकेश गिरी(भाजपा)
बाल विवाह अधिनियम का केस
जतारा
हरीशंकर खटीक(भाजपा)
बाल विवाह अधिनियम के तहत केस
अमरपाटन
राजेंद्र कुमार सिंह(कांग्रेस)
धोख़ाधड़ी का केस
अमरपाटन
गौरेलाल पटेल(भाजपा)
आर्म्स एक्ट के तहत केस
रामपुर बघेलान
विक्रम सिंह पर(बीजेपी)
हत्या के प्रयास का केस
कोतमा
दिलीप(भाजपा)
धोखाधड़ी
वारासिवनी
योगेंद्र निर्मल(भाजपा)
धोखाधड़ी
नरसिंहपुर
जालम सिंह पटेल(भाजपा)
घातक हथियारों सहित सामान्य आशय से दंगा करने का केस
भोपाल मध्य
आऱिफ मसूद(कांग्रेस)
हत्या का केस दर्ज
शाजापुर
अरूण भीमावत(भाजपा)
धोखाधड़ी
मंदसौर
नरेंद्र नाहटा (कांग्रेस)
धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार
केस दर्ज होने के बावजूद कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों इसे गलत नहीं मानते। कांग्रेस का कहना है कि दोषी प्रत्याशियों को मैदान में नहीं उतारा गया है। साफ सुथरी छवि वाले प्रत्याशियों को ही टिकट दिया गया है। वहीं भाजपा का कहना है, केस दर्ज होना कोई बड़ी बात नहीं है।
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