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मध्यप्रदेश चुनाव सर्वे: उड़ी भाजपा की नींद, कट सकते हैं 70-80 विधायकों के टिकट
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 20 Oct 2018 05:01 AM IST
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Shivraj Singh Chouhan
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा मुश्किलों में घिरी हुई है और हालिया कुछ रिपोर्ट और सर्वे ने उसकी नींद उड़ा दी है। लगातार चौथी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए भाजपा कुछ कड़े फैसले ले सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा के मौजूदा 70-80 विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं जिनमें कुछ मंत्री भी शामिल हैं।
एक पार्टी नेता का कहना है कि सत्ता विरोधी रुझान को देखते हुए ऐसा फैसला लिया जा सकता है। राज्य में 28 नवंबर को मतदान होना और मतगणना 11 दिसंबर को होगी।
कई विधायकों के खिलाफ नाराजगी
राज्य के एक भाजपा नेता ने पीटीआई से कहा कि पार्टी 70-80 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि कई विधायकों के खिलाफ शिकायतों को देखते हुए इस तरह का फैसला लिया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कई विधायकों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं।
हाल ही में कुछ ओपिनियन पोल में बताया गया था कि कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में वापसी कर सकती है। कुछ सर्वे में यहां कांग्रेस-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान जताया है। इन सर्वे ने भाजपा को अपनी रणनीति नए सिरे से बनाने पर मजबूर कर दिया है।
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भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी का कहना है कि राज्य में भाजपा विधायकों के खिलाफ तो गुस्सा है लेकिन सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नहीं। भाजपा के पास एक बार फिर सत्ता में वापसी का मौका है।
उन्होंने कहा कि हम पुराने चेहरों को बदलकर नए चेहरों को विधानसभा चुनाव में मौका देते हैं तो इस बार भी चुनाव जीतकर प्रदेश में सरकार बनाने का भाजपा के पास बेहतर अवसर है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब प्रदेश भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन नहीं करने वाले विधायकों या मंत्रियों का टिकट काटा हो। इससे पहले साल 2013 के विधानसभा चुनावों में हमने 25 प्रतिशत नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा था और इनमें से 75 उम्मीदवारों ने विजय हासिल भी की थी।
पिछली दफा विधानसभा चुनावों में भाजपा के कुल 165 सीटें, कांग्रेस ने 58, बसपा ने 4 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन सीटों पर जीत हासिल की थी। मध्यप्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं।
(PTI इनपुट)
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एक पार्टी नेता का कहना है कि सत्ता विरोधी रुझान को देखते हुए ऐसा फैसला लिया जा सकता है। राज्य में 28 नवंबर को मतदान होना और मतगणना 11 दिसंबर को होगी।
कई विधायकों के खिलाफ नाराजगी
राज्य के एक भाजपा नेता ने पीटीआई से कहा कि पार्टी 70-80 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि कई विधायकों के खिलाफ शिकायतों को देखते हुए इस तरह का फैसला लिया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कई विधायकों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं।
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हाल ही में कुछ ओपिनियन पोल में बताया गया था कि कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में वापसी कर सकती है। कुछ सर्वे में यहां कांग्रेस-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान जताया है। इन सर्वे ने भाजपा को अपनी रणनीति नए सिरे से बनाने पर मजबूर कर दिया है।
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भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी का कहना है कि राज्य में भाजपा विधायकों के खिलाफ तो गुस्सा है लेकिन सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नहीं। भाजपा के पास एक बार फिर सत्ता में वापसी का मौका है।
उन्होंने कहा कि हम पुराने चेहरों को बदलकर नए चेहरों को विधानसभा चुनाव में मौका देते हैं तो इस बार भी चुनाव जीतकर प्रदेश में सरकार बनाने का भाजपा के पास बेहतर अवसर है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब प्रदेश भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन नहीं करने वाले विधायकों या मंत्रियों का टिकट काटा हो। इससे पहले साल 2013 के विधानसभा चुनावों में हमने 25 प्रतिशत नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा था और इनमें से 75 उम्मीदवारों ने विजय हासिल भी की थी।
पिछली दफा विधानसभा चुनावों में भाजपा के कुल 165 सीटें, कांग्रेस ने 58, बसपा ने 4 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन सीटों पर जीत हासिल की थी। मध्यप्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं।
(PTI इनपुट)
