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कांग्रेस की गलती उसी दिन हो गई जब दिग्विजय सिंह को किनारे कर दिया था: प्रभात झा

Sun, 25 Nov 2018 08:13 PM IST
नमित शुक्ला, अमर उजाला
नमित शुक्ला, अमर उजाला Updated Sun, 25 Nov 2018 08:13 PM IST
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Madhya Pradesh Assembly Election 2018: Amar ujala samwad Prabhat Jha
अमर उजाला संवाद
मध्यप्रदेश चुनावों पर अमर उजाला के खास कार्यक्रम संवाद में राजनीति के दिग्गज जुटे। प्रदेश की राजधानी भोपाल में अमर उजाला ने अपने सहयोगी डीएनएन के साथ इस बेहद खास कार्यक्रम संवाद का आयोजन किया। इस मंच पर मध्यप्रदेश की हर सियासी हलचल और मुद्दों पर बहस हुई और सवाल जवाब का दौर चला। इसी मंच पर प्रभात झा से बातचीत पढ़ें- 
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सवाल-  15 साल से भाजपा की सरकार है। इस बार कांटे की टक्कर है। इस बार भ्रम की स्थिति क्यों है।
जवाब- भ्रम उनको है, जो गांव नहीं जाते। जिनको सत्ता की भूख है। ऐसा कथित कांग्रेसियों को भ्रम है। भाजपा ने सामाजिक रिश्तों से सरकार बनाई है। यहां बच्ची मामा का नाम पूछने पर शिवराज सिंह का नाम बताती है। भाजपा का सामाजिक सरोकार से रिश्ता है। मप्र सरकार सभी कार्यों में खरी उतर रही है। 
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सवाल- इसलिए पुलिस जिसे पकड़ती है, तो वह कहता है कि मुख्यमंत्री उनका साला है। 
जवाब- अगर कोई व्यक्ति ऐसा कहता है, तो उसमें शिवराज या भाजपा की क्या गलती है। भाजपा जनता के दया पर सत्ता पर आई है। वह किसी पर आश्रित नही है। 

सवाल- शिवराज को घोषणा मंत्री क्यों कहा जाता है। 25 हजार घोषणाएं की। ऐसा आरोप है।
जवाब- ये कांग्रेस  की भाषा है। शिवराज  ने जो कहा वह किया। उन्होंने घोषणाएं ही नहीं काम करके भी बताया है। बीमारू मध्य प्रदेश को स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाया है। आप 250 घोषणाओं को गिना दें। 
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सवाल- आप विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन अब इमोशनल कार्ड पर क्यों आ गए।
जवाब- मां हर व्यक्ति के लिए पूजनीय होती है। जिसके मां-बाप को कोई जानता नहीं है। वह पीएम है। जिसके मां-बाप को हर कोई जानता है उसे जनता बाहर कर देती है। नीच, मौत का सौदागर जैसे अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल करना खतरनाक है और गलत भी। 

सवाल- आप मप्र से बाहर चले गए थे। अब फिर से माफी मांगकर मध्य प्रदेश में नई पारी खेल रहे हैं। 
जवाब- मैं आपातकाल से मध्य प्रदेश आया हूं। मैंने विभिन्न राजनैतिक पारियां खेली  हैं। माफी का कोई सवाल ही नहीं। आप कांग्रेस की झूठी अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। हम फौलादी लोग हैं।

सवाल- मप्र में शिवराज की जगह आपको मुख्यमंत्री बनाने की बात हो रही थी।
जवाब- हमारे यहां स्पष्ट नेतृत्व है। हमारा नेता एक ही होता है। मेरे यहां 13 साल से एक मुख्यमंत्री, एक नेता, वह हैं शिवराज। 

 

सवाल- आपकी पार्टी भी वंशवाद पर चल रही है। आपके पुत्र के साथ भी ऐसा सुना जा रहा है।
जवाब- नेता का पुत्र होना कोई गुनाह नहीं है। वंशवाद पर बोले कि किसी भी नेता का लड़का इमानदारी से काम करके आए, तो उसे मौका मिलना चाहिए। ये गलत नहीं है। हम अपनी पारी खेल चुके हैं।

सवाल- कांग्रेस प्रवक्ता कहते हैं कि आपका नेता नागपुर से तय होता है।
जवाब- हमारे पास नागपुर तो है। इनके पास कानपुर या कोई जबलपुर है क्या। ये तो एक परिवार के गुलाम हैं। अगर इससे बाहर हो गए तो इनकी नैया पार हो जाएगी।

सवाल- सरताज सिंह जैसे नेता को पार्टी से क्यों जाना पड़ा। 
जवाब- जब व्यक्ति की आकांक्षा पार्टी से ऊपर हो जाए तो ऐसा होता है। अर्जुन सिंह को हराने वाले सरताज सिंह नहीं थे, बल्कि भाजपा थी। मैं जानता हूं कि सरताज सिंह का न सिर रहेगा न ताज रहेगा।

सवाल- बागियों को पार्टियां क्यों तवज्जों देती हैं। प्रेमचंद गुड्डू भी इसके उदाहरण हैं।
जवाब- समय और परिस्थिति को देखकर बागियों पर निर्णय लिया जाता है। प्रेमचंद गुड्डू के कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर कहा कि गुड्डू जी जब मंच पर आएं, तो सिंधिया जी ने कहा कि बदबू आ रही है। इस पर उन्हें गुस्सा आया।

सवाल- शिवराज जैसे मामा के होते हुए भी महिला उत्पीड़न और रेप क्यों हो रहे हैं।  
जवाब- मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश में इसे तिरस्कार के रूप में देखा जाता है। ये सामाजिक बुराई है। इसे मिलकर लड़ना होगा। मप्र पहला राज्य है, जहां ऐसे अपराधों में 14 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है। बलात्कार की समस्या हर जगह है। ये बहुत दुखद घटना है। इसे सबके साथ मिलकर ही दूर किया जा सकता है। उन्होंने एक सवाल अब नहीं होगा महिला आत्याचार, अब होगा मोदी राज पर कहा कि ये नारे को सीधे नकार दिया।

सवाल- ये महाराज कौन है।
जवाब- ये कांग्रेस का दुर्भाग्य था, जिस दिन दो घोषणा हुई। एक उद्योगपति 74 साल के। दूसरा कमीशनखोरी जैसे आरोप लगने वाले नेता को कांग्रेस में प्रदेश का नेतृत्व सौंपा। कमलनाथ और सिंधिया जी दोनों अपने क्षेत्र की सीट बचा नहीं पाए। कांग्रेस में एक नेता हैं वह हैं दिग्विजय सिंह। कांग्रेस की गलती उसी दिन हो गई जब दिग्विजय सिंह को किनारे कर दिया। अब चौथी बार भाजपा सरकार। 
 
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