{"_id":"5cd7ed5abdec22074f08ca66","slug":"lok-sabha-chunav-2019-digvijay-singh-could-not-cast-vote-for-himself-in-bhopal","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल: दिग्विजय खुद के लिए नहीं कर पाए मतदान, प्रज्ञा ठाकुर ने डाला भोपाल में वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल: दिग्विजय खुद के लिए नहीं कर पाए मतदान, प्रज्ञा ठाकुर ने डाला भोपाल में वोट
Sun, 12 May 2019 08:09 PM IST
अमित मंडल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अमित मंडल
Updated Sun, 12 May 2019 08:09 PM IST
विज्ञापन
दिग्विजय सिंह-साध्वी प्रज्ञा (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोपाल लोकसभा सीट की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को भोपाल में अपना वोट डाला। हालांकि उनके खिलाफ इस सीट से लड़ रहे कांग्रेस के प्रत्याशी व दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह यहां खुद के लिए ही वोट नहीं डाल पाए, क्योंकि वह भोपाल लोकसभा सीट के मतदाता नहीं हैं। साध्वी प्रज्ञा ने आज सुबह रेवेरा टाउन मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।
भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय वोट डालने के लिए राजगढ़ नहीं पहुंच पाए, उन्होंने कहा कि वोट डालने के लिए राजगढ़ नहीं पहुंच पाने का मुझे दुख है। अगली बार मैं भोपाल में नाम दर्ज कराऊंगा।
मतदान करने के बाद प्रज्ञा ने मीडिया से कहा कि यह धर्मयुद्ध है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा को पहले से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी और नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे।
विज्ञापन
प्रज्ञा साल 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। भाजपा ने दिग्विजय के खिलाफ प्रज्ञा को उतारकर हर किसी को चौंका दिया था। दोनों उम्मीदवारों ने यहां धुआंधार प्रचार किया और हिंदुत्व का मुद्दा जमकर भुनाया।
दरअसल, मतदाता सूची में दिग्विजय सिंह का नाम मध्यप्रदेश के राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उनके पैतृक कस्बे राघौगढ़ में पंजीबद्ध है। इसलिए वह खुद के लिए भोपाल लोकसभा सीट से वोट नहीं डाल पाएंगे।
दिग्विजय 10 साल तक (वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
भाजपा द्वारा हिन्दुत्व चेहरा साध्वी प्रज्ञा को दिग्विजय के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारने के बाद भोपाल सीट देश की हॉट सीट बन गई है। चुनाव प्रचार के दौरान यह सीट मुख्य रूप से चर्चा का विषय रही।
भाजपा का गढ़ कही जाने वाली इस सीट से दिग्विजय को जिताने के लिए कम्प्यूटर बाबा यहां धूनी जलाकर कई साधु-संतों के साथ हठ योग पर बैठे थे। कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह को जिताने के लिए न केवल उनका प्रचार किया, बल्कि तंत्र-मंत्र का सहारा भी लिया है। कम्प्यूटर बाबा ने साधु-संतों के साथ उनके लिए रोड शो भी किया, जो पूरी तरह से भगवा रंग में रंगा नजर आया।
विज्ञापन
भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय वोट डालने के लिए राजगढ़ नहीं पहुंच पाए, उन्होंने कहा कि वोट डालने के लिए राजगढ़ नहीं पहुंच पाने का मुझे दुख है। अगली बार मैं भोपाल में नाम दर्ज कराऊंगा।
विज्ञापन
मतदान करने के बाद प्रज्ञा ने मीडिया से कहा कि यह धर्मयुद्ध है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा को पहले से भी ज्यादा सीटें मिलेंगी और नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे।
विज्ञापन
प्रज्ञा साल 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। भाजपा ने दिग्विजय के खिलाफ प्रज्ञा को उतारकर हर किसी को चौंका दिया था। दोनों उम्मीदवारों ने यहां धुआंधार प्रचार किया और हिंदुत्व का मुद्दा जमकर भुनाया।
दरअसल, मतदाता सूची में दिग्विजय सिंह का नाम मध्यप्रदेश के राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उनके पैतृक कस्बे राघौगढ़ में पंजीबद्ध है। इसलिए वह खुद के लिए भोपाल लोकसभा सीट से वोट नहीं डाल पाएंगे।
दिग्विजय 10 साल तक (वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
भाजपा द्वारा हिन्दुत्व चेहरा साध्वी प्रज्ञा को दिग्विजय के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारने के बाद भोपाल सीट देश की हॉट सीट बन गई है। चुनाव प्रचार के दौरान यह सीट मुख्य रूप से चर्चा का विषय रही।
भाजपा का गढ़ कही जाने वाली इस सीट से दिग्विजय को जिताने के लिए कम्प्यूटर बाबा यहां धूनी जलाकर कई साधु-संतों के साथ हठ योग पर बैठे थे। कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह को जिताने के लिए न केवल उनका प्रचार किया, बल्कि तंत्र-मंत्र का सहारा भी लिया है। कम्प्यूटर बाबा ने साधु-संतों के साथ उनके लिए रोड शो भी किया, जो पूरी तरह से भगवा रंग में रंगा नजर आया।
