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कौन हैं शंकर लालवानी जिन्हें भाजपा ने इंदौर लोकसभा सीट से दिया टिकट
Sun, 21 Apr 2019 08:14 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 21 Apr 2019 08:14 PM IST
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शंकर लालवानी
- फोटो : ट्विटर
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लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण में 11 अप्रैल को 20 राज्य की 91 सीटों और दूसरे चरण में 18 अप्रैल को 12 राज्य की 95 लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। अब 23 अप्रैल को तीसरे चरण का मतदान होना है। भाजपा ने उम्मीदवारों की नई सूची जारी कर दी है। मध्यप्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट से शंकर लालवानी को टिकट मिला है। आइए जानते हैं कौन हैं शंकर लालवानी जिनपर भाजपा ने भरोसा जताया है...
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भारतीय जनता पार्टी में कुछ नेता ऐसे रहे हैं जिनका नाम कभी फीका नहीं पड़ा। इन्हीं नेताओं की फेहरिस्त में आता है शंकर लालवानी का नाम। साल 1993 में विधानसभा क्षेत्र-4 से लालवानी को भाजपा अध्यक्ष का कार्यभार मिला। इसके तीन साल बाद 1996 में हुए नगर निगम चुनाव में उन्हें जयरामपुर वार्ड से टिकट मिला था। इसमें उन्होंने अपने भाई और कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश लालवानी को हराया और पार्षद बने।
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डॉ. उमाशशि शर्मा के महापौर (मेयर) कार्यकाल में लालवानी ने सभापति जैसे महत्वपूर्ण पद का कार्यभार संभाला। वह तीन बार पार्षद रहे लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। हालांकि, कुछ समय बाद पार्टी ने उन्हें नगर अध्यक्ष बना दिया। नगर अध्यक्ष के पद पर रहते हुए ही उन्हें इंदौर नगर निगम प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई थी। इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे लालवानी का मुकाबला कांग्रेस के पंकज संघवी से होना है।
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इंदौर सीट भाजपा के लिए खासी महत्वपूर्ण है। इस सीट पर भाजपा पिछले आठ लोकसभा चुनाव लगातार जीतती आई है। इस बार लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के इस सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इस सीट से मुख्य दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने भी इस सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। अब भाजपा नेतृत्व ने इस सीट से शंकर लालवानी पर भरोसा जताया है।
