{"_id":"6650bb97cfe1551de80420ef","slug":"khargone-family-came-to-visit-pilgrimage-town-forgot-two-year-old-girl-in-hotel-police-immediately-searched-2024-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Khargone News: तीर्थनगरी दर्शन करने आया परिवार होटल में ही भूल गया दो साल की बच्ची, पुलिस ने तत्काल खोजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Khargone News: तीर्थनगरी दर्शन करने आया परिवार होटल में ही भूल गया दो साल की बच्ची, पुलिस ने तत्काल खोजा
Fri, 24 May 2024 09:39 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 24 May 2024 09:39 PM IST
सार
तीर्थनगरी दर्शन करने आया परिवार अपनी बच्ची को होटल में ही भूल गया था। पुलिस ने तत्काल खोज निकाला मासूम के परिजन को।
विज्ञापन
पुलिस ने परिजनों को खोजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के बड़वाह में एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली से ओंकारेश्वर दर्शन करने आया एक परिवार अपनी दो साल की जुड़वा बालिकाओं में से एक बालिका को होटल में ही भूलकर वापस चल दिए। लेकिन इसी बीच बालिका को रोते देख होटल कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के थानों सहित सोशल मीडिया की मदद ली। बालिका के परिजन को ढूंढ निकाला, जो कि बड़वाह से करीब 10 किलोमीटर दूर कुरावद तक पहुंच चुके थे। वहीं, मिली जानकारी के अनुसार दो अलग-अलग चार पहिया वाहनों में परिजनों के बैठने के चलते परिवार के लोगों को लगा की बालिका दूसरी गाड़ी में दादी के साथ सफर कर रही थी।
विज्ञापन
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में दिल्ली से एक परिवार दर्शन करने आया हुआ था, जो कि बड़वाह नगर के पंचवटी होटल में रुका था। दर्शन के बाद परिवार के सदस्यों ने होटल जाकर खाना खाया और उसके बाद होटल को खाली कर यहां से उज्जैन महाकाल दर्शन करने के लिए निकल पड़े। लेकिन इस दौरान वे अपनी दो साल की एक बालिका को होटल में ही भूल गए। परिजनों के न दिखाई देने पर बालिका रोने लगी, जिसे देख होटल स्टॉफ ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत पुलिस के सुपुर्द किया। वहीं, बड़वाह एसडीओपी अर्चना रावत ने बताया कि 22 मई को रात 11.30 बजे थाना बड़वाह पर पंचवटी होटल के कर्मचारी मोहन सिंह पिता पृथ्वी सिंह चौहान ने अपने साथी शंभू सिंह पिता नारायण राव एवं अन्य दो व्यक्ति के साथ करीबन दो वर्ष की बालिका को थाने लेकर आये थे। साथ ही उन्होंने बताया कि पंचवटी होटल पर यह बालिका रो रही थी, जिसके माता-पिता शायद गलती से इसे छोड़कर चले गये हैं। इस पर तत्काल एक टीम का गठन कर बालिका के परिजनों का खोजबीन अभियान शुरू किया गया।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो डालकर की अपील
बड़वाह एसडीओपी और थाना प्रभारी ने दो वर्ष की बालिका के माता-पिता की तलाश के लिए सीमावर्ती थानों को सूचना दी। साथ ही थाना बलवाडा, सनावद, बड़वाह एवं थाना सिमरोल में तत्काल परिजनों की खोजबीन के लिए चेकिंग लगाई गयी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर और टैक्सी ड्राइवरों के व्हाटसएप ग्रुप के साथ ही अन्य व्हाट्सएप ग्रुप पर भी उस बालिका के फोटो डाले गए। जिसका परिणाम यह निकला कि कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि दो कार इंदौर की तरफ कुरावद तक पहुंची हैं, जिनकी ये बालिका है और वे लोग वापस आ रहे हैं।
विज्ञापन
माता-पिता को लगा दूसरी गाड़ी में बैठी है बालिका
कुछ ही देर में बालिका के परिजन थाने पहुंच गए, जहां उन्होंने बताया कि वे लोग दो गाड़ियों से ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आये हुए थे, जिसके बाद वे महाकालेश्वर उज्जैन जा रहे थे। वे लोग दिल्ली से आये हैं और पंचवटी होटल पर खाना खाते समय वापस गाड़ी में बैठ गये थे। उन्होंने बताया कि बच्ची का नाम रुही आबुआ है, तथा बच्ची के पिता का नाम विकास आबुआ और माता सिमरन आबुआ निवासी 4/31-ए न्यू विश्वास नगर शहादरा दिल्ली 110032 हैं।
कुछ देर में ही तलाश लिए बालिका के परिजन
वहीं, बालिका के परिजन से मिली जानकारी के अनुसार बालिका के पिता विकास के तीन बच्चे हैं। जिसमें दो लड़कियां जुड़वा हैं। पिता विकास को लगा कि एक बच्ची उसकी दादी समीता के साथ दूसरी गाडी में बैठ गयी है। इस वजह से उन्होंने ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया और इस प्रकार बड़वाह पुलिस की तत्परता एवं पंचवटी होटल के कर्मचारियों के सराहनीय कार्य से दो वर्ष की बालिका के माता-पिता को रात्रि में ही तलाश कर लिया गया।
