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खरगोन सांसद का इंटरव्यू: रामनवमी जुलूस पर हमला सुनियोजित साजिश, पथराव करने वाले नहीं सुधरे तो गंभीर परिणाम आएंगे
सार
खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव के बाद हुई हिंसा को लेकर खरगोन सांसद गजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि यह हमला पूर्व नियोजित था। मुस्लिम इलाकों से पथराव हुआ। एक साथ कई इलाकों में पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे साफ है कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खरगोन के भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह का आरोप है कि रामनवमी की शोभायात्रा पर हमला सुनियोजित साजिश थी। मुस्लिम बस्तियों से पथराव किया गया। आधे घंटे के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में पथराव शुरू हो गया। इस घटना से हिंदू आक्रोशित हैं। अगर अब भी दूसरा पक्ष नहीं सुधरा तो गंभीर परिणाम आएंगे।
खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव के बाद हुए दंगों के बाद से कर्फ्यू जारी है। 121 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 50 से ज्यादा अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। गुरुवार और शुक्रवार को कर्फ्यू में ढील दी गई। वहां क्या हुआ और अब क्या हालात बन रहे हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला ने खरगोन सांसद से बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंशः
क्या हुआ था रामनवमी को?
गजेंद्र सिंह: रामनवमी पर जिस समय शोभायात्रा निकाली गई है, उस समय मुस्लिम बस्तियों से पथराव शुरू हो गया। हजारों की संख्या में पत्थर आए। कई रामभक्त घायल भी हुए। बीचबचाव में एसपी सिद्धार्थ चौधरी को गोली लग गई। गोली जिस तरह मारी गई है, उससे ध्यान में आता है कि खरगोन में किस तरह व्यूह रचना की गई थी। सवाल उठ रहे हैं कि बंदूक कहां से आई? गोली किसने चलाई? टीआई भी घायल हुए। इसके बाद खरगोन के अनेक क्षेत्रों में एक साथ पथराव शुरू हुआ। अंजनी नगर, भावसार मोहल्ले, पटवारी मोहल्ले, सराफा बाजार और आनंद नगर में पथराव शुरू हुआ। पेट्रोल बम फेंके गए। महिलाओं के साथ मारपीट की गई। आगजनी की गई। कई लोग अब भी घायल हैं। कुछ गंभीर हैं। शिवम नाम का लड़का गंभीर रूप से घायल हुआ। इंदौर के अस्पताल में वह जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। यह सब पूर्व नियोजित था।
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रामनवमी की शोभायात्रा पर यह हमला किसने किया?
गजेंद्र सिंह: मुस्लिम पक्ष ने ही पथराव शुरू किया। उस समय हिंदू समाज के लोग परंपरागत रूप से अपनी शोभायात्रा निकाल रहे थे। पूरा पत्थर मस्जिदों और मुस्लिम बस्तियों से ही आया है। 500 से अधिक वीडियो बने हैं। उन्हें देखोगे तो आपको पता चलेगा कि मुस्लिम बस्तियों से ही पथराव हुआ है। एक भी वीडियो ऐसा नहीं है कि हिंदू पक्ष ने हमला किया है। पूरे के पूरे वीडियो में मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पथराव और आगजनी करते हुए दिख रहे हैं।
आप कह रहे हैं कि मुस्लिम पक्ष ने पूर्व नियोजित तरीके से पथराव किया, क्या इसकी जांच हो चुकी है?
गजेंद्र सिंह: हां। कई सारी जाचें हो चुकी हैं। कुछ चल रही है। वीडियो में कुछ लोग भी चिह्नित किए गए हैं। कुछ लोग बाहर के पाए गए हैं। एक होटल पर भी छापा मारा गया तो वहां भी 15-20 लोग बाहर के पाए गए हैं। शहर के आसपास के गांवों से भी सूचना आ रही है कि मुस्लिमों के घरों में बाहर के लोग आकर रुके हुए हैं। यह घटना देखकर लगता है कि पूर्वनियोजित था। एक दिन पहले ही मुसलमानों ने अपने बाजार बंद रखे थे। रविवार का दिन होने से उन्होंने अपना मार्केट नहीं खोला। राम रथयात्रा मस्जिद के सामने से गुजरी, तब पथराव शुरू किया। आधे घंटे बाद दूसरी जगहों पर भी पथराव शुरू हो गया। हिंदुओं के घरों को चिह्नित कर पत्थरबाजी की गई। पेट्रोल बम फेंके गए। यह क्या है? इतनी जल्दी तो सब तैयार होता नहीं।
फिलहाल क्या परिस्थिति है?
गजेंद्र सिंह: खरगोन में स्थिति नियंत्रण में है, पर ठीक नहीं है। गुरुवार रात को भी आनंद नगर में पथराव हुआ है। जगह-जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोग रुके हुए हैं। यह फोन आए थे रात को। महिलाओं के फोन आए थे मेरे पास। अगर फोन आ रहे हैं तो इसका मतलब है कि पत्थरबाजी हुई है।
अभी प्रशासनिक कार्रवाई से हालात में सुधार आया या नहीं?
गजेंद्र सिंह: प्रशासन अपनी तरफ से कार्रवाई कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो के आधार पर लोगों को चिह्नित किया है। सरकार उस काम में लगी हुई है।
आप आगे क्या करने वाले हैं?
गजेंद्र सिंह: जो भी इस पथराव और हमले में शामिल रहे हैं, जिन लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है, जिन लोगों ने इसकी शुरुआत की है, उन्हें सजा होनी चाहिए। मेरी सभी समुदायों से अपील है कि हमारा खरगोन शांति का प्रतीक बने। किसी एक समुदाय पर पथराव दिखाता है कि कुछ लोग अशांति चाहते हैं। यह सब बंद होना चाहिए। अगर यह बंद नहीं हुआ तो हिंदू समाज भी आक्रोशित है। परिणाम गंभीर हो सकते हैं। सभी लोगों को शांति का प्रयास करना चाहिए।
क्या इन दंगों का कोई चेहरा था?
गजेंद्र सिंह: कई चेहरे थे। पूर्वनियोजित साजिश के तहत हमले हुए। सदर समेत कई नेता सबसे आगे दिख रहे हैं वीडियो में। प्रशासन अपनी जांच कर रहा है।
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खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव के बाद हुए दंगों के बाद से कर्फ्यू जारी है। 121 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 50 से ज्यादा अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। गुरुवार और शुक्रवार को कर्फ्यू में ढील दी गई। वहां क्या हुआ और अब क्या हालात बन रहे हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला ने खरगोन सांसद से बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंशः
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क्या हुआ था रामनवमी को?
गजेंद्र सिंह: रामनवमी पर जिस समय शोभायात्रा निकाली गई है, उस समय मुस्लिम बस्तियों से पथराव शुरू हो गया। हजारों की संख्या में पत्थर आए। कई रामभक्त घायल भी हुए। बीचबचाव में एसपी सिद्धार्थ चौधरी को गोली लग गई। गोली जिस तरह मारी गई है, उससे ध्यान में आता है कि खरगोन में किस तरह व्यूह रचना की गई थी। सवाल उठ रहे हैं कि बंदूक कहां से आई? गोली किसने चलाई? टीआई भी घायल हुए। इसके बाद खरगोन के अनेक क्षेत्रों में एक साथ पथराव शुरू हुआ। अंजनी नगर, भावसार मोहल्ले, पटवारी मोहल्ले, सराफा बाजार और आनंद नगर में पथराव शुरू हुआ। पेट्रोल बम फेंके गए। महिलाओं के साथ मारपीट की गई। आगजनी की गई। कई लोग अब भी घायल हैं। कुछ गंभीर हैं। शिवम नाम का लड़का गंभीर रूप से घायल हुआ। इंदौर के अस्पताल में वह जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। यह सब पूर्व नियोजित था।
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रामनवमी की शोभायात्रा पर यह हमला किसने किया?
गजेंद्र सिंह: मुस्लिम पक्ष ने ही पथराव शुरू किया। उस समय हिंदू समाज के लोग परंपरागत रूप से अपनी शोभायात्रा निकाल रहे थे। पूरा पत्थर मस्जिदों और मुस्लिम बस्तियों से ही आया है। 500 से अधिक वीडियो बने हैं। उन्हें देखोगे तो आपको पता चलेगा कि मुस्लिम बस्तियों से ही पथराव हुआ है। एक भी वीडियो ऐसा नहीं है कि हिंदू पक्ष ने हमला किया है। पूरे के पूरे वीडियो में मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पथराव और आगजनी करते हुए दिख रहे हैं।
आप कह रहे हैं कि मुस्लिम पक्ष ने पूर्व नियोजित तरीके से पथराव किया, क्या इसकी जांच हो चुकी है?
गजेंद्र सिंह: हां। कई सारी जाचें हो चुकी हैं। कुछ चल रही है। वीडियो में कुछ लोग भी चिह्नित किए गए हैं। कुछ लोग बाहर के पाए गए हैं। एक होटल पर भी छापा मारा गया तो वहां भी 15-20 लोग बाहर के पाए गए हैं। शहर के आसपास के गांवों से भी सूचना आ रही है कि मुस्लिमों के घरों में बाहर के लोग आकर रुके हुए हैं। यह घटना देखकर लगता है कि पूर्वनियोजित था। एक दिन पहले ही मुसलमानों ने अपने बाजार बंद रखे थे। रविवार का दिन होने से उन्होंने अपना मार्केट नहीं खोला। राम रथयात्रा मस्जिद के सामने से गुजरी, तब पथराव शुरू किया। आधे घंटे बाद दूसरी जगहों पर भी पथराव शुरू हो गया। हिंदुओं के घरों को चिह्नित कर पत्थरबाजी की गई। पेट्रोल बम फेंके गए। यह क्या है? इतनी जल्दी तो सब तैयार होता नहीं।
फिलहाल क्या परिस्थिति है?
गजेंद्र सिंह: खरगोन में स्थिति नियंत्रण में है, पर ठीक नहीं है। गुरुवार रात को भी आनंद नगर में पथराव हुआ है। जगह-जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोग रुके हुए हैं। यह फोन आए थे रात को। महिलाओं के फोन आए थे मेरे पास। अगर फोन आ रहे हैं तो इसका मतलब है कि पत्थरबाजी हुई है।
अभी प्रशासनिक कार्रवाई से हालात में सुधार आया या नहीं?
गजेंद्र सिंह: प्रशासन अपनी तरफ से कार्रवाई कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो के आधार पर लोगों को चिह्नित किया है। सरकार उस काम में लगी हुई है।
आप आगे क्या करने वाले हैं?
गजेंद्र सिंह: जो भी इस पथराव और हमले में शामिल रहे हैं, जिन लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है, जिन लोगों ने इसकी शुरुआत की है, उन्हें सजा होनी चाहिए। मेरी सभी समुदायों से अपील है कि हमारा खरगोन शांति का प्रतीक बने। किसी एक समुदाय पर पथराव दिखाता है कि कुछ लोग अशांति चाहते हैं। यह सब बंद होना चाहिए। अगर यह बंद नहीं हुआ तो हिंदू समाज भी आक्रोशित है। परिणाम गंभीर हो सकते हैं। सभी लोगों को शांति का प्रयास करना चाहिए।
क्या इन दंगों का कोई चेहरा था?
गजेंद्र सिंह: कई चेहरे थे। पूर्वनियोजित साजिश के तहत हमले हुए। सदर समेत कई नेता सबसे आगे दिख रहे हैं वीडियो में। प्रशासन अपनी जांच कर रहा है।
