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खरगोन उपद्रव: आंखों के सामने उजड़ गया आशियाना, बेघर पीड़िता ने साझा किया दर्द
Wed, 13 Apr 2022 07:37 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 13 Apr 2022 07:37 PM IST
सार
खरगोन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी जमीन पर बने घरों को जिला प्रशासन ने जमींदोज कर दिया है। जिला प्रशासन की कार्रवाई में बेघर होने वाली एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाई है।
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हसीना फाखरू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खरगोन जिले में रामनवमी पर हुए बवाल के बाद जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर पीएम आवास योजना के तहत बनें घरों को जमींदोज कर दिया है। जिला प्रशासन ने सोमवार को पथराव में शामिल लोगों पर कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बनें कई मकानों को ध्वस्त कर दिया है। खसखासवाड़ी क्षेत्र में बिड़ला मार्ग पर स्थित हसीना फाखरू (60) नाम की एक महिला का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना घर तोड़ने का मामला भी सामने आया है।
इसके बारे में जानकारी देते हुए नगर पालिका अधिकारी प्रियंका पटेल ने बताया कि जिला प्रशासन ने सोमवार को रामनवमी के जुलूस के दौरान पथराव और उपद्रव में शामिल लोगों की अवैध संपत्तियों को जमींदोज कर दिया है। इसी कार्रवाई के तहत पीएमएवाई के मकानों को भी तोड़ा गया हैं। महिला हसीना फाखरू के घर को जमींदोज करने पर प्रियंका पटेल ने बताया कि घर आवासीय उद्देश्यों के लिए होते हैं, लेकिन जब नगर निगम की टीम महिला के घर के अंदर गई, तो पाया कि इसका इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। घर में कोई भी नहीं रह रहा था। उन्होंने सरकारी जमीन पर मकान बनवाया जबकि पीएमएवाई के तहत उन्हें दूसरे स्थान पर मकान की मंजूरी मिली थी। तहसील कोर्ट में अतिक्रमण का मामला चल रहा था। पटेल ने कहा कि तहसीलदार ने इसे हटाने के आदेश जारी किए थे।
वहीं, पीड़ित महिला ने बताया कि वह पहले कच्चे घर में रहती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले लोन से उसने धीरे-धीरे अपना पक्का घर बनाया था। महिला ने बताया कि जमीन सरकारी है जिस पर वे सालों से रह रही हैं। तहसील ने उन्हें नोटिस दिया था।
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महिला ने कहा जब अधिकारियों ने हमसे पूछा कि हमने यह घर क्यों बनाया, तो हमने उन्हें बताया कि हमारा घर पीएमएवाई के तहत स्वीकृत किया गया था, हमने इसे बनाया था। वहीं, अधिकारियों के कहीं और जमीन है वाले दावे पर महिला ने कहा कि अगर हमारे पास जमीन होती तो हम यहां घर क्यों बनाते? हमारे पास कोई (अन्य) घर या जमीन का प्लॉट नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग करने वाला नोटिस मार्च में और फिर 7 अप्रैल को दिया गया था और इसे सोमवार को निष्पादित किया गया था।
मुस्लिम मौलवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को भोपाल में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की और आरोप लगाया कि रामनवमी पर खरगोन और सेंधवा कस्बों में सांप्रदायिक झड़पों के बाद प्रशासन द्वारा मुसलमानों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया गया। खरगोन में बीते तीन दिनों से कर्फ्यू लगा है।
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इसके बारे में जानकारी देते हुए नगर पालिका अधिकारी प्रियंका पटेल ने बताया कि जिला प्रशासन ने सोमवार को रामनवमी के जुलूस के दौरान पथराव और उपद्रव में शामिल लोगों की अवैध संपत्तियों को जमींदोज कर दिया है। इसी कार्रवाई के तहत पीएमएवाई के मकानों को भी तोड़ा गया हैं। महिला हसीना फाखरू के घर को जमींदोज करने पर प्रियंका पटेल ने बताया कि घर आवासीय उद्देश्यों के लिए होते हैं, लेकिन जब नगर निगम की टीम महिला के घर के अंदर गई, तो पाया कि इसका इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। घर में कोई भी नहीं रह रहा था। उन्होंने सरकारी जमीन पर मकान बनवाया जबकि पीएमएवाई के तहत उन्हें दूसरे स्थान पर मकान की मंजूरी मिली थी। तहसील कोर्ट में अतिक्रमण का मामला चल रहा था। पटेल ने कहा कि तहसीलदार ने इसे हटाने के आदेश जारी किए थे।
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वहीं, पीड़ित महिला ने बताया कि वह पहले कच्चे घर में रहती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले लोन से उसने धीरे-धीरे अपना पक्का घर बनाया था। महिला ने बताया कि जमीन सरकारी है जिस पर वे सालों से रह रही हैं। तहसील ने उन्हें नोटिस दिया था।
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महिला ने कहा जब अधिकारियों ने हमसे पूछा कि हमने यह घर क्यों बनाया, तो हमने उन्हें बताया कि हमारा घर पीएमएवाई के तहत स्वीकृत किया गया था, हमने इसे बनाया था। वहीं, अधिकारियों के कहीं और जमीन है वाले दावे पर महिला ने कहा कि अगर हमारे पास जमीन होती तो हम यहां घर क्यों बनाते? हमारे पास कोई (अन्य) घर या जमीन का प्लॉट नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग करने वाला नोटिस मार्च में और फिर 7 अप्रैल को दिया गया था और इसे सोमवार को निष्पादित किया गया था।
मुस्लिम मौलवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को भोपाल में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की और आरोप लगाया कि रामनवमी पर खरगोन और सेंधवा कस्बों में सांप्रदायिक झड़पों के बाद प्रशासन द्वारा मुसलमानों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया गया। खरगोन में बीते तीन दिनों से कर्फ्यू लगा है।
