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MP News: मकर संक्रांति पर सजा पतंग का बाजार, पीएम मोदी और कार्टून वाली पतंग का है गजब का क्रेज

Sun, 14 Jan 2024 12:20 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 14 Jan 2024 12:20 PM IST
सार

MP News: देशभर में रविवार को मकर संक्रांति पर्व की धूम है और इस पर्व पर तिल और गुड़ से बनी मिठाइयों के साथ ही पतंगबाजी को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जाता है। मध्यप्रदेश के खण्डवा में भी संक्रांति पर्व के चलते रंग बिरंगी पतंगों के बाजार सजे हुए हैं। जिनमें छोटे बच्चों में जहां एक और छोटा भीम और दूसरे कार्टून कैरेक्टर के पतंग की डिमांड है, तो वहीं युवाओं में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो लगी पतंग की डिमांड का क्रेज देखा जा रहा है। 

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Kite market decorated on Makar Sankranti
मकर संक्रांति पर सजा पतंग का बाजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खंडवा नगर के परदेशीपुरा क्षेत्र में इन दिनों पतंग का बाजार सजा हुआ है। जहां रंग बिरंगी कई तरह के कलर और डिजाइन वाली पतंगे मिल रही हैं, तो वहीं प्लास्टिक और कागज के साथ ही कपड़ों से बनी पतंगे भी इस साल खूब चलन में हैं। इन पतंगों में भी बच्चों में कार्टून कैरेक्टर वाली पतंग पसंद की जा रही है, तो वहीं युवाओं को पीएम मोदी के फोटो लगी पतंग लुभा रही हैं।

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बाजार में मिल रही कई तरह के आकार और कलर वाली इन पतंगों की कीमत 2 रुपये से शुरू होकर करीब 400 रुपये तक की है। हालांकि पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज मांझे की डोर अब मार्केट से गायब है। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने उस पर बैन लगा दिया है, लेकिन उसकी जगह अब देसी मांझा चलन में आ गया है, जिससे पतंगबाजी के शौकीन अपना शौक पूरा कर रहे हैं।

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नहीं बेच रहे धार्मिक पतंगें 
शहर के एक बड़े पतंग व्यवसायी इकबाल खान ने बताया कि मार्केट में सभी प्रकार के पतंग जिनमें कार्टून वाली, राजनीतिक व्यक्तियों के फोटो लगी, लव बर्ड्स और तिरंगा वाली पतंगे बाजार में चलन में है। जिनमें से मोदी जी वाली पतंग अधिक बिक रही है। इसके साथ ही इस साल राम मंदिर से जुड़ी झांकी वालीं पतंगे भी चलन में थीं, लेकिन हम लोग उन पतंग को नहीं बेच रहे हैं, क्योंकि पतंग कटने के बाद कहीं भी गिर जाती है और ऐसे में गंदी या गलत जगह उसके गिरने पर आस्था का अपमान होता है, जिसके चलते हम लोग फिलहाल धार्मिक पतंगे नहीं बेच रहे हैं।

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