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Khandwa: निमाड़ के आदिवासी बहुलता वाले क्षेत्र में भगोरिया पर्व की धूम, MP-MLA भी आदिवासियों संग नृत्य किए

Sat, 23 Mar 2024 04:38 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 23 Mar 2024 04:38 PM IST
सार

निमाड़ के आदिवासी बाहुल्य वाले क्षेत्रों में इन दिनों भगोरिया पर्व की धूम मची हुई है। विधायक और सांसद आदिवासियों संग नृत्य करते नजर आए।

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Khandwa News Bhagoria festival celebrated in tribal dominated area of Nimar
भगोरिया पर्व - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल में इन दिनों भगोरिया पर्व की धूम है। आदिवासी बहुलता वाले क्षेत्रों में सात दिनों तक मनाया जाने वाला यह पर्व आदिवासी समाज का मुख्य पर्व माना जाता है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र के हाट बाजारों में आदिवासी युवक और युवतियां सज धजकर घूमते और खरीदारी करते हुए दिखाई देते हैं। वहीं ढोल और मांदल की थाप पर वे सामूहिक रूप से जमकर नाचते गाते भी दिखाई देते हैं।

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इसी बीच क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी इन बाजारों में पहुंचकर आदिवासी समाज के साथ अपने संबंध मजबूत करने के लिए नए-नए तरीकों से इन्हें आकर्षित करते हुए दिखाई देते हैं, जिसके चलते पंधाना विधायक छाया मोरे भी इन बाजारों में जाकर मांदल की थाप पर आदिवासी समुदाय के साथ जमकर नृत्य करते दिखाई दी हैं। वहीं, हाल ही में खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल भी इसी तरह से बुराहनपुर के भगोरिया बाजार में नृत्य करते पिछले दिनों देखे गए थे, जिनके वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।
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निमाड़ के आदिवासी अंचलों में इन दिनों भगोरिया पर्व की धूम है। निमाड़ के खंडवा, खरगोन, बड़वानी और बुराहनपुर जिलों के आदिवासी बहुलता वाले क्षेत्रों में इस समय भगोरिया पर्व अपने पूरे शबाब पर है। बता दें कि हर साल इन क्षेत्रों में निवासरत जनजातियों द्वारा रबी की फसल निकलने के बाद होली के समय भगोरिया पर्व को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता रहा है, जो कि सात दिनों तक मनाते हुए होली तक चलता है। इस दौरान क्षेत्र के कई आदिवासी गांवों में भगोरिया हाट लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाजजन शामिल होते हैं। बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार भगोरिया का लुत्फ उठाने इन हाट बाजारों में पहुंचकर यहां ढोल और मंडल की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए उत्साह से पर्व को मनाते हैं और जमकर खरीदारी भी करते हैं।
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यही नहीं आदिवासी समाज को लुभाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इन दिनों भगोरिया के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। वे भी इन बाजारों में पहुंचकर आदिवासी समाजजन के साथ ढोल और मांदल की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में जमकर थिरकते और झूमते नजर आ रहे हैं, जिनके कुछ वीडियो भी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो चले हैं, जिनमें स्थानीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल सहित पंधाना विधायक छाया मोरे, नेपानगर विधायक मंजू दादू एवं सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी एवं पोरलाल खरते भी आदिवासी समाज के युवक-युवतियों के साथ नृत्य करते दिखाई दे रहे हैं।


वहीं, इस दौरान पंधाना विधायक छाया मोरे ने सभी को होली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यहां हर साल सात दिन का भगोरिया पर्व रहता है और ये हमारी परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। जब हमारी रबी की फसल होती है, उसके बाद हमारी संस्कृति और वेशभूषा में उत्साह से मनाते हुए हमारे आदिवासी भाई बहन इसे सात दिनों तक मानते हैं। और इसे मानने से हमारे जो छोटे-मोटे दुकानदार भाई हैं, उन्हें भी इससे फायदा होता है। इस हाट के माध्यम से हम अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं।

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