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Khandwa News: चार साल पहले नौ लोगों ने मिलकर दगड़ू को उतारा था मौत के घाट, अब सबको मिला आजीवन कारावास
Tue, 06 Feb 2024 04:16 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 06 Feb 2024 04:16 PM IST
सार
चार साल पहले नौ लोगों ने मिलकर दगड़ू की हत्या की थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के खंडवा की जिला कोर्ट ने हत्या के एक बड़े मामले में कुल नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दरअसल, साल 2019 में नर्मदा नादी के एक्वाडक्ट पुल पर हुई मृतक दगड़ू की हत्या के मामले में मांधाता थाना पुलिस की जांच और सबूतों के आधार पर चार साल तक सुनवाई चली। उसके बाद जिले के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार चौधरी ने सभी आरोपियों के लिए उम्रकैद का फैसला सुनाया है।
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खंडवा नगर के जिला एवं सत्र न्यायालय में सोमवार को न्यायाधीश सुधीर कुमार चौधरी ने हत्याकांड के एक मामले में आरोपी बनाए गए कुल नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस पूरे मामले के बारे में बताते हुए अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके ने बताया कि यह घटना 17 सितंबर 2019 की है, जब देवेश सिंह नाम के एक शख्स ने मांधाता पुलिस को सूचना दी थी कि बड़वाह मोरटक्का के बीच बने एक्वाडक्ट पुल पर वह सुबह घूमने के लिए गया तो वहां सीमेंट की पाल सहित आसपास खून पड़ा हुआ दिखा। जब उसने नहर के अंदर झांक कर देखा, तो एक व्यक्ति की लाश पड़ी दिखाई दी। कुछ देर बाद पुलिस के आने पर शव को बाहर निकाला गया।
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इस तरह हुआ हत्या का खुलासा
अभियोजन प्रभारी ने बताया कि शव देखकर गांव के उप सरपंच मोहन प्रजापत ने उसकी शिनाख्त मृतक राहुल उर्फ दगड़ू पिता भवानीलाल गुर्जर निवासी दशहरा मैदान बड़वाह जिला खरगोन के रूप में की थी। पुलिस को शव के पास से एक चाकू, चिलम व गाड़ी की चाबी भी मिली, जिस पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इस दौरान मृतक के घर वालों ने बताया था कि एक दिन पहले 16 सितंबर 2019 को मृतक का साथी विक्की उर्फ विकास उसे उसके घर से साथ ले गया था। पुलिस ने जब विक्की उर्फ विकास से पूछताछ की तो उसने हत्याकांड का खुलासा किया।
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उसने बताया कि मृतक राहुल की राजू बाउंसर हत्याकांड में गवाही देने के कारण दीपक तंवर, शुभम सेन, सिब्बू उर्फ शिवम से दुश्मनी थी। इसी खुन्नस के चलते ही इन लोगों जिनमे आरोपी ऋषभ, पुष्पेंद्र, रोहित दरबार, राहुल, ओमप्रकाश व अर्जुन थे। सभी साथ मिलकर उसको और मृतक राहुल उर्फ दगडू को जबरेश्वर मंदिर मोरटक्का से अलग-अलग मोटर साइकिल पर बैठाए और एक्वाडक्ट नहर के पास ले गए थे।
चाकू से मारकर भाग गए थे आरोपी
पुलिस जांच में मृतक के साथी विक्की उर्फ विकास ने बताया कि पहले तो एक्वाडक्ट पुल पर उसके और मृतक राहुल के साथ आरोपीगण ने मारपीट की, जिसके बाद आरोपीगण ने चाकू से मृतक राहुल उर्फ दगडू को मार डाला और वहां से भाग गए, जिसके बाद पुलिस टीम के द्वारा जुटाए साक्ष्य और गवाह के बयानों के आधार पर कोर्ट में डायरी पेश की गई। इस पर कोर्ट ने हत्याकांड में शामिल सभी नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इन नौ आरोपियों को मिली उम्रकैद की सजा
खंडवा न्यायालय ने बड़वाह के आरोपीगण सिब्बू उर्फ शिवम पिता मोहन कंडेरा (25) पुष्पेंद्र पिता घनश्याम (26), ऋषभ पिता आमा उर्फ नर्मदाशंकर (20), दीपक तंवर पिता गोपाल तंवर (22), रोहित पिता राजेंद्र (19), राहुल परमार पिता रमेश परमार (25), शुभम सेन पिता सुरेश सेन (22), ओमप्रकाश प्रजापति पिता दुलीचंद प्रजापति (32), अर्जुन पिता केदार (19) को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। आरोपियों को हत्या करने की धाराओं में उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया है। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी एडीपीओ विनोद कुमार पटेल ने की।
